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वृद्धाश्रम के संचालक पर जानलेवा हमला पिस्टल छीनी
Updated Mon, 20 Nov 2017 01:49 AM IST
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हमले में घायल
- फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। वृद्धाश्रम संचालक पर तिकोनिया में कुछ लोगों ने हमला कर दिया। रॉड और डंडों से पीटकर उन्हें लहूलुहान कर दिया गया। उनकी पिस्टल छीन ली गई। आरोप है कि हमलावरों ने एक दिन पहले भी उन पर हमला किया था लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
40 वर्षीय प्रकाश चंद्र डिमरी जवाहर ज्योति दमुवाढूंगा में अपने घर पर ही वृद्धाश्रम चलाते हैं। वहां उन्होंने पौधरोपण अभियान भी शुरू किया हुआ है। उन्होंने वर्कशाप लाइन में दुकान बनवाई है। आरोप है कि इस दुकान पर उनका साला हेमंत बिष्ट उर्फ डब्बू कब्जा करना चाहता है। कब्जे को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा है। रविवार की शाम चार बजे प्रकाश चंद्र डिमरी दुकान पर गए तो आरोप है कि दोनों में कहासुनी हो गई। अचानक हेमंत और उसके दस साथियों ने प्रकाश के हाथ पैर पकड़कर पहले पिस्टल छीनी फिर रॉड और डंडे से पीट दिया। लहूलुहान प्रकाश ने किसी तरह भागकर जान बचाई। कोतवाली पहुंचकर महिला उपनिरीक्षक कुमकुम धानिक को घटना की जानकारी दी। बेस अस्पताल जाने पर डॉक्टरों ने अन्य अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। प्रकाश का आरोप है कि हमलावरों के पास असलहे भी थे। शनिवार को भी उन पर हमला किया गया था। इस मामले में भोटिया पड़ाव पुलिस से शिकायत करने के बावजूद हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका यह भी आरोप है कि हमले का मुख्य आरोपी पहले भी संगीन मामले में निरुद्ध रहा है।
हमले के बाद पिस्टल लेकर घूमता रहा
हल्द्वानी। वृद्धाश्रम संचालक पर हमले के बाद आरोपी लाइसेंसी पिस्टल लेकर कोतवाली तक आए थे। उस समय वहां एमबीपीजी कॉलेज के छात्रनेता भी थे। पुलिस ने जब मुख्य आरोपी हेमंत के बारे में पूछा तो समर्थक भी बुलाने का बहाना बनाकर निकल लिए। वृद्धाश्रम संचालक के भाई का आरोप था कि पुलिस यदि एक दिन पहले कार्रवाई करती तो दूसरे दिन हमले की नौबत नहीं आती। पुलिस ने पहले दिन हमले के बाद दोनों पक्षों को भोटिया पड़ाव चौकी में बुलाया था लेकिन दूसरा पक्ष दोपहर की जगह शाम को पहुंचा।
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दंपति में चल रहा है मनमुटाव
हल्द्वानी। पुलिस की जांच में आया है कि प्रकाश चंद डिमरी और उनकी पत्नी के बीच कई वर्षों से मनमुटाव चल रहा है। एक बेटा होने के बावजूद पत्नी मायके में रहती है। पति-पत्नी के बीच एका करने के लिए परिवार के लोगों ने काफी प्रयास किए लेकिन बात नहीं बनी। पुलिस साले और जीजा की रंजिश को भी इसी से जोड़ रही है।
इस मामले में भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी कार्रवाई कर रहे हैं। घटना के बाद दूसरा पक्ष कोतवाली में तहरीर देने के लिए आया था लेकिन फिर तहरीर वापस ले ली। तहरीर देने वाले के पास संचालक की लाइसेंसी पिस्टल भी थी। चौकी प्रभारी द्वारा मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी देने पर आरोपियों के समर्थकों ने लाइसेंसी पिस्टल पुुलिस के हवाले कर दी।
अमित श्रीवास्तव, एसपी सिटी
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40 वर्षीय प्रकाश चंद्र डिमरी जवाहर ज्योति दमुवाढूंगा में अपने घर पर ही वृद्धाश्रम चलाते हैं। वहां उन्होंने पौधरोपण अभियान भी शुरू किया हुआ है। उन्होंने वर्कशाप लाइन में दुकान बनवाई है। आरोप है कि इस दुकान पर उनका साला हेमंत बिष्ट उर्फ डब्बू कब्जा करना चाहता है। कब्जे को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा है। रविवार की शाम चार बजे प्रकाश चंद्र डिमरी दुकान पर गए तो आरोप है कि दोनों में कहासुनी हो गई। अचानक हेमंत और उसके दस साथियों ने प्रकाश के हाथ पैर पकड़कर पहले पिस्टल छीनी फिर रॉड और डंडे से पीट दिया। लहूलुहान प्रकाश ने किसी तरह भागकर जान बचाई। कोतवाली पहुंचकर महिला उपनिरीक्षक कुमकुम धानिक को घटना की जानकारी दी। बेस अस्पताल जाने पर डॉक्टरों ने अन्य अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। प्रकाश का आरोप है कि हमलावरों के पास असलहे भी थे। शनिवार को भी उन पर हमला किया गया था। इस मामले में भोटिया पड़ाव पुलिस से शिकायत करने के बावजूद हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका यह भी आरोप है कि हमले का मुख्य आरोपी पहले भी संगीन मामले में निरुद्ध रहा है।
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हमले के बाद पिस्टल लेकर घूमता रहा
हल्द्वानी। वृद्धाश्रम संचालक पर हमले के बाद आरोपी लाइसेंसी पिस्टल लेकर कोतवाली तक आए थे। उस समय वहां एमबीपीजी कॉलेज के छात्रनेता भी थे। पुलिस ने जब मुख्य आरोपी हेमंत के बारे में पूछा तो समर्थक भी बुलाने का बहाना बनाकर निकल लिए। वृद्धाश्रम संचालक के भाई का आरोप था कि पुलिस यदि एक दिन पहले कार्रवाई करती तो दूसरे दिन हमले की नौबत नहीं आती। पुलिस ने पहले दिन हमले के बाद दोनों पक्षों को भोटिया पड़ाव चौकी में बुलाया था लेकिन दूसरा पक्ष दोपहर की जगह शाम को पहुंचा।
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दंपति में चल रहा है मनमुटाव
हल्द्वानी। पुलिस की जांच में आया है कि प्रकाश चंद डिमरी और उनकी पत्नी के बीच कई वर्षों से मनमुटाव चल रहा है। एक बेटा होने के बावजूद पत्नी मायके में रहती है। पति-पत्नी के बीच एका करने के लिए परिवार के लोगों ने काफी प्रयास किए लेकिन बात नहीं बनी। पुलिस साले और जीजा की रंजिश को भी इसी से जोड़ रही है।
इस मामले में भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी कार्रवाई कर रहे हैं। घटना के बाद दूसरा पक्ष कोतवाली में तहरीर देने के लिए आया था लेकिन फिर तहरीर वापस ले ली। तहरीर देने वाले के पास संचालक की लाइसेंसी पिस्टल भी थी। चौकी प्रभारी द्वारा मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी देने पर आरोपियों के समर्थकों ने लाइसेंसी पिस्टल पुुलिस के हवाले कर दी।
अमित श्रीवास्तव, एसपी सिटी