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होटल सीज करने की बात पर हंगामा
Updated Sat, 18 Aug 2018 01:28 AM IST
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हल्द्वानी। दिल्ली से आए बैंक अधिकारियों द्वारा रामपुर रोड स्थित होटल सील करने की बात को लेकर शुक्रवार दोपहर हंगामा खड़ा हो गया। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप कर बैैंक अधिकारियों और होटल मालिक की बातचीत कराई। बैंक अधिकारियों ने बातचीत कर होटल मालिक को किस्त जमा करने के लिए एक माह की मोहलत दी।
दिल्ली के आसफ अली रोड स्थित यूनियन बैंक से प्रबंधक धीरज झा के नेतृत्व में आधा दर्जन लोगों की टीम टीपीनगर कोतवाली पुलिस के पास पहुंची। बैंक अधिकारियों ने पुलिस को बताया कि देवलचौड़ स्थित बैंक पर सात करोड़ 75 लाख 54 हजार रुपये बकाया हैं। होटल प्रबंधक ने 2008 में कर्ज लिया था। इसके बदले काफी पैसा होटल प्रबंधन ने चुकता भी किया। इस मामले में बैंक अधिकारियों ने होटल सील करने के लिए पुलिस बल मांगा। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम होटल में पहुंची। बैंक अधिकारियों ने होटल मालिक से सील करने की बात कही। बैंक अधिकारियों के व्यवहार को लेकर प्रबंधन से जुड़े लोग भी गुस्से में आ गए। तीखी बहस के चलते होटल में हंगामा खड़ा हो गया। चौकी प्रभारी अजेंद्र कुमार ने दोनों पक्षों को समझाकर माहौल शांत किया। बैंक अधिकारी और होटल प्रबंधक एक साथ बात करने के लिए तैयार हो गए। होटल प्रबंधन का कहना था कि उन्होंने दस करोड़ का भुगतान किस्तों में किया है लेकिन बैंक अधिकारी समय देने के बजाय दुर्व्यवहार करने की कोशिश कर रहे हैं। अंत में बैंक अधिकारियों ने बैंक की किस्त डेढ़ करोड़ जमा करने के लिए एक महीने की मोहलत दी और चले गए। इसकी पुष्टि टीपीनगर चौकी प्रभारी ने की है।
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पुलिस के हस्तक्षेप के बाद एक माह की दी मोहलत
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दिल्ली के आसफ अली रोड स्थित यूनियन बैंक से प्रबंधक धीरज झा के नेतृत्व में आधा दर्जन लोगों की टीम टीपीनगर कोतवाली पुलिस के पास पहुंची। बैंक अधिकारियों ने पुलिस को बताया कि देवलचौड़ स्थित बैंक पर सात करोड़ 75 लाख 54 हजार रुपये बकाया हैं। होटल प्रबंधक ने 2008 में कर्ज लिया था। इसके बदले काफी पैसा होटल प्रबंधन ने चुकता भी किया। इस मामले में बैंक अधिकारियों ने होटल सील करने के लिए पुलिस बल मांगा। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम होटल में पहुंची। बैंक अधिकारियों ने होटल मालिक से सील करने की बात कही। बैंक अधिकारियों के व्यवहार को लेकर प्रबंधन से जुड़े लोग भी गुस्से में आ गए। तीखी बहस के चलते होटल में हंगामा खड़ा हो गया। चौकी प्रभारी अजेंद्र कुमार ने दोनों पक्षों को समझाकर माहौल शांत किया। बैंक अधिकारी और होटल प्रबंधक एक साथ बात करने के लिए तैयार हो गए। होटल प्रबंधन का कहना था कि उन्होंने दस करोड़ का भुगतान किस्तों में किया है लेकिन बैंक अधिकारी समय देने के बजाय दुर्व्यवहार करने की कोशिश कर रहे हैं। अंत में बैंक अधिकारियों ने बैंक की किस्त डेढ़ करोड़ जमा करने के लिए एक महीने की मोहलत दी और चले गए। इसकी पुष्टि टीपीनगर चौकी प्रभारी ने की है।
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