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बच्चों में जन्मजात न सुनने की दिक्कत दूर होगी
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हल्द्वानी। मेडिकल कॉलेज के अधीन सुशीला तिवारी अस्पताल में बच्चों के जन्मजात न सुनने की दिक्कत दूर हो सकेगी। ईएनटी विभाग में जटिल ऑपरेशन के लिए माइक्रोस्कोप खरीदने की तैयारी है। कान के कैंसर से जुड़ी सर्जरी भी हो सकेगी।
कई बच्चों में जन्मजात न सुनने की परेशानी होती है। सुशीला तिवारी अस्पताल में हर साल करीब ऐसे दो सौ बच्चे इलाज के लिए पहुंचते हैं। ईएनटी विभाग के प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ. शहजाद कहते हैं कि इन बच्चों का ऑपरेशन कर इंप्लाट लगा दिया जाए तो सुनने की क्षमता आ सकती है। इस इंप्लाट को लगाने के लिए होने वाली सर्जरी में माइक्रोस्कोप की जरूरत होती है। माइक्रोस्कोप आने के बाद सर्जरी हो सकेगी और बच्चों में सुनने की क्षमता आ सकेगी। कुमाऊं में एसटीएच पहला अस्पताल होगा, जहां पर यह सुविधा मिलेगी। डॉ. शहजाद कहते हैं कि माइक्रोस्कोप आने से जटिल ऑपरेशन करने में सुविधा होगी। इससे कान का कैंसर जैसी जटिल सर्जरी हो सकेगी। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी कहते हैं कि माइक्रोस्कोप खरीदने संबंधी प्रक्रिया को शुरू किया गया है। माइक्रोस्कोप आने से चिकित्सा सुविधाओं में बढ़ोतरी हो सकेगी।
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कई बच्चों में जन्मजात न सुनने की परेशानी होती है। सुशीला तिवारी अस्पताल में हर साल करीब ऐसे दो सौ बच्चे इलाज के लिए पहुंचते हैं। ईएनटी विभाग के प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ. शहजाद कहते हैं कि इन बच्चों का ऑपरेशन कर इंप्लाट लगा दिया जाए तो सुनने की क्षमता आ सकती है। इस इंप्लाट को लगाने के लिए होने वाली सर्जरी में माइक्रोस्कोप की जरूरत होती है। माइक्रोस्कोप आने के बाद सर्जरी हो सकेगी और बच्चों में सुनने की क्षमता आ सकेगी। कुमाऊं में एसटीएच पहला अस्पताल होगा, जहां पर यह सुविधा मिलेगी। डॉ. शहजाद कहते हैं कि माइक्रोस्कोप आने से जटिल ऑपरेशन करने में सुविधा होगी। इससे कान का कैंसर जैसी जटिल सर्जरी हो सकेगी। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी कहते हैं कि माइक्रोस्कोप खरीदने संबंधी प्रक्रिया को शुरू किया गया है। माइक्रोस्कोप आने से चिकित्सा सुविधाओं में बढ़ोतरी हो सकेगी।
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