{"_id":"5c61d9a6bdec2259b05bc0ef","slug":"11549916582-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घरों से लेकर हॉस्टल व स्कूल कॉलेजों तक में पहुंचा नशा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
घरों से लेकर हॉस्टल व स्कूल कॉलेजों तक में पहुंचा नशा
विज्ञापन
अपनों की मदद से इलाज कराया और फिर ले लिया इससे मुक्ति का संकल्प
- फोटो : twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नैनीताल। सरोवरनगरी में तीन साल के दौरान नगर में नशाखोरी बढ़ गई है। युवाओं से लेकर किशोर तक स्मैक के आदी हो रहे हैं। पुलिस कर्मियों के बच्चे भी नशाखोरी के जाल में फंस रहे हैं। रोहित तिवारी की हत्या के बाद नगर में चार तस्कर सक्रिय हैं।
उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों से बच्चे यहां पढ़ने आते हैं लेकिन घरों में रहने वाले युवाओं के साथ साथ हॉस्टलों, स्कूल कॉलेज में पढ़ने वाले बालिग, नाबालिग छात्र, छात्राएं नशे की चपेट में आ चुके हैं। हॉस्टलों के छात्रों से लेकर पेइंग गेस्ट के तौर पर रहने वाले विद्यार्थी भी नशेड़ी बन रहे हैं। हॉस्टल में अकेले रहने वाले छात्र आसानी से इसकी चपेट में आ जाते हैं। सोमवार को स्मैक साथ पकड़े गए अभिषेक नेगी ने बताया कि करीब एक साल पहले उसे स्मैक की लत लग गई थी। पिता से उसे हर महीने लगभग तीन हजार रुपये खर्च के लिए मिलते हैं, जिनसे उसका स्मैक का खर्च पूरा नहीं होता था। अब वह खुद ही स्मैक बेचकर शौक पूरे कर रहा था। तीन पुलिस कर्मियों के बच्चे भी स्मैक पी रहे हैं। कई बार पुलिस ने इन्हें नशेड़ियों के साथ पकड़ा भी है। उनकी काउंसलिंग भी करवाई है। रोहित तिवारी की हत्या के बाद पुलिस का सिरदर्द कुछ कम हो गया था, लेकिन रोहित की जगह चार सप्लायर सक्रिय हैं।
हॉस्टल, स्कूल कॉलेजों तक घुसा नशा
युवाओं से लेकर किशोर तक बन रहे नशेड़ी
रोहित तिवारी की हत्या के बाद नगर में चार नए तस्कर सक्रिय
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों से बच्चे यहां पढ़ने आते हैं लेकिन घरों में रहने वाले युवाओं के साथ साथ हॉस्टलों, स्कूल कॉलेज में पढ़ने वाले बालिग, नाबालिग छात्र, छात्राएं नशे की चपेट में आ चुके हैं। हॉस्टलों के छात्रों से लेकर पेइंग गेस्ट के तौर पर रहने वाले विद्यार्थी भी नशेड़ी बन रहे हैं। हॉस्टल में अकेले रहने वाले छात्र आसानी से इसकी चपेट में आ जाते हैं। सोमवार को स्मैक साथ पकड़े गए अभिषेक नेगी ने बताया कि करीब एक साल पहले उसे स्मैक की लत लग गई थी। पिता से उसे हर महीने लगभग तीन हजार रुपये खर्च के लिए मिलते हैं, जिनसे उसका स्मैक का खर्च पूरा नहीं होता था। अब वह खुद ही स्मैक बेचकर शौक पूरे कर रहा था। तीन पुलिस कर्मियों के बच्चे भी स्मैक पी रहे हैं। कई बार पुलिस ने इन्हें नशेड़ियों के साथ पकड़ा भी है। उनकी काउंसलिंग भी करवाई है। रोहित तिवारी की हत्या के बाद पुलिस का सिरदर्द कुछ कम हो गया था, लेकिन रोहित की जगह चार सप्लायर सक्रिय हैं।
विज्ञापन
हॉस्टल, स्कूल कॉलेजों तक घुसा नशा
युवाओं से लेकर किशोर तक बन रहे नशेड़ी
रोहित तिवारी की हत्या के बाद नगर में चार नए तस्कर सक्रिय