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सीएए को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम अफसोस जनक

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jan 2020 01:15 AM IST
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Confusion being spread about CAA is regrettable
हल्द्वानी के निजी बारातघर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित प्रबुद्ध नागरिक बैठक में ?
हल्द्वानी। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के बैनर तले नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर शनिवार को भाजपा कार्यालय के पास स्थित एक बैंक्वेट हाल में प्रबुद्ध नागरिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने कहा कि सीएए को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम अफसोसजनक है।
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मुख्य वक्ता व शासकीय अधिवक्ता गजेंद्र सिंह कहा कि यह कानून नागरिकता देने का कानून है, नागरिकता लेने का नहीं। यह भारत की वसुधैव कुटुबंकम की भावना के अनुकूल है और संविधान की भावना को पोषित करता है। वक्ता सूर्यभान सिंह ने कहा कि विपक्ष ने जो भ्रम इस कानून पर फैलाया है वह अफसोस जनक है। नेहरू -लियाकत समझौता के नाकाम होने पर यह कानून वर्षों पहले ही बन जाना चाहिए था। भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय मंत्री सुनील खेड़ा ने बताया कि नागरिकता अधिनियम-1955 के तहत जो मापदंड हैं, उनके अनुसार ही नागरिकता मिलती है संशोधन अधिनियम 2019 में धार्मिक आधार पर प्रताड़ित शरणार्थियों को नियम में कुछ छूट भर दी गई है।
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बार काउंसिल सदस्य मेहरबान सिंह कोरंगा ने कहा कि धर्म के आधार पर अगर देश का बंटवारा नहीं हुआ होता तो इस कानून की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। गोष्ठी विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग मौजूद थे। गोष्ठी में मेयर डॉ. जोगेंद्र रौतेला, कार्यक्रम संयोजक सुरेश पांडे के अलावा अतुल अग्रवाल, कमल कपिल, दिनेश पांडे, विनीत टंडन, सीमा देवल, डॉ नीलांबर भट्ट, डॉ. विनय खुल्लर, अनुज गुप्ता, विपिन चंद्रा, रजनीकांता बिष्ट, खुशबू जायसवाल, भगवान सहाय, दिनेश जोशी, पंकज सती समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे।
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