सुशीला तिवारी अस्पताल: आपातकालीन विभाग के प्रभारी को लेकर विवाद; उप चिकित्सा अधीक्षक ने उठाए सवाल
Haldwani News: सुशीला तिवारी अस्पताल में आपातकालीन विभाग के प्रभारी को लेकर विवाद सामने आया है। जानें पूरा मामला?
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हल्द्वानी में राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध सुशीला तिवारी अस्पताल में आपातकालीन विभाग के प्रभारी को लेकर विवाद सामने आया है। उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अतुल सक्सेना ने चिकित्सा अधीक्षक को रजिस्टर्ड डॉक से भेजे पत्र में कहा है कि डॉ. प्रियदर्शनी की ओर से पांच जनवरी को आपातकालीन विभाग को भेजे गए पत्र में खुद को प्रभारी आपातकालीन विभाग लिखा है। जबकि उन्हें प्रभारी आपातकालीन विभाग नामित किए जाने का कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
डॉ. सक्सेना ने इस मामले को राजकीय और शासकीय प्राविधानों के तहत घोर अनुशासनहीना की श्रेणी में मानते हुए नियम संगत अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
डॉ. प्रियदर्शनी का कहना है कि उनकी नियुक्ति सबसे पहले आपातकालीन चिकित्सा अधीक्षक के रूप में ही हुई। सीनियर होने के नाते वह प्रभारी भी हुईं। अभी कुछ समय पहले एक आदेश में उन्हें उप चिकित्सा अधीक्षक वन बनाया गया है।
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इधर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जीएस तितियाल ने कहा कि यह मामला काफी दिनों से चल रहा है। नियुक्ति प्राचार्य स्तर से ही होती है इसलिए इस बारे में वह ही कुछ नहीं बता सकते हैं। प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने देहरादून मीटिंग में होने और इस मामले में कुछ भी जानकारी होने से इन्कार कर दिया।
डीजी हेल्थ के दौरे के समय देखने को मिली अव्यवस्था
हल्द्वानी बेस अस्पताल में मंगलवार को डीजी हेल्थ डॉ. विनीता साह के निरीक्षण के दौरान अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। इस बीच मरीजों को छोड़ने के लिए वार्ड बॉय नहीं थे। इस पर तीमारदार अपने मरीज को खुद व्हीलचेयर पर बैठाकर ले जाते दिखे। हालांकि स्ट्रेचर पर अक्सर गंदी दिखने वाली चादर मंगलवार को बदलीं हुई थीं।