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एसोसिएट प्रोफेसर पर छात्र ने लगाया पीटने का आरोप
Updated Mon, 26 Mar 2018 01:50 AM IST
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hamla
- फोटो : demo
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हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज के छात्र ने एसोसिएट प्रोफेसर पर थप्पड़ जड़ने का आरोप लगाया तो बखेड़ा हो गया। मामला पुलिस तक पहुंचा गया। प्राचार्य ने भी छात्र के परिवार के लोगों को बुलाकर रात में बैठक बुलाई।
अल्मोड़ा जिले के ऐराड़ी बिष्ट पट्टी तल्ला चौकोट मौलेखाल निवासी देवेंद्र सिंह महरा पुत्र हर्ष सिंह महरा राजकीय मेडिकल कॉलेज में पीजी प्रथम वर्ष का छात्र है। उसने कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर में कहा कि 24 मार्च को उसकी ड्यूटी रात आठ बजे से 25 मार्च की सुबह आठ बजे तक थी। आरोप है कि रात करीब एक बजे एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार सिंह ने उसे इमरजेंसी (ओटी) में बुलाया। उस समय डॉ. विकास गुप्ता और आकाश भी वहां मौजूद थे। छात्र के अनुसार प्रोफेसर ने उसे विकास के चेंजिंग रूम में बुलाया। इस बीच ऑपरेशन के लिए लिटाए गए मरीज के बारे में पूछताछ की। उसने मरीज की बीमारी से प्रोफेसर को अवगत कराया। छात्र के अनुसार बिना कुछ कहे प्रोफेसर ने उसे थप्पड़ और लात घूसों से पीटने के बाद धमकी दी। कहा कि यहां से उसे पीजी नहीं करने देंगे। यह आरोप भी लगाया कि एसोसिएट प्रोफेसर शराब के नशे में धुत थे। इस मामले में कोतवाल ने शिकायती पत्र की जांच मेडिकल चौकी प्रभारी हरेंद्र सिंह नेगी को सौंपी है। पुलिस ने इस मामले में कालेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा को अवगत कराया है।
एसोसिएट प्रोफेसर के अधीन नहीं रहेगा मेरा बेटा
रविवार की रात 11 बजे प्राचार्य के साथ कॉलेज के प्रोफेसर भी उपस्थित रहे। इस बीच छात्र के पिता हर्ष सिंह ने प्राचार्य से अनुरोध किया कि उनका बेटा एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार सिंह के अधीन अध्ययन नहीं करेगा। भविष्य में एसोसिएट प्रोफेसर कुछ भी कर सकते हैं। प्राचार्य ने इस मामले में दोनों पक्षों की तरफ से शपथ पत्र मांगा है। देर रात तक कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका।
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एमएस करेंगे विभागीय जांच
प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि छात्र से मारपीट के आरोपों की जांच कॉलेज के एमएस डॉ. अरुण जोशी विभागीय जांच करेंगे। जांच अधिकारी घटना के कारणों और घटना की असलियत के बारे में रिपोर्ट देंगे। इसके बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।
छात्र को मारा पीटा नहीं सिर्फ डांटा था
एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि रात में ऑपरेशन के लिए एक मरीज इमरजेंसी में आया था। उन्होंने छात्र देवेंद्र मेहरा से पूछा तो पता चला कि उसने आवश्यक प्वाइंट नोट नहीं किया है। इस मामले में उन्होंने सीख के लिए डांट लगाई थी। इसके बाद रात दो बजे तक मरीज को आपरेट किया। दिनभर कोई मामला सामने नहीं आया। शाम को अचानक आरोप की बात सामने आने लगी। छात्र द्वारा लगाए गए आरोप मनगढ़ंत और झूठे हैं। अपने छात्र के आरोप से उनको काफी दुख पहुंचा है। सिखाने के लिए छात्रों को बोलना भी अब ठीक नहीं रह गया है।
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अल्मोड़ा जिले के ऐराड़ी बिष्ट पट्टी तल्ला चौकोट मौलेखाल निवासी देवेंद्र सिंह महरा पुत्र हर्ष सिंह महरा राजकीय मेडिकल कॉलेज में पीजी प्रथम वर्ष का छात्र है। उसने कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर में कहा कि 24 मार्च को उसकी ड्यूटी रात आठ बजे से 25 मार्च की सुबह आठ बजे तक थी। आरोप है कि रात करीब एक बजे एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार सिंह ने उसे इमरजेंसी (ओटी) में बुलाया। उस समय डॉ. विकास गुप्ता और आकाश भी वहां मौजूद थे। छात्र के अनुसार प्रोफेसर ने उसे विकास के चेंजिंग रूम में बुलाया। इस बीच ऑपरेशन के लिए लिटाए गए मरीज के बारे में पूछताछ की। उसने मरीज की बीमारी से प्रोफेसर को अवगत कराया। छात्र के अनुसार बिना कुछ कहे प्रोफेसर ने उसे थप्पड़ और लात घूसों से पीटने के बाद धमकी दी। कहा कि यहां से उसे पीजी नहीं करने देंगे। यह आरोप भी लगाया कि एसोसिएट प्रोफेसर शराब के नशे में धुत थे। इस मामले में कोतवाल ने शिकायती पत्र की जांच मेडिकल चौकी प्रभारी हरेंद्र सिंह नेगी को सौंपी है। पुलिस ने इस मामले में कालेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा को अवगत कराया है।
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एसोसिएट प्रोफेसर के अधीन नहीं रहेगा मेरा बेटा
रविवार की रात 11 बजे प्राचार्य के साथ कॉलेज के प्रोफेसर भी उपस्थित रहे। इस बीच छात्र के पिता हर्ष सिंह ने प्राचार्य से अनुरोध किया कि उनका बेटा एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार सिंह के अधीन अध्ययन नहीं करेगा। भविष्य में एसोसिएट प्रोफेसर कुछ भी कर सकते हैं। प्राचार्य ने इस मामले में दोनों पक्षों की तरफ से शपथ पत्र मांगा है। देर रात तक कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका।
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एमएस करेंगे विभागीय जांच
प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि छात्र से मारपीट के आरोपों की जांच कॉलेज के एमएस डॉ. अरुण जोशी विभागीय जांच करेंगे। जांच अधिकारी घटना के कारणों और घटना की असलियत के बारे में रिपोर्ट देंगे। इसके बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।
छात्र को मारा पीटा नहीं सिर्फ डांटा था
एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि रात में ऑपरेशन के लिए एक मरीज इमरजेंसी में आया था। उन्होंने छात्र देवेंद्र मेहरा से पूछा तो पता चला कि उसने आवश्यक प्वाइंट नोट नहीं किया है। इस मामले में उन्होंने सीख के लिए डांट लगाई थी। इसके बाद रात दो बजे तक मरीज को आपरेट किया। दिनभर कोई मामला सामने नहीं आया। शाम को अचानक आरोप की बात सामने आने लगी। छात्र द्वारा लगाए गए आरोप मनगढ़ंत और झूठे हैं। अपने छात्र के आरोप से उनको काफी दुख पहुंचा है। सिखाने के लिए छात्रों को बोलना भी अब ठीक नहीं रह गया है।