फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Chetia Government will become Trauma Center

चेती सरकार बनेगा ट्रॉमा सेेंटर 

Sun, 11 Jun 2017 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 11 Jun 2017 11:38 PM IST
विज्ञापन
Chetia Government will become Trauma Center
डेमो - फोटो : demo pic

सब ठीक रहा तो राजकीय मेडिकल कालेज हल्द्वानी के दिन जल्दी ही बहुरेंगे। राज्य सरकार ने मेडिकल कालेज की सुध ली है। मेडिकल कालेज में अब ट्रॉमा सेंटर का निर्माण जल्द ही शुरू हो सकता है। साथ ही एमबीबीएस की 50 सीटें बढ़ने पर टीबी एवं श्वास रोग विभाग में 200 बेड का अस्पताल बनेगा। 

विज्ञापन


सुशीला तिवारी अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर बनने का प्रस्ताव तीन वर्षों से चल रहा है। वन भूमि का पेच होने के कारण मामला ठंडे बस्ते में पड़े हुआ था। ट्रॉमा सेंटर का कुल प्रोजेक्ट 10 करोड़ 50 लाख रुपये का था। इसमें केंद्र सरकार को 90 प्रतिशत और राज्य सरकार को 10 प्रतिशत राशि देनी थी। केंद्र सरकार ने दो वर्ष पहले 06 करोड़ 50 लाख रुपये रिलीज कर दिए थे मगर वन भूमि की पेच के कारण प्रोजेक्ट अधर में लटका रहा।
विज्ञापन


आठ जून को वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने बजट में इसको रखा है। ट्रॉमा सेंटर के लिए 06 करोड़ 50 लाख रुपये से उपकरण, एक करोड़ रुपये का निर्माण कार्य और तीन करोड़ रुपये कर्मियों के वेतन पर खर्च होने हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बजट में एमबीबीएस की सौ सीटों को बढ़ाकर 150 करने की योजना हैं। इसमें 30 प्रतिशत राशि राज्य सरकार की ओर से दी जानी है। एमबीबीएस की सीटें बढ़ाने के लिए मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया का मानक पूरा करना होगा और 200 बेड का अस्पताल बनाना होगा। 200 बेड का अस्पताल टीबी एवं श्वास रोग विभाग में प्रस्तावित है मगर वन भूमि का अड़ंगा लगने के कारण मामला लटका हुआ है।

इसके लिए केंद्र सरकार 70 प्रतिशत राशि देगी। केंद्र सरकार ने शुरूआत में एक करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी है। अब देखना ये है कि वन भूमि का अड़ंगा दूर होने में कितना समय लगता है। बजट में राजकीय मेडिकल कालेजों को हीमोफीलिया मरीजों के इलाज को धनराशि दी जाएगी। 


इस संबंध में चिकित्सा-शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष स्याना ने बताया कि वन भूमि की जमीन लेने को केंद्र सरकार के अधिकारियों एवं केंद्रीय वन मंत्री के समक्ष पूरा प्रकरण रखेंगे। वन भूमि हस्तांतरित कराने का प्रयास किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed