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आपसी संघर्ष में हुई थी बाघ की मौत
ब्यूरो /अमर उजाला, रामनगर।
Updated Thu, 08 Oct 2015 01:50 AM IST
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पोस्टमार्टम के बाद कार्बेट नेशनल पार्क (सीएनपी) के झिरना रेंज में मंगलवार को मिले बाघ के शव को जला दिया गया। इस बाघ की मौत आपसी संघर्ष में होने की पुष्टि हुई है।
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झिरना रेंज लालढांग ब्लॉक के कंपार्टमेंट नंबर तीन के जंगल में मंगलवार को बाघ का शव मिला था। वनकर्मियों के सूचना पर उच्चाधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
बुधवार को पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश अग्रवाल, पार्क के डॉ. दुष्यंत ने बाघ के शव का पोस्टमार्टम किया। कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के उपनिदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि बाघ के शरीर में अत्यधिक घाव, चोट के निशान मिले हैं।
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जिससे उसकी मौत आपसी संघर्ष से होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि दूसरे घायल बाघ की भी ढूंढखोज की जा रही है।
उध्ार ढेला रेंज में बाघ के हमले में देवकी देवी की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों को शांत करने के लिए जंगलात ने छह दिन में बाघ पकड़ने का आश्वासन दिया है।
जिस कारण हमलावर बाघ को पकड़ने के लिये क्षेत्र में दो पिंजरों समेत 10 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के उपनिदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि गांव, सड़क किनारे झाड़ी कटान किया जा रहा है। हाथी समेत पैदल, गाड़ियों से रात-दिन गश्त की जा रही है, इसके बावजूद हमलावर बाघ कैमरा ट्रैप में कैद नहीं हो सका है। जिसकी तलाश जारी है।
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