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जेल भेजे गए सोने के दोनों तस्कर
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी।
Updated Wed, 23 Aug 2017 03:16 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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राजस्व आसूचना निदेशालय और केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क की संयुक्त छापेमारी में 12 किलो सोने के बिस्किट के साथ सोमवार को गिरफ्तार भूटान की महिला समेत दोनों तस्करों को मंगलवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
दोनों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में पेश किया गया था। इसके बाद महिला आरोपी लापजेंग वांगमो को हल्द्वानी और नरेश रायपा को नैनीताल जेल भेजा गया।
सोमवार को राजस्व आसूचना निदेशालय और केंद्रीय उत्पाद सीमा शुल्क की संयुक्त टीम ने काठगोदाम क्षेत्र में छापेमारी कर भूटान के थिंपू क्षेत्र निवासी लापजेंग वांगमो (35) पत्नी सोटो वांगमो और धारचूला निवासी नरेश रायपा (30) पुत्र काशी सिंह को 12 किलो सोने के बिस्किट के साथ गिरफ्तार किया था।
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हल्द्वानी स्थित बेस अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के बाद सोमवार की रात दोनों आरोपियों को सीजेएम नंदन सिंह राणा की अदालत में पेश किया गया था।
सीजेएम ने दोनों को मंगलवार को न्यायालय में पेश करने को कहा था जिसके बाद छापेमार टीम के अधिकारी दोनों आरोपियों को मल्लीताल स्थित कोतवाली ले गए थे। मंगलवार को राजस्व सूचना निदेशालय व केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क की संयुक्त टीम के अधिकारियों ने कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों आरोपियों को सीजेएम नंदन सिंह राणा की अदालत में 12 किलो सोने के बिस्किट के साथ पेश किया। सीजेएम नंदन सिंह राणा ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश किए।
टीम में शामिल सीजीएसटी के सहायक आयुक्त एचपी पांडे, डीआरआई के वरिष्ठ अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह, दीपक कुमार श्रीवास्तव, अनिरुद्ध सिंह और मोनिका पंत ने बताया कि आरोपी सोने की इस खेप को चीन से लेकर आए थे और वाया धारचूला और हल्द्वानी होते हुए दिल्ली ले जा रहे थे। बरामद सोने की कीमत चार करोड़ के करीब बताई गई है।
क्या डोकलाम विवाद के चलते धारचूला से आए थे तस्कर
काठगोदाम में 12 किलो शुद्ध सोने के बिस्किटों के साथ गिरफ्तार तस्करों के मामले में उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक हलचल है। कस्टम, जीएसटी, राजस्व आसूचना निदेशालय और पुलिस इस सफलता से उत्साहित हैं, वहीं चीन से तिब्बत, उत्तराखंड होकर तस्करी के नए रूट से नई चिंता भी पैदा हो गई है।
खासकर इस मार्ग पर सीमा की सुरक्षा को लेकर। हालांकि जांच एजेंसियों द्वारा मामले की तहकीकात अभी शुरुआती दौर में है। कोई भी अधिकारी मामले में कुछ कहने को तैयार नहीं है लेकिन अनुमान यही है कि डोकलाम विवाद के चलते सिक्किम सीमा पर ज्यादा सख्ती और सुरक्षा के चलते तस्करों ने यह रूट चुना। मामले में भूटान की नागरिक के जुड़े होने से इस संभावना को बल मिला है।
तस्करों से मिले ज्यादातर बिस्किट चीन निर्मित हैं। यह शंका है कि कहीं धारचूला में तस्करों ने अड्डा तो नहीं बना रखा है जहां तस्करी का माल जमा करके आगे भेज जाता हो। मामला इस वजह से अधिक पेचीदा हो रहा है कि चीन और भारत में सोने का भाव लगभग बराबर है।
जानकारों के मुताबिक तस्करी की वजह कस्टम ड्यूटी बचाकर और बाद में इस शुद्ध सोने में कुछ मिलावट करके मुनाफा कमाना हो सकता है। अब तक जांच एजेंसियों को जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक पकड़े गए तस्कर केवल कैरियर थे।
धारचूला से नरेश रायपा ने हल्द्वानी में भूटानी महिला लापजेंग वांगमो को डिलीवरी देनी थी। उससे आगे लापजेंग ने अकेले ही सोना दिल्ली पहुंचाना था। सोना भेजने और उसे प्राप्त करने वाले को ये भी नहीं जानते थे। जांच करने वाले मानते हैं कि ये लोग पहले भी तस्करी से जुड़े और गिरोह के भरोसेमंद जरूर थे वरना इतनी बड़ी मात्रा में सोना ले जाने को इन पर भरोसा कैसे कर लिया गया।
भूटानी महिला कई दिनों से हल्द्वानी के एक होटल में रह रही थी, टीम ने उस पर लगातार नजर रखी हुई थी और सर्विलांस के जरिए नरेश की धारचूला से काठगोदाम तक लगातार निगरानी हो रही थी। जिस होटल में महिला टिकी थी उस की जांच पर भी टीम फोकस करने वाली है।
कहीं किसी व्यवसायी से तो नहीं जुड़े हैं तार
राजस्व आसूचना विभाग की टीम की ओर से महिला समेत दो तस्करों की गिरफ्तारी के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि कहीं शहर का कोई व्यवसायी तो इसमें शामिल नहीं है। प्यादे तो पकड़े गए हैं लेकिन अभी वजीर जांच एजेंसियों के हाथ नहीं लगा है। पुलिस का कहना है कि तस्करी में शहर के किसी व्यक्ति के शामिल होने की छानबीन की जा रही है।
राजस्व आसूचना विभाग की टीम ने सोमवार को नैनीताल रोड पर होंडा सिटी कार में सवार भूटान की महिला समेत दो तस्करों को 12 किलो सोने के बिस्किट के साथ पकड़ा था। अफवाह उड़ी थी कि सराफा व्यवसायियों के वहां छापा पड़ा है। चर्चा यहां तक हुई कि तस्करों को तिकोनिया से पकड़ा गया है। गिरफ्तार तस्करों ने बताया कि वे कैरियर का काम करते हैं।
केंद्रीय एजेंसी ने तस्करी के बारे कोई सूचना शेयर नहीं की है। पुलिस इस तथ्य का पता करेगी कि शहर का कोई व्यक्ति इस खेल में शामिल तो नहीं है।
जन्मेजय खंडूरी एसएसपी
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दोनों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में पेश किया गया था। इसके बाद महिला आरोपी लापजेंग वांगमो को हल्द्वानी और नरेश रायपा को नैनीताल जेल भेजा गया।
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सोमवार को राजस्व आसूचना निदेशालय और केंद्रीय उत्पाद सीमा शुल्क की संयुक्त टीम ने काठगोदाम क्षेत्र में छापेमारी कर भूटान के थिंपू क्षेत्र निवासी लापजेंग वांगमो (35) पत्नी सोटो वांगमो और धारचूला निवासी नरेश रायपा (30) पुत्र काशी सिंह को 12 किलो सोने के बिस्किट के साथ गिरफ्तार किया था।
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हल्द्वानी स्थित बेस अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के बाद सोमवार की रात दोनों आरोपियों को सीजेएम नंदन सिंह राणा की अदालत में पेश किया गया था।
सीजेएम ने दोनों को मंगलवार को न्यायालय में पेश करने को कहा था जिसके बाद छापेमार टीम के अधिकारी दोनों आरोपियों को मल्लीताल स्थित कोतवाली ले गए थे। मंगलवार को राजस्व सूचना निदेशालय व केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क की संयुक्त टीम के अधिकारियों ने कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों आरोपियों को सीजेएम नंदन सिंह राणा की अदालत में 12 किलो सोने के बिस्किट के साथ पेश किया। सीजेएम नंदन सिंह राणा ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश किए।
टीम में शामिल सीजीएसटी के सहायक आयुक्त एचपी पांडे, डीआरआई के वरिष्ठ अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह, दीपक कुमार श्रीवास्तव, अनिरुद्ध सिंह और मोनिका पंत ने बताया कि आरोपी सोने की इस खेप को चीन से लेकर आए थे और वाया धारचूला और हल्द्वानी होते हुए दिल्ली ले जा रहे थे। बरामद सोने की कीमत चार करोड़ के करीब बताई गई है।
क्या डोकलाम विवाद के चलते धारचूला से आए थे तस्कर
काठगोदाम में 12 किलो शुद्ध सोने के बिस्किटों के साथ गिरफ्तार तस्करों के मामले में उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक हलचल है। कस्टम, जीएसटी, राजस्व आसूचना निदेशालय और पुलिस इस सफलता से उत्साहित हैं, वहीं चीन से तिब्बत, उत्तराखंड होकर तस्करी के नए रूट से नई चिंता भी पैदा हो गई है।
खासकर इस मार्ग पर सीमा की सुरक्षा को लेकर। हालांकि जांच एजेंसियों द्वारा मामले की तहकीकात अभी शुरुआती दौर में है। कोई भी अधिकारी मामले में कुछ कहने को तैयार नहीं है लेकिन अनुमान यही है कि डोकलाम विवाद के चलते सिक्किम सीमा पर ज्यादा सख्ती और सुरक्षा के चलते तस्करों ने यह रूट चुना। मामले में भूटान की नागरिक के जुड़े होने से इस संभावना को बल मिला है।
तस्करों से मिले ज्यादातर बिस्किट चीन निर्मित हैं। यह शंका है कि कहीं धारचूला में तस्करों ने अड्डा तो नहीं बना रखा है जहां तस्करी का माल जमा करके आगे भेज जाता हो। मामला इस वजह से अधिक पेचीदा हो रहा है कि चीन और भारत में सोने का भाव लगभग बराबर है।
जानकारों के मुताबिक तस्करी की वजह कस्टम ड्यूटी बचाकर और बाद में इस शुद्ध सोने में कुछ मिलावट करके मुनाफा कमाना हो सकता है। अब तक जांच एजेंसियों को जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक पकड़े गए तस्कर केवल कैरियर थे।
धारचूला से नरेश रायपा ने हल्द्वानी में भूटानी महिला लापजेंग वांगमो को डिलीवरी देनी थी। उससे आगे लापजेंग ने अकेले ही सोना दिल्ली पहुंचाना था। सोना भेजने और उसे प्राप्त करने वाले को ये भी नहीं जानते थे। जांच करने वाले मानते हैं कि ये लोग पहले भी तस्करी से जुड़े और गिरोह के भरोसेमंद जरूर थे वरना इतनी बड़ी मात्रा में सोना ले जाने को इन पर भरोसा कैसे कर लिया गया।
भूटानी महिला कई दिनों से हल्द्वानी के एक होटल में रह रही थी, टीम ने उस पर लगातार नजर रखी हुई थी और सर्विलांस के जरिए नरेश की धारचूला से काठगोदाम तक लगातार निगरानी हो रही थी। जिस होटल में महिला टिकी थी उस की जांच पर भी टीम फोकस करने वाली है।
कहीं किसी व्यवसायी से तो नहीं जुड़े हैं तार
राजस्व आसूचना विभाग की टीम की ओर से महिला समेत दो तस्करों की गिरफ्तारी के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि कहीं शहर का कोई व्यवसायी तो इसमें शामिल नहीं है। प्यादे तो पकड़े गए हैं लेकिन अभी वजीर जांच एजेंसियों के हाथ नहीं लगा है। पुलिस का कहना है कि तस्करी में शहर के किसी व्यक्ति के शामिल होने की छानबीन की जा रही है।
राजस्व आसूचना विभाग की टीम ने सोमवार को नैनीताल रोड पर होंडा सिटी कार में सवार भूटान की महिला समेत दो तस्करों को 12 किलो सोने के बिस्किट के साथ पकड़ा था। अफवाह उड़ी थी कि सराफा व्यवसायियों के वहां छापा पड़ा है। चर्चा यहां तक हुई कि तस्करों को तिकोनिया से पकड़ा गया है। गिरफ्तार तस्करों ने बताया कि वे कैरियर का काम करते हैं।
केंद्रीय एजेंसी ने तस्करी के बारे कोई सूचना शेयर नहीं की है। पुलिस इस तथ्य का पता करेगी कि शहर का कोई व्यक्ति इस खेल में शामिल तो नहीं है।
जन्मेजय खंडूरी एसएसपी