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क्षेत्र, जिपं सदस्य पद के लिए दो बच्चों की सीमा मामले में तत्काल सुनवाई से कोर्ट का इनकार
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High court uttrakhand
नैनीताल। हाईकोर्ट ने क्षेत्र और जिला पंचायत सदस्य पद के लिए दो बच्चों की सीमा के खिलाफ दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई से इंकार करते हुए कहा कि जब मामला सूची पर आएगा तभी मामले को सुना जाएगा।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की संयुक्त खंडपीठ में सोमवार को तत्काल सुनवाई किए जाने का अनुरोध किया गया लेकिन कोर्ट ने कहा कि जब मामला सुनवाई के लिए सूची पर आएगा तभी मामले को सुना जाएगा। कोर्ट ने कहा कि पंचायत के संशोधन की अधिसूचना जारी हुए दो माह का समय बीत गया है। याचिकाकर्ताओं को आपत्ति होने पर समय रहते याचिका दायर करनी चाहिए थी।
बता दें कि कोर्ट ने ग्राम पंचायत के लिए 2 बच्चों की सीमा में छूट दी थी। 19 सितंबर को दिए फैसले में कोर्ट ने ग्राम पंचायत के लिए हुए संशोधन 8(1) आर को 25 जुलाई 2019 के बाद लागू करने के निर्देश दिए थे जबकि क्षेत्र पंचायत के लिए 53(1) आर व जिला पंचायत के लिए 90(1) आर का याचिकाओं में कोई जिक्र नहीं था। कोर्ट ने इसके चलते इस पर कोई टिप्पणी अथवा फैसला नहीं दिया था। इसके बाद मामले में दोबारा याचिका दायर कर सोमवार को तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया गया था।
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मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की संयुक्त खंडपीठ में सोमवार को तत्काल सुनवाई किए जाने का अनुरोध किया गया लेकिन कोर्ट ने कहा कि जब मामला सुनवाई के लिए सूची पर आएगा तभी मामले को सुना जाएगा। कोर्ट ने कहा कि पंचायत के संशोधन की अधिसूचना जारी हुए दो माह का समय बीत गया है। याचिकाकर्ताओं को आपत्ति होने पर समय रहते याचिका दायर करनी चाहिए थी।
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बता दें कि कोर्ट ने ग्राम पंचायत के लिए 2 बच्चों की सीमा में छूट दी थी। 19 सितंबर को दिए फैसले में कोर्ट ने ग्राम पंचायत के लिए हुए संशोधन 8(1) आर को 25 जुलाई 2019 के बाद लागू करने के निर्देश दिए थे जबकि क्षेत्र पंचायत के लिए 53(1) आर व जिला पंचायत के लिए 90(1) आर का याचिकाओं में कोई जिक्र नहीं था। कोर्ट ने इसके चलते इस पर कोई टिप्पणी अथवा फैसला नहीं दिया था। इसके बाद मामले में दोबारा याचिका दायर कर सोमवार को तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया गया था।
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