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कृष्णासेन ने अपने पिता की भी आंख फोड़ दी थी
Updated Sun, 25 Feb 2018 02:39 AM IST
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हल्द्वानी। बिजनौर जिले के धामपुर से लौटी पुलिस टीम को छानबीन से पता चला कि जेल में बंद कृष्णासेन उर्फ स्वीटी पहले से काफी शैतान थी। उसने अपने पिता की आंख फोड़ दी थी। पिता परिवार से अलग रहने लगे थे। स्वीटी घर छोड़ने के बाद लड़की से लड़का बन गई थी।
एसएसपी जन्मेजय खंडूरी के निर्देश पर विवेचक मंजू ज्याला के साथ पुलिस की एक टीम जेल में बंद कृष्णासेन के पैतृक घर बिजनौर जिले के धामपुर गई थी। पुलिस की पूछताछ से पता चला कि कृष्णा उर्फ स्वीटी बचपन से ही शैतान थी। इसके आगे पीछे लड़कों का जमावड़ा लगा रहा था। पिता के विरोध करने पर स्वीटी ने उनके आंख पर वार कर दिया था। पिता चंद्रसेन परिवार से दुखी होकर अन्य स्थान पर मकान लेकर रहने लगे थे। पड़ोसियों ने बताया कि स्वीटी घीरेंद्र और पुनीत नामक युवकों को शादी का झांसा देकर काफी पैसा ऐंठती थी। जाति से स्वीटी बंगाली नहीं, माली है। पिता के नाम के अंत में सेन के नाम रखा था। धामपुर में वह लड़की के तौर पर रहती थी। 2011 में पुनीत नामक युवक की मौत होने पर उसने घर छोड़ दिया था। उत्तराखंड आने पर वह लड़का बन गई। पडो़स के लोग भी कृष्णा के परिवार से ताल्लुक नहीं रहते हैं। चार भाई बहनों में कृष्णा तीसरे नंबर की है। उसका बड़ा भाई पिता की जगह बिजली विभाग में नौकरी करता है। स्वीटी के पीएनबी बैंक के खाते में 22 लाख के लेनदेन हुए हैं। कई लोगों ने कृष्णा को दो लाख या तीन लाख की रकम दी है। उसकी डायरी में 50 लाख की एफडी का जिक्र है। पुलिस उसके आय के स्रोतों के बारे में छानबीन कर रही है। कौन लोग कृष्णा पर मेहरबान होकर पैसे बरसा रहे थे। कृष्णा उर्फ स्वीटी की गिरफ्तारी होने के दूसरे दिन परिवार के लोग घर बंद कर चले गए। घर में उसके तीन कुत्ते मौजूद हैं। पड़ोसी कुत्तों को खाना खिला रहे हैं।
पीएनबी खाते में लाखों रुपये, 50 लाख की एफडी का पता नहीं
आधारकार्ड में पता बदले, 2011 के बाद बनी लड़की से लड़का
आधार कार्ड में पता बदले
आधार कार्ड में कृष्णा पुत्री चंद्रसेन पता धामपुर लिखा है। वहीं दूसरे आधार कार्ड मेें गणेश बिहार हरिद्वार का पता दर्ज हैं। पुलिस का मानना है कि उसने अपने आधारकार्ड में भी हेरफेर किया है।
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एसएसपी जन्मेजय खंडूरी के निर्देश पर विवेचक मंजू ज्याला के साथ पुलिस की एक टीम जेल में बंद कृष्णासेन के पैतृक घर बिजनौर जिले के धामपुर गई थी। पुलिस की पूछताछ से पता चला कि कृष्णा उर्फ स्वीटी बचपन से ही शैतान थी। इसके आगे पीछे लड़कों का जमावड़ा लगा रहा था। पिता के विरोध करने पर स्वीटी ने उनके आंख पर वार कर दिया था। पिता चंद्रसेन परिवार से दुखी होकर अन्य स्थान पर मकान लेकर रहने लगे थे। पड़ोसियों ने बताया कि स्वीटी घीरेंद्र और पुनीत नामक युवकों को शादी का झांसा देकर काफी पैसा ऐंठती थी। जाति से स्वीटी बंगाली नहीं, माली है। पिता के नाम के अंत में सेन के नाम रखा था। धामपुर में वह लड़की के तौर पर रहती थी। 2011 में पुनीत नामक युवक की मौत होने पर उसने घर छोड़ दिया था। उत्तराखंड आने पर वह लड़का बन गई। पडो़स के लोग भी कृष्णा के परिवार से ताल्लुक नहीं रहते हैं। चार भाई बहनों में कृष्णा तीसरे नंबर की है। उसका बड़ा भाई पिता की जगह बिजली विभाग में नौकरी करता है। स्वीटी के पीएनबी बैंक के खाते में 22 लाख के लेनदेन हुए हैं। कई लोगों ने कृष्णा को दो लाख या तीन लाख की रकम दी है। उसकी डायरी में 50 लाख की एफडी का जिक्र है। पुलिस उसके आय के स्रोतों के बारे में छानबीन कर रही है। कौन लोग कृष्णा पर मेहरबान होकर पैसे बरसा रहे थे। कृष्णा उर्फ स्वीटी की गिरफ्तारी होने के दूसरे दिन परिवार के लोग घर बंद कर चले गए। घर में उसके तीन कुत्ते मौजूद हैं। पड़ोसी कुत्तों को खाना खिला रहे हैं।
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पीएनबी खाते में लाखों रुपये, 50 लाख की एफडी का पता नहीं
आधारकार्ड में पता बदले, 2011 के बाद बनी लड़की से लड़का
आधार कार्ड में पता बदले
आधार कार्ड में कृष्णा पुत्री चंद्रसेन पता धामपुर लिखा है। वहीं दूसरे आधार कार्ड मेें गणेश बिहार हरिद्वार का पता दर्ज हैं। पुलिस का मानना है कि उसने अपने आधारकार्ड में भी हेरफेर किया है।
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