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प्रशासन नहीं लौटा पाया एमबीपीजी के कंप्यूटर, कैसे पढ़े विद्यार्थी
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हल्द्वानी। कोविड काल में प्रशासन ने कोविड कंट्रोल रूम के लिए एमबीपीजी कॉलेज से 12 कंप्यूटर लिए थे। आठ कंप्यूटर अब तक कॉलेज को उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। इससे कंप्यूटर साइंस के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। एक साल से ज्यादा समय गुजर गया है। लेकिन अब तक कॉलेज को यह कंप्यूटर नहीं मिल पाए हैं। कंप्यूटरों की कमी से बीएससी, एमएससी कंप्यूटर साइंस के विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है। सबसे मजे की बात तो यह है कि अधिग्रहीत करने वाले अधिकारी मात्र चार कंप्यूटर लेने और लौटाने की बात कर रहे हैं जबकि सिटी मजिस्ट्रेट को इस संबंध में कुछ पता ही नहीं है। महाविद्यालय के प्राचार्य ने डीएम को पत्र भेजा है लेकिन डीएम की ओर से भी कॉलेज प्रशासन को कोई जानकारी नहीं दी गई है।
कंप्यूटर साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शेखर कुमार ने बताया कि कोविड काल में कंट्रोल रूम के लिए प्रशासन ने 12 कंप्यूटर अधिगृहीत किए थे। इनमें से अब तक मात्र चार कंप्यूटर ही मिल पाए हैं। जबकि आठ कंप्यूटर अब तक नहीं मिले हैं। इस संबंध में जिला प्रशासन को प्रार्थना पत्र सौंपा गया है। कब तक विभाग के कंप्यूटर मिल पाएंगे, इस बारे में स्पष्ट नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि कंप्यूटरों की कमी से बीएससी, एमएससी कंप्यूटर साइंस के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। 180 छात्र-छात्राओं पर यहां मात्र 20 कंप्यूूटर उपलब्ध हैं। कोविड के दौरान लिए गए आठ कंप्यूटर अब तक उपलब्ध नहीं हो पाए हैं।
कोविड के दौरान एमबीपीजी से कितने कंप्यूटर लिए थे। इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है। यदि कॉलेज के सभी कंप्यूूटर उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, तो इस बारे में पता करवाया जाएगा।
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ऋचा सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट।
प्रशासन की टीम ने कोविड काल में महाविद्यालय से 12 कंप्यूटर लिए थे। कई कंप्यूटर अब तक नहीं मिल पाए हैं। इस संबंध में पूर्व में जिलाधिकारी को पत्राचार के माध्यम से सूचित किया गया है।
डॉ. एनएस बनकोटी, प्राचार्य एमबीपीजी कॉलेज।
कोविड के दौरान मैं जब नोडल अधिकारी बना तो मैने कोविड कंट्रोम रूम के लिए एमबीपीजी कॉलेज के मात्र चार कंप्यूटर अधिगृहीत किए थे। जो कि मेरे द्वारा लौटा दिए गए हैं। शेष कंप्यूटरों की जानकारी मेरे पास नहीं है।
विपिन कुमार, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र।
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कंप्यूटर साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शेखर कुमार ने बताया कि कोविड काल में कंट्रोल रूम के लिए प्रशासन ने 12 कंप्यूटर अधिगृहीत किए थे। इनमें से अब तक मात्र चार कंप्यूटर ही मिल पाए हैं। जबकि आठ कंप्यूटर अब तक नहीं मिले हैं। इस संबंध में जिला प्रशासन को प्रार्थना पत्र सौंपा गया है। कब तक विभाग के कंप्यूटर मिल पाएंगे, इस बारे में स्पष्ट नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि कंप्यूटरों की कमी से बीएससी, एमएससी कंप्यूटर साइंस के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। 180 छात्र-छात्राओं पर यहां मात्र 20 कंप्यूूटर उपलब्ध हैं। कोविड के दौरान लिए गए आठ कंप्यूटर अब तक उपलब्ध नहीं हो पाए हैं।
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कोविड के दौरान एमबीपीजी से कितने कंप्यूटर लिए थे। इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है। यदि कॉलेज के सभी कंप्यूूटर उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, तो इस बारे में पता करवाया जाएगा।
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ऋचा सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट।
प्रशासन की टीम ने कोविड काल में महाविद्यालय से 12 कंप्यूटर लिए थे। कई कंप्यूटर अब तक नहीं मिल पाए हैं। इस संबंध में पूर्व में जिलाधिकारी को पत्राचार के माध्यम से सूचित किया गया है।
डॉ. एनएस बनकोटी, प्राचार्य एमबीपीजी कॉलेज।
कोविड के दौरान मैं जब नोडल अधिकारी बना तो मैने कोविड कंट्रोम रूम के लिए एमबीपीजी कॉलेज के मात्र चार कंप्यूटर अधिगृहीत किए थे। जो कि मेरे द्वारा लौटा दिए गए हैं। शेष कंप्यूटरों की जानकारी मेरे पास नहीं है।
विपिन कुमार, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र।