{"_id":"59ab1a6b4f1c1b3e738b4e65","slug":"150438565420-kaladungi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा की पुलिस ने छाना कालाढूंगी का जंगल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हरियाणा की पुलिस ने छाना कालाढूंगी का जंगल
Updated Sun, 03 Sep 2017 02:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कालाढूंगी (नैनीताल)। 2013 में हुए हरियाणा के यमुनानगर निवासी कारोबारी बंशीलाल हत्याकांड में हरियाणा पुलिस की अपराध शाखा की टीम ने कालाढूंगी पहुंचकर तीन दिन तक जंगल खंगाला लेकिन बंशीलाल का कंकाल नहीं मिला। शनिवार को टीम बैरंग लौट गई।
हरियाणा पुलिस की अपराध शाखा के इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह ने बताया कि 17 अगस्त 2013 को बिल्डिंग लिफ्ंिटग करने वाले कारोबारी बंशीलाल अचानक घर से गायब हो गए थे। परिजनों ने यमुनानगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जब बंशीलाल का कहीं कोई पता नहीं चला तो पुलिस ने मामले में चार्ज शीट लगाकर केस बंद कर दिया था। हरियाणा हाइकोर्ट से मामले में दोबारा जांच के आदेश के बाद पिछले 28 अगस्त को मामला अपराध शाखा को मिला। इंस्पेक्टर नरेंद्र ने बताया कि जांच में शक की सुई बंशीलाल के साले महावीर की ओर घूमी। सख्ती से पूछताछ में महावीर ने अपने बहनोई बंशीलाल की गोली मारकर हत्या करने का जुर्म कबूल लिया। बंशीलाल को मारने में यमुनानगर के ही राजीव और सोहन लाल ने महावीर का साथ दिया। महावीर व उसके साथी राजीव व सोहनलाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी के अनुसार शव को कालाढूंगी-नैनीताल रोड पर जंगल में फेंका गया था। हरियाणा पुलिस ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल पर कंकाल को तलाशा गया लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
बंशीलाल को नैनीताल घुमाने के बहाने लाया था साला
इंस्पेक्टर नरेंद्र ने बताया कि महावीर से जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि 16 अगस्त 2013 को वह अपने बहनोई को नैनीताल घुमाने के बहाने यहां लाया। इस बीच उन्होंने जमकर शराब पी। 17 अगस्त की सुबह करीब छह बजे कालाढूंगी से तीन किमी दूर नैनीताल रोड पर उन्होंने नशे में धुत बहनोई बंशीलाल को कार से उतारा। बंशीलाल को सड़क किनारे लगे पिलर पर बैठाकर सिर में पिस्टल से तीन गोलियां मारीं और लाश को गधेरे में फेंक दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
हरियाणा पुलिस की अपराध शाखा के इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह ने बताया कि 17 अगस्त 2013 को बिल्डिंग लिफ्ंिटग करने वाले कारोबारी बंशीलाल अचानक घर से गायब हो गए थे। परिजनों ने यमुनानगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जब बंशीलाल का कहीं कोई पता नहीं चला तो पुलिस ने मामले में चार्ज शीट लगाकर केस बंद कर दिया था। हरियाणा हाइकोर्ट से मामले में दोबारा जांच के आदेश के बाद पिछले 28 अगस्त को मामला अपराध शाखा को मिला। इंस्पेक्टर नरेंद्र ने बताया कि जांच में शक की सुई बंशीलाल के साले महावीर की ओर घूमी। सख्ती से पूछताछ में महावीर ने अपने बहनोई बंशीलाल की गोली मारकर हत्या करने का जुर्म कबूल लिया। बंशीलाल को मारने में यमुनानगर के ही राजीव और सोहन लाल ने महावीर का साथ दिया। महावीर व उसके साथी राजीव व सोहनलाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी के अनुसार शव को कालाढूंगी-नैनीताल रोड पर जंगल में फेंका गया था। हरियाणा पुलिस ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल पर कंकाल को तलाशा गया लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
विज्ञापन
बंशीलाल को नैनीताल घुमाने के बहाने लाया था साला
इंस्पेक्टर नरेंद्र ने बताया कि महावीर से जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि 16 अगस्त 2013 को वह अपने बहनोई को नैनीताल घुमाने के बहाने यहां लाया। इस बीच उन्होंने जमकर शराब पी। 17 अगस्त की सुबह करीब छह बजे कालाढूंगी से तीन किमी दूर नैनीताल रोड पर उन्होंने नशे में धुत बहनोई बंशीलाल को कार से उतारा। बंशीलाल को सड़क किनारे लगे पिलर पर बैठाकर सिर में पिस्टल से तीन गोलियां मारीं और लाश को गधेरे में फेंक दिया।
विज्ञापन