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कार्बेट पार्क में शिकारियों को गोली मारने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो रामनगर
Updated Wed, 22 Feb 2017 12:25 AM IST
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कार्बेट पार्क की सबसे संवेदनशील दक्षिण सीमा के पास शिकारियों (बावरिया) के मूवमेंट की सूचना के बाद से खलबली मच गई है। वन विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। कार्बेट डायरेक्टर के अनुसार संवेदनशील जगहों पर वन कर्मियों को तैनात किया गया है, उन्हें शिकारियों को देखते गोली मारने का आदेश दिया गया है।
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मार्च 2016 में हरिद्वार के पास बाघ की पांच खालें बरामद हुई थीं। इन बाघों का शिकार कार्बेट पार्क में होने की बात सामने आई थी। एक बार जहां पर शिकार हुआ था, उसी जगह से शिकारियों के घुसने की आशंका बनी हुई है। वन विभाग को कार्बेट पार्क की दक्षिण सीमा और यूपी क्षेत्र में बावरिया गिरोह के मूवमेंट की सूचना मिली है, इसके बाद से ही महकमे में खलबली मची हुई है।
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वन विभाग की 150 वन कर्मियों की टीम ने मंगलवार से विशेष अभियान शुरू किया है। इसमें कार्बेट पार्क निदेशक समेत उच्चाधिकारी भी शामिल हैं। वनाधिकारियों के अनुसार 388 ज्यादा कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। कार्बेट पार्क के निदेशक डॉ. पराग मधुकर धकाते कहते हैं कि शिकारियों के घुसने की आशंका के मद्देनजर एहतियातन कदम उठाए गए हैं।
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संवेदनशील और ऊंचाई की जगहों पर हथियारबंद वन कर्मियों को तैनात करने के साथ शिकारियों को देखते हुए गोली मारने का आदेश दिया गया है। अगले पांच दिनों तक विशेष अभियान चलेगा। ग्रामीणों को भी अभियान की सूचना दी गई है कि लकड़ी बीनने या मवेशियों को लेकर कार्बेट पार्क में न जाएं खासकर कोर जोन में तो कतई नहीं।
शासनादेश का हवाला
हल्द्वानी। वन विभाग देखते ही गोली मारने का आदेश देने के पीछे वर्ष 2003 में जारी शासनादेश का हवाला दे रहा है। इसके अनुसार वन, वन संपदा की रक्षा के लिए विशेष परिस्थितियों में गोली चलाई जा सकती है। इसमें वन कर्मी के खिलाफ तत्काल कोई एफआईआर दर्ज नहीं होगी। पहले मजिस्ट्रेट की जांच होगी, उसके बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा।