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रेलवे ट्रेक से फिश प्लेट चोरी करने वाले को भेजा जेल
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- फोटो : getty images
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हल्द्वानी। दो नशेड़ियों ने नशे की डोज के जुगाड़ के लिए रेल यात्रियों की जान जोखिम में डालने की मंशा पालकर ट्रैक से फिश प्लेट उखाड़ी थी। दोनों की योजना उन्हें कबाड़ी को बेचने की थी लेकिन एक जीआरपी और आरपीएफ के हत्थे चढ़ गया। उसे मंगलवार को जेल भेज दिया गया है। अब उसके साथी की तलाश की जा रही है।
आंवला गेट और तीन पानी के बीच दो फिश प्लेट के साथ एक आरोपी को सोमवार को दबोचा गया था। पीछा करने में आरपीएफ का आरक्षी अमरदीप प्रजापति घायल हो गया था। पकड़े गए वासिद (21) निवासी लाइन 18 बनभूलपुरा के खिलाफ आरपीएफ ने 3 आरपी यूपी एक्ट ( रेल संपत्ति अवैध कब्जा अधिनियम) के तहत मुकदमा दर्ज किया। उसने काठगोदाम आरपीएफ थाना प्रभारी रणदीप कुमार को बताया कि भागने वाला उसका साथी जुनैद है। दोनों एक साथ रेलवे ट्रैक से सामानों को चुराकर बेचते थे।
पुलिसकर्मियों का कहना था कि नशे के सौदागर 10 रुपये की कीमत वाले एक इंजेक्शन को करीब 300 रुपए में बेच रहे हैं। नशे की डोज का जुगाड़ करने के लिए दोनों आरोपियों ने रेलवे की घटना की। रेलवे के अनुसार फिश प्लेट की कीमत करीब सात हजार रुपये हैं। दोनों कम दाम पर फिश प्लेट कबाड़ी को बेचने की योजना बना रहे थे। आरपीएफ का कहना है कि जुनैद का घर और ससुराल लाइन नंबर 18 में है। नशे का आदी होने के कारण उसके परिजनों से दूरी बनाना शुरू कर दिया था। वह अपने ससुराल में चार बेटियों के साथ रहता है।
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नशे के जुगाड़ के लिए उखाड़ दी फिश प्लेट
कबाड़ी को बेचने की थी योजना, आरोपी को जेल भेजा, साथी की तलाश में दबिश
रेलवे की सुरक्षा में स्टाफ की कमी पड़ रही है भारी
हल्द्वानी। रेलवे ट्रैक की सुरक्षा की जिम्मेदारी रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के पास रहती है लेकिन काठगोदाम आरपीएफ थाने में कुल स्वीकृत 23 पदों में से 19 पदों पर ही तैनाती है। एक सब इंस्पेक्टर और 3 हेड कांस्टेबलों की कमी के चलते रेलवे की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। आरपीएफ पुलिस के 2 जवान रोजाना बाघ एक्सप्रेस में सुरक्षा के लिहाज से चलते हैं। इसके अलावा ट्रैक सुरक्षा, बस रेड, कैंप कोर्ट में भी जीआरपी पुलिस तैनात रहती है।
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आंवला गेट और तीन पानी के बीच दो फिश प्लेट के साथ एक आरोपी को सोमवार को दबोचा गया था। पीछा करने में आरपीएफ का आरक्षी अमरदीप प्रजापति घायल हो गया था। पकड़े गए वासिद (21) निवासी लाइन 18 बनभूलपुरा के खिलाफ आरपीएफ ने 3 आरपी यूपी एक्ट ( रेल संपत्ति अवैध कब्जा अधिनियम) के तहत मुकदमा दर्ज किया। उसने काठगोदाम आरपीएफ थाना प्रभारी रणदीप कुमार को बताया कि भागने वाला उसका साथी जुनैद है। दोनों एक साथ रेलवे ट्रैक से सामानों को चुराकर बेचते थे।
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पुलिसकर्मियों का कहना था कि नशे के सौदागर 10 रुपये की कीमत वाले एक इंजेक्शन को करीब 300 रुपए में बेच रहे हैं। नशे की डोज का जुगाड़ करने के लिए दोनों आरोपियों ने रेलवे की घटना की। रेलवे के अनुसार फिश प्लेट की कीमत करीब सात हजार रुपये हैं। दोनों कम दाम पर फिश प्लेट कबाड़ी को बेचने की योजना बना रहे थे। आरपीएफ का कहना है कि जुनैद का घर और ससुराल लाइन नंबर 18 में है। नशे का आदी होने के कारण उसके परिजनों से दूरी बनाना शुरू कर दिया था। वह अपने ससुराल में चार बेटियों के साथ रहता है।
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नशे के जुगाड़ के लिए उखाड़ दी फिश प्लेट
कबाड़ी को बेचने की थी योजना, आरोपी को जेल भेजा, साथी की तलाश में दबिश
रेलवे की सुरक्षा में स्टाफ की कमी पड़ रही है भारी
हल्द्वानी। रेलवे ट्रैक की सुरक्षा की जिम्मेदारी रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के पास रहती है लेकिन काठगोदाम आरपीएफ थाने में कुल स्वीकृत 23 पदों में से 19 पदों पर ही तैनाती है। एक सब इंस्पेक्टर और 3 हेड कांस्टेबलों की कमी के चलते रेलवे की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। आरपीएफ पुलिस के 2 जवान रोजाना बाघ एक्सप्रेस में सुरक्षा के लिहाज से चलते हैं। इसके अलावा ट्रैक सुरक्षा, बस रेड, कैंप कोर्ट में भी जीआरपी पुलिस तैनात रहती है।