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कांग्रेस नहीं, हरीश रावत से सीधी लड़ाई
विजेंद्र श्रीवास्तव हल्द्वानी।
Updated Mon, 27 Jun 2016 12:01 AM IST
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मंचासीन भाजपा नेता
- फोटो : अमर उजाला
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भाजपा ने सीधे तौर पर मान लिया है कि विधानसभा चुनाव में उनकी लड़ाई कांग्रेस से ज्यादा सीएम हरीश रावत से है। अभी भाजपा किस चेहरे के साथ चुनाव में उतरे इसे तय नहीं कर पाई है, पर उसके सामने सबसे बड़ा विपक्षी नेता या चेहरा कौन है? इसे लेकर गफलत में नहीं है। यह बात प्रांतीय परिषद की मीटिंग में साफ हो गई। प्रांतीय परिषद की मीटिंग में डाक्यूमेंट्री के जरिये चर्चित सीएम स्टिंग सीडी के अंश दिखाये गए।
प्रांतीय परिषद के सभागार में विशाल एलईडी को लगाया गया था। जैसे ही कार्यक्रम शुरू हुआ, इस एलईडी पर एक डाक्यूमेंट्री जैसी फिल्म शुरू हो गई। इसमें सीएम और विधायक मदन बिष्ट की चर्चित सीडी के अंश भी शामिल किये गए थे। इस सीडी में सीएम को तानाशाह बताया गया। यह डाक्यूमेंट्री करीब 20 मिनट तक चली। इसमें कई बार सीएम हरीश रावत का चेहरा सामने आया।
बाद में जब प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट संबोधन के लिए आये तो उनके निशाने पर सीएम हरीश रावत ही रहे। उनकी नीतियों से लेकर एफएल-टू के घोटाले आदि का उल्लेख किया। उन्होंने शहीदों के बलिदान से बनने वाले देवभूमि का अपमान तक की बात कही।
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इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाया, केंद्र कैसे मदद कर सकती है, पर राज्य में भाजपा सरकार न होने से हाथ बंधे होने जैसे कारण को गिनाया। इसके बाद उनके निशाने पर सीएम हरीश रावत ही आ गए। शाह ने अपने राजनैतिक जीवन में ऐसे भ्रष्टाचार को न देखने की बात तक कही। रुद्रपुर में जब भाजपा की कार्य समिति की मीटिंग हुई थी, तो उसमें भी पार्टी की जीत में हरीश रावत को मुख्य अड़चन माना गया था।
मोहरे ठीक होने दें.. सब सही हो जाएगा
हल्द्वानी। भाजपा में कौन चुनावी चेहरा होगा सवाल पर पूर्व सीएम व सांसद भगत सिंह कोश्यारी का कहना था कि अभी ‘मोहरे’ ठीक होने दें, सभी कुछ सही हो जाएगा। क्या इस प्रांतीय परिषद की मीटिंग से लेकर सर्किट हाउस की मीटिंग में चेहरे को लेकर स्थिति साफ होने का सवाल किया गया, तो उनका कहना था कि अभी एक दिन या एक महीने में चुनाव नहीं होने जा रहा है। ऐसे में इंतजार करना ठीक रहेगा।
प्रांतीय परिषद के सभागार में विशाल एलईडी को लगाया गया था। जैसे ही कार्यक्रम शुरू हुआ, इस एलईडी पर एक डाक्यूमेंट्री जैसी फिल्म शुरू हो गई। इसमें सीएम और विधायक मदन बिष्ट की चर्चित सीडी के अंश भी शामिल किये गए थे। इस सीडी में सीएम को तानाशाह बताया गया। यह डाक्यूमेंट्री करीब 20 मिनट तक चली। इसमें कई बार सीएम हरीश रावत का चेहरा सामने आया।
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बाद में जब प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट संबोधन के लिए आये तो उनके निशाने पर सीएम हरीश रावत ही रहे। उनकी नीतियों से लेकर एफएल-टू के घोटाले आदि का उल्लेख किया। उन्होंने शहीदों के बलिदान से बनने वाले देवभूमि का अपमान तक की बात कही।
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इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाया, केंद्र कैसे मदद कर सकती है, पर राज्य में भाजपा सरकार न होने से हाथ बंधे होने जैसे कारण को गिनाया। इसके बाद उनके निशाने पर सीएम हरीश रावत ही आ गए। शाह ने अपने राजनैतिक जीवन में ऐसे भ्रष्टाचार को न देखने की बात तक कही। रुद्रपुर में जब भाजपा की कार्य समिति की मीटिंग हुई थी, तो उसमें भी पार्टी की जीत में हरीश रावत को मुख्य अड़चन माना गया था।
मोहरे ठीक होने दें.. सब सही हो जाएगा
हल्द्वानी। भाजपा में कौन चुनावी चेहरा होगा सवाल पर पूर्व सीएम व सांसद भगत सिंह कोश्यारी का कहना था कि अभी ‘मोहरे’ ठीक होने दें, सभी कुछ सही हो जाएगा। क्या इस प्रांतीय परिषद की मीटिंग से लेकर सर्किट हाउस की मीटिंग में चेहरे को लेकर स्थिति साफ होने का सवाल किया गया, तो उनका कहना था कि अभी एक दिन या एक महीने में चुनाव नहीं होने जा रहा है। ऐसे में इंतजार करना ठीक रहेगा।