फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   कोसी और दाबका क्षेत्र में स्टोन क्रशरों के लाइसेंस निरस्त

कोसी और दाबका क्षेत्र में स्टोन क्रशरों के लाइसेंस निरस्त

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 20 May 2019 01:27 AM IST
विज्ञापन
कोसी और दाबका क्षेत्र में स्टोन क्रशरों के लाइसेंस निरस्त
रामनगर (नैनीताल)। एनजीटी ने कोसी और दाबका नदियों के रामनगर, काशीपुर और बाजपुर क्षेत्र में स्टोन क्रशर के संचालन और स्थापना (सीटीई या सीटीओ) लाइसेंस जारी करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। साथ ही एनजीटी ने वे लाइसेंस भी निरस्त किए हैं जो पिछले वर्ष इस क्षेत्र में स्थापना या संचालन के लिए जारी किए गए थे।
विज्ञापन

सक्खनपुर निवासी अनिलपुरी, शीतल सरीन, पवनपुरी आदि ने एनजीटी में याचिका दायर कर कहा था कि क्षेत्र में अंधाधुंध नए क्रशरों के लाइसेंस बांटे जा रहे हैं, जिससे आम और लीची के लिए विख्यात इस क्षेत्र का पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। कार्बेट का पर्यावरण भी दूषित हो रहा है। अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली ने बताया कि गांव में लग रहे मनराल स्टोन क्रशर और आरके स्टोन क्रशर के निर्माण के विरुद्ध गांव के लोगाें ने एनजीटी का दरवाजा खटखटाया था। एनजीटी ने सख्ती रुख अपनाया तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मनराल स्टोन क्रशर का लाइसेंस निरस्त कर दिया। इसके खिलाफ मनराल स्टोन क्रशर ने एनजीटी में पुनर्विचार प्रार्थना पत्र दाखिल किया। 15 मई को एनजीटी ने इस प्रार्थना पत्र को निरस्त करते हुए कोसी और दाबका क्षेत्र में इन नदियों की वैज्ञानिक दोहन क्षमता का निर्धारण न होने तक सभी नए स्टोन क्रशर लगाने और लाइसेंस जारी करने पर रोक लगा दी है। ग्रामीणों का यह भी कहना था कि कोसी नदी और दाबका की खनन क्षमता से कहीं अधिक स्टोन क्रशर लगने से अवैध खनन भी बढ़ रहा है।
विज्ञापन


कोसी और दाबका क्षेत्र में स्टोन क्रशरों के लाइसेंस निरस्त
एनजीटी ने नए लाइसेंस जारी करने पर भी रोक लगाई
एनजीटी ने दोनों नदियों की दोहन क्षमता का आकलन करने को भी कहा
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed