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कुविवि फर्जीवाड़े में मिला अहम सुराग, मुंबई की छात्रा ट्रेस
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नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय में हुए फर्जीवाड़े में पुलिस को अहम सुराग मिला है। पुलिस ने फर्जी मार्कशीट एवं डिग्री का प्रयोग कर मुंबई की शिक्षण संस्थान में बीएड में प्रवेश लेने वाली छात्रा का नाम, पता और मोबाइल नंबर ट्रेस किया है। वहीं, पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही छात्रा ने कॉलेज पहुंचकर अपना एडमिशन निरस्त कराने की गुहार लगाई है। अब छात्रा शिक्षण संस्थान में जमा अपनी फर्जी मार्कशीट एवं अन्य दस्तावेज वापस मांग रही है। पुलिस जल्द ही छात्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती है।
कुमाऊं विवि प्रशासन ने दिसंबर में सत्यापन के लिए आईं 23 से ज्यादा फर्जी डिग्रियां एवं मार्कशीट पकड़ी हैं। यह शैक्षणिक दस्तावेज 20 छात्र-छात्राओं के हैं। दस्तावेजों का प्रयोग कनाडा, दिल्ली, मुंबई और ब्रिटिश उच्चायोग में किया गया है। जालसाजों ने विभिन्न सरकारी, निजी और शिक्षण संस्थाओं में फर्जी मार्कशीट एवं डिग्रियों से लाभ लेने का प्रयास किया है।
दिसंबर में फर्जीवाड़े का यह प्रकरण सामने आने पर विवि प्रशासन की ओर से मल्लीताल कोतवाली में मुकदमा दर्ज करवाया गया। केस की विवेचना एसआई आशा बिष्ट कर रहीं हैं। दो महीने की जांच के बाद पुलिस ने मुंबई के एक शिक्षण संस्थान में एमए की फर्जी मार्कशीट के आधार पर बीएड में प्रवेश लेने वाली छात्रा का पूरा डाटा जुटा लिया है। पुलिस शिक्षण संस्थान के प्राचार्य तक भी पहुंच चुकी है। छात्रा को हिरासत में लेने के लिए पुलिस जल्द मुंबई जा सकती है। या फिर पुलिस किसी बहाने से छात्रा को यहां भी बुला सकती है। जांच में सहयोग न करने पर छात्रा की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
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वहीं, शनिवार को कॉलेज पहुंची छात्रा ने जमा किए अपने दस्तावेज वापस मांगे। हालांकि पुलिस ने कॉलेज से संपर्क कर छात्रा का प्रवेश रद्द करने और दस्तावेज वापस करने से सख्त मना कर दिया है। पुलिस का मानना है कि अगर छात्रा की एमए की फर्जी मार्कशीट बनाने वाला पकड़ा गया तो पूरा रैकेट पुलिस के शिकंजे में होगा।
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कुमाऊं विवि प्रशासन ने दिसंबर में सत्यापन के लिए आईं 23 से ज्यादा फर्जी डिग्रियां एवं मार्कशीट पकड़ी हैं। यह शैक्षणिक दस्तावेज 20 छात्र-छात्राओं के हैं। दस्तावेजों का प्रयोग कनाडा, दिल्ली, मुंबई और ब्रिटिश उच्चायोग में किया गया है। जालसाजों ने विभिन्न सरकारी, निजी और शिक्षण संस्थाओं में फर्जी मार्कशीट एवं डिग्रियों से लाभ लेने का प्रयास किया है।
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दिसंबर में फर्जीवाड़े का यह प्रकरण सामने आने पर विवि प्रशासन की ओर से मल्लीताल कोतवाली में मुकदमा दर्ज करवाया गया। केस की विवेचना एसआई आशा बिष्ट कर रहीं हैं। दो महीने की जांच के बाद पुलिस ने मुंबई के एक शिक्षण संस्थान में एमए की फर्जी मार्कशीट के आधार पर बीएड में प्रवेश लेने वाली छात्रा का पूरा डाटा जुटा लिया है। पुलिस शिक्षण संस्थान के प्राचार्य तक भी पहुंच चुकी है। छात्रा को हिरासत में लेने के लिए पुलिस जल्द मुंबई जा सकती है। या फिर पुलिस किसी बहाने से छात्रा को यहां भी बुला सकती है। जांच में सहयोग न करने पर छात्रा की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
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वहीं, शनिवार को कॉलेज पहुंची छात्रा ने जमा किए अपने दस्तावेज वापस मांगे। हालांकि पुलिस ने कॉलेज से संपर्क कर छात्रा का प्रवेश रद्द करने और दस्तावेज वापस करने से सख्त मना कर दिया है। पुलिस का मानना है कि अगर छात्रा की एमए की फर्जी मार्कशीट बनाने वाला पकड़ा गया तो पूरा रैकेट पुलिस के शिकंजे में होगा।