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Nainital News: बजटः उद्योगपतियों को रियायतें, आमजन की उपेक्षाः यशपाल आर्य

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 01 Feb 2023 11:39 PM IST
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Budget: Concessions to industrialists, neglect of common man: Yashpal Arya
हल्द्वानी। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने केंद्र सरकार के बजट को उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के बजट में कटौती करके आमजन की उपेक्षा की गई है।
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नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार ने शिक्षा बजट को 2.64 प्रतिशत से घटाकर 2.5 प्रतिशत और स्वास्थ्य बजट को घटाकर 2.2 प्रतिशत से 1.98 प्रतिशत कर दिया है। बेरोजगारों, किसानों, मझोले उद्योगों के लिए बजट में कुछ भी नहीं है। उद्योगपतियों को रियायतें दी गई हैं लेकिन असंगठित क्षेत्र की उपेक्षा जारी है। सामाजिक सरोकारों और जनकल्याण की योजनाओं के लिए बजट आवंटन को कम कर दिया है। मनरेगा जैसी योजना की भी उपेक्षा की गई है।
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ये मिला जुला बजट है। सात लाख की आय पर कोई टैक्स नहीं है, लेकिन मनरेगा जैसी योजना को नजरअंदाज किया है। सरकार ने ये तो बताया कि किसानों को बड़े पैमाने पर ऋण बांटा जाएगा लेकिन साथ ही कृषि बजट में कमी की गई है। कुछ पूंजीपतियों और बड़े कारोबारियों के लिए टैक्स वसूला जा रहा है।
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- नारायण पाल, पूर्व विधायक।
बजट में उत्तराखंड के लिए कुछ भी नहीं है
बजट देखकर लग रहा है कि देश के एक या दो बड़े उद्योगपतियों के घर में बजट बनाया गया है। अग्निपथ योजना को अभी तक वापस नहीं लिया है। जोशीमठ के लिए कोई आर्थिक पैकेज नहीं है। उत्तराखंड के लिए बजट में कुछ भी नहीं है।
- सुमित हृदयेश, विधायक हल्द्वानी।
वित्तीय घाटे को वर्तमान वर्ष के 6.5 प्रतिशत से कम करके अगले साल मात्र 5.9 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। वित्तीय घाटे के समायोजन को लेकर कोई चिंता नहीं है। महिलाओं के लिए बढ़ी ब्याज दर भी दिखावा है। 7.5 प्रतिशत की ब्याज दर आजकल सभी बैंक दे रहे हैं। रक्षा बजट में केवल 4.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। बेेरोजगारी के समाधान को लेकर बजट में कोई चर्चा नहीं है।
- दीपक बल्यूटिया, प्रदेश प्रवक्ता कांग्रेस।
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सरकार के पास रोजगार की नीति नहीं
किसानोंए युवाओंए महिलाओं के लिए बजट में कुछ नहीं है। सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी की है। सरकार ने बजट में रोजगार की कोई चर्चा नहीं की। इससे पता चलता है कि सरकार के पास रोजगार की कोई नीति नहीं है। बजट से देश के कुछ बड़े उद्योगपतियों को लाभ मिलेगा। ये बजट उन्हीं के लिए बनाया गया है।
- अब्दुल मतीन सिद्दीकी, प्रदेश महासचिव समाजवादी पार्टी।
एमएसपी पर नहीं की बात
बजट में किसानों के एमएसपी की बात नहीं की गई है। रेलवे को नजरअंदाज किया गया है। रोजगार के लिए कोई प्रावधान नहीं है। मध्यम वर्ग महंगाई से परेशान है। टैक्स में छूट आंख में धूल झोंकने जैसी है। सरकार बताए कि 100 स्मार्ट सिटी के लिए पूर्व में जारी किए गए 48 हजार करोड़ का क्या हुआ। किस वर्ग की आय दोगुनी हो गई है।
- समित टिक्कू, प्रदेश सचिव आम आदमी पार्टी।
बेरोजगारी दूर करने के लिए कोई ठोस योजना नहीं
बजट में बेरोजगारी को दूर करने की कोई ठोस योजना नहीं है। 2014 में केंद्र की भाजपा सरकार ने कहा था कि हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार देंगे लेकिन यहां तो सभी का रोजगार छीना जा रहा है। पहाड़ी राज्यों के लिए कोई राहत इस बजट में नहीं। बजट में छोटे रोजगार और कारोबारी हितों की अनदेखी की गई है। गरीब और मध्यम वर्ग के लिए यह बजट मात्र छलावा है।
- सुशील उनियाल, केंद्रीय महामंत्री उक्त्रसंद
भाजपाई बोलेए सबको फायदा देने वाला बजट है
बजट में मध्यम आय वर्ग को आयकर में राहत दी गई है। वरिष्ठ नागरिकोंए महिलाओंए किसानों के लिए प्रावधान किए गए हैं। कृषि से जुड़े स्टार्टअप को प्राथमिकता दी गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में नए नर्सिंग कॉलेजों की स्थापनाए चिकित्सा अनुसंधान को प्रोत्साहित करने की योजना से स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोतरी होगी।
- प्रकाश रावत, प्रदेश प्रवक्ता भाजपा
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रक्षा बजट में 70 हजार करोड़ की बढ़ोतरी से देश का रक्षा तंत्र मजबूत होगा। पीएम आवास योजना में बढ़ोतरी की गई है। दुनिया की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना बनाई गई है। गरीब खाद्यान्न को एक साल बढ़ाया गया है। रेलवे की नई परियोजनाओं में 75 हजार करोड़ की व्यवस्था की गई है। स्टार्टअप को तीन साल तक टैक्स से छूट दी गई है।
- चंदन बिष्ट, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी उत्तराखंड।
बजट में आयकर छूट सात लाख रुपये किए जाने का निर्णय अच्छा है। इससे कर्मचारियों को राहत मिलेगी। पुरानी पेंशन योजना पर सरकार का रुख सकारात्मक नहीं होने से कर्मचारियों में निराशा है। अतिरिक्त फिटमेंट फैक्टर बढ़ाए जाने से कर्मचारी उत्साहित थे लेकिन उस पर चर्चा न होने से भी निराशा हुई है।
- असलम अली, जिलाध्यक्ष उत्तराखंड राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद
बजट में सात लाख रुपये तक आयकर में छूट मात्र नई प्रणाली से आयकर भरने वालों को दी जाएगी जबकि यह सुविधा कर्मचारियों को मिलनी चाहिए थी। सरकारी कर्मचारियों को इससे आंशिक राहत मिलेगी। नई प्रणाली में कर्मचारियों को कोई छूट नहीं मिलती है। देश में दो टेक्स प्रणाली कार्मिकों के हित में नहीं है। इससे दुविधा हो रही है। बजट पूरी तरह आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए तैयार किया है।
- केपी मेहता, प्रांतीय अध्यक्ष उत्तरांचल ग्राम्य विकास मिनिस्टीरियल एसोसिएशन
बागवानी में 22 हजार करोड़ बजट से मिले हैं। उसके लिए जो भी योजना बनेगी उसमें हर जिले से प्रगतिशील बागवानए स्टॉक होल्डर और कुछ एनजीओ को शामिल कर एक रणनीति बनाई जानी चाहिए ताकि पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में आम, लीची और सेब की बागवानी को बढ़ावा दिया जा सके और किसानों की आजीविका बढ़ सके।
-देवेंद्र सिंह बिष्टए किसानए मुक्तेश्वर
पर्वतीय और सीमांत किसानों के लिए यह बजट अच्छा है। इससे बागवानी को बढ़ावा मिलेगा। बागवानी के बजट का लाभ दूरदराज क्षेत्रों के किसानों को मिलना चाहिए। इसके लिए सरकार और प्रशासन को किसानों के साथ तालमेल बनाकर काम करना होगा।
डॉ. नारायण, किसान बागवानी भीमताल
इस बार के बजट में मनरेगा योजना का बजट कम करना दुर्भाग्यपूर्ण है। मनरेगा का बजट कम होने से ग्रामीण भारत की कल्पना पूरी नहीं हो सकती हैं। इससे मनरेगा मजदूरों की रोजी रोटी पर असर पड़ेगा।

- प्रेम सिंह कुल्यालए उक्त्रसंद, भीमताल
यह विकसित भारत के विराट संकल्प को एक नई मजबूती प्रदान करता अमृत काल का सर्वस्पर्शी एवं समावेशी बजट है। यह बजट निश्चित रूप से उत्तराखंड को वर्ष 2025 तक सर्वश्रेष्ठ राज्यों में सम्मिलित करने के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बजट में सभी लोगों का ध्यान रखा गया है।
- राम सिंह कैड़ा, विधायक भीमताल।
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