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रामनगर में कोर्ट के बाहर बीडीसी मेंबर की गोली मारकर हत्या
Updated Sun, 02 Sep 2018 02:17 AM IST
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रामनगर अस्पताल के बाहर लगी लोगों की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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रामनगर (नैनीताल)। बीडीसी सदस्य और खनन कारोबारी वीरेंद्र सिंह मनराल की शनिवार को कोर्ट के बाहर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। कार में घात लगाकर बैठे हत्यारे वारदात को अंजाम देकर कार से ही फरार हो गए। कुछ दूर जाकर उन्होंने कार छोड़ दी और कॉर्बेट पार्क के बिजरानी जंगल की ओर पैदल ही भाग निकले।
हत्या का कारण पुरानी रंजिश और रुपयों के लेनदेन का विवाद बताया जा रहा है। वारदात से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने ब्लॉक प्रमुख समेत चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाकर कोतवाली में हंगामा काटा। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने ब्लॉक प्रमुख की गिरफ्तारी होने तक दाह संस्कार नहीं करने का एलान किया है। बता दें कि वीरेंद्र सिंह मनराल हिस्ट्रीशीटर रहा है।
मदनपुर बोरा छोई निवासी बीडीसी मेंबर वीरेंद्र मनराल उर्फ बीरू (38) पुत्र शेर सिंह मनराल दो साल पहले हुए हेमंत फर्त्याल हत्याकांड में नामजद था। हेमंत की हत्या खनन कारोबार में वर्चस्व को लेकर हुई थी। इसी केस में शनिवार को रामनगर कोर्ट में बीरू की तारीख थी। दोपहर लगभग डेढ़ बजे जब वह कोर्ट से बाहर निकलकर करीब एक सौ कदम दूर राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान के बाहर खड़ी अपनी कार की ओर जा रहा था, तभी घात लगाए बैठे कार सवार लोगों में से एक ने कार से उतरकर उसे गोली मार दी। गोली बीरू की पसलियों में लगी। गोली लगने पर बीरू सड़क की ओर भागा, लेकिन कुछ दूर जाकर गिर पड़ा। इधर, हत्यारे कार से भागे और कुछ दूर कार छोड़कर जंगल की दीवार फांदकर फरार हो गए। ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी ने अपनी कार से घायल बीरू को संयुक्त अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए हंगामा
बीरू की हत्या की खबर मिलते ही उनके भाई शिव सिंह मनराल और दीवान सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण अस्पताल पहुंचे। इस बीच, सीओ रामनगर लोकजीत सिंह भी अस्पताल पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर ही रहे थे कि एसएसपी भी आ गए। उन्हें देखते ही परिजनों ने ब्लॉक प्रमुख पर वीरेंद्र की हत्या का आरोप लगाते हुए एसएसपी से उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। गुस्साए ग्रामीण कोतवाली में हंगामा कर मुकदमा दर्ज करने के बाद ही पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़ गए। पुलिस ने ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी, हरीश फर्त्याल, गैबुवा निवासी सोनू कांडपाल, देवेंद्र बाऊ के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की। तब जाकर पोस्टमार्टम शुरू हुआ। देर शाम पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन वीरेंद्र के शव को घर ले गए हैं। इस दौरान एसडीएम परितोष वर्मा भी मौजूद रहे।
हत्यारोपी बाऊ और मृतक बीरू थे हेमंत की हत्या में नामजद
पुलिस के अनुसार वीरेंद्र मनराल बीरू और देवेंद्र बाऊ में कभी अच्छी छनती थी। दो साल पहले खनन में वर्चस्व की जंग में हेमंत फर्त्याल का मर्डर हो गया था। उस केस में बाऊ के साथ बीरू को भी साजिशकर्ता के रूप में आरोपी बनाया गया था। पुलिस के अनुसार चर्चा है कि तब बीरू और बाऊ के बीच रुपयों की डील हुई थी। बीरू ने बाऊ को तयशुदा रकम नहीं दी, चर्चा है कि इसी की रंजिश में बीरू हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने कहा कि पुलिस का पूरा ध्यान पहले मुख्य आरोपी देवेंद्र उर्फ बाऊ की गिरफ्तारी पर है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। मृतक के परिजनों की तहरीर में ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी पर शक जाहिर किया गया है। सबसे पहले घटना के मुख्य आरोपी को पकड़ना है, उसके बाद जांच में यदि ब्लॉक प्रमुख की संलिप्ता पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी। हत्यारों की तलाश में जंगल में कांबिंग कराई जा रही है। प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश और पैसों के लेनदेन के चक्कर में हत्या की बात सामने आ रही है। जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
दिनदहाड़े हुए हत्याकांड में ब्लाक प्रमुख समेत चार लोगों पर नामजद मुकदमा दर्ज
गोली मारने के बाद कार छोड़कर जंगल की ओर भागे हत्यारे, पुलिस जांच में जुटी
ब्लाक प्रमुख की गिरफ्तारी नहीं होने तक परिजनों ने किया दाह संस्कार से इनकार
हत्यारोपियों में एक बाऊ हेमंत फर्त्याल की हत्या में बीरू के साथ नामजद रहा है
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हत्या का कारण पुरानी रंजिश और रुपयों के लेनदेन का विवाद बताया जा रहा है। वारदात से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने ब्लॉक प्रमुख समेत चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाकर कोतवाली में हंगामा काटा। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने ब्लॉक प्रमुख की गिरफ्तारी होने तक दाह संस्कार नहीं करने का एलान किया है। बता दें कि वीरेंद्र सिंह मनराल हिस्ट्रीशीटर रहा है।
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मदनपुर बोरा छोई निवासी बीडीसी मेंबर वीरेंद्र मनराल उर्फ बीरू (38) पुत्र शेर सिंह मनराल दो साल पहले हुए हेमंत फर्त्याल हत्याकांड में नामजद था। हेमंत की हत्या खनन कारोबार में वर्चस्व को लेकर हुई थी। इसी केस में शनिवार को रामनगर कोर्ट में बीरू की तारीख थी। दोपहर लगभग डेढ़ बजे जब वह कोर्ट से बाहर निकलकर करीब एक सौ कदम दूर राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान के बाहर खड़ी अपनी कार की ओर जा रहा था, तभी घात लगाए बैठे कार सवार लोगों में से एक ने कार से उतरकर उसे गोली मार दी। गोली बीरू की पसलियों में लगी। गोली लगने पर बीरू सड़क की ओर भागा, लेकिन कुछ दूर जाकर गिर पड़ा। इधर, हत्यारे कार से भागे और कुछ दूर कार छोड़कर जंगल की दीवार फांदकर फरार हो गए। ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी ने अपनी कार से घायल बीरू को संयुक्त अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए हंगामा
बीरू की हत्या की खबर मिलते ही उनके भाई शिव सिंह मनराल और दीवान सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण अस्पताल पहुंचे। इस बीच, सीओ रामनगर लोकजीत सिंह भी अस्पताल पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर ही रहे थे कि एसएसपी भी आ गए। उन्हें देखते ही परिजनों ने ब्लॉक प्रमुख पर वीरेंद्र की हत्या का आरोप लगाते हुए एसएसपी से उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। गुस्साए ग्रामीण कोतवाली में हंगामा कर मुकदमा दर्ज करने के बाद ही पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़ गए। पुलिस ने ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी, हरीश फर्त्याल, गैबुवा निवासी सोनू कांडपाल, देवेंद्र बाऊ के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की। तब जाकर पोस्टमार्टम शुरू हुआ। देर शाम पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन वीरेंद्र के शव को घर ले गए हैं। इस दौरान एसडीएम परितोष वर्मा भी मौजूद रहे।
हत्यारोपी बाऊ और मृतक बीरू थे हेमंत की हत्या में नामजद
पुलिस के अनुसार वीरेंद्र मनराल बीरू और देवेंद्र बाऊ में कभी अच्छी छनती थी। दो साल पहले खनन में वर्चस्व की जंग में हेमंत फर्त्याल का मर्डर हो गया था। उस केस में बाऊ के साथ बीरू को भी साजिशकर्ता के रूप में आरोपी बनाया गया था। पुलिस के अनुसार चर्चा है कि तब बीरू और बाऊ के बीच रुपयों की डील हुई थी। बीरू ने बाऊ को तयशुदा रकम नहीं दी, चर्चा है कि इसी की रंजिश में बीरू हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने कहा कि पुलिस का पूरा ध्यान पहले मुख्य आरोपी देवेंद्र उर्फ बाऊ की गिरफ्तारी पर है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। मृतक के परिजनों की तहरीर में ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी पर शक जाहिर किया गया है। सबसे पहले घटना के मुख्य आरोपी को पकड़ना है, उसके बाद जांच में यदि ब्लॉक प्रमुख की संलिप्ता पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी। हत्यारों की तलाश में जंगल में कांबिंग कराई जा रही है। प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश और पैसों के लेनदेन के चक्कर में हत्या की बात सामने आ रही है। जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
दिनदहाड़े हुए हत्याकांड में ब्लाक प्रमुख समेत चार लोगों पर नामजद मुकदमा दर्ज
गोली मारने के बाद कार छोड़कर जंगल की ओर भागे हत्यारे, पुलिस जांच में जुटी
ब्लाक प्रमुख की गिरफ्तारी नहीं होने तक परिजनों ने किया दाह संस्कार से इनकार
हत्यारोपियों में एक बाऊ हेमंत फर्त्याल की हत्या में बीरू के साथ नामजद रहा है