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Nainital News: आधी रात प्रकट भये लड्डू गोपाल, कृष्ण भक्ति में झूमा हल्द्वानी
Sat, 05 Sep 2026 12:22 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sat, 05 Sep 2026 12:22 AM IST
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रात के 11 बजकर 59 मिनट... घड़ी की सुइयां जैसे ही 12 के करीब पहुंचीं, मंदिरों में श्रद्धालुओं की निगाहें घड़ी पर टिक गईं। हर तरफ बेसब्री थी और वातावरण में ‘हरे कृष्ण’ की गूंज थी। जैसे ही घड़ी ने मध्यरात्रि के 12 बजाए, घंटे-घड़ियाल एक साथ बज उठे। ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। कहीं शंखनाद हुआ तो कहीं आरती की लौ जगमगा उठी। फूलों की वर्षा के बीच लड्डू गोपाल का जन्म हुआ और श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे। इस तरह आधी रात पूरा माहाैल कृष्णमय हो गया।
शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों, भजन-कीर्तन और संकीर्तन से पूरा शहर कृष्णमय नजर आया। घरों में भी कान्हा के जन्मोत्सव की तैयारियां की गईं। श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर, बेरी पड़ाव स्थित महालक्ष्मी मंदिर, लटूरिया आश्रम, पीपलेश्वर महादेव, श्री आंवलेश्वर और डालाकोटी कंपाउंड स्थित मंदिर समेत शहर के अन्य मंदिरों में भी देर रात तक जन्माष्टमी के कार्यक्रम चलते रहे। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। कई स्थानों पर झांकियां, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। आधी रात जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ, मंदिरों में घंटे-घड़ियाल गूंज उठे और श्रद्धालुओं ने नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारे लगाए। इसके बाद आरती और प्रसाद वितरण किया गया।
इस्कॉन मंदिर में हरिनाम संकीर्तन की गूंज
इस्कॉन मंदिर में सुबह मंगल आरती के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। दिनभर हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए। हरिनाम संकीर्तन और हरे कृष्ण महामंत्र के जाप से मंदिर परिसर भक्तिमय बना रहा। रात्रि 12 बजे श्रीकृष्ण जन्म के अवसर पर महाअभिषेक किया गया। भगवान को 108 प्रकार के भोग अर्पित किए गए और इसके बाद विशेष आरती हुई। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। मंदिर परिसर में गिफ्ट शॉप, तुलादान और पुस्तक स्टॉल भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम में मंदिर संरक्षक निताई प्रेम दास, महाविष्णु दास, रत्ननिधि दास, पंच पांडव दास, दीपक पपोला सहित अनेक सेवक और श्रद्धालु मौजूद रहे।
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लटुरिया आश्रम : मयूर नृत्य ने बांधा समां
जन्माष्टमी पर लटुरिया आश्रम स्थित राधा कृष्ण मंदिर में भव्य सजावट की गई। फूलों और बिजली की झालरों से आश्रम परिसर जगमग रहा। सुबह से ही दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। शाम को सात बजे से श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी आदि संगीतमय भजन कीर्तन हुए। शाम को मयूर नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। रात 12 बजने के साथ ही मंदिर में जयकारे लगे और कृष्ण जन्म, अभिषेक के साथ बधाई गीत गाए गए। आरती और प्रसाद वितरण के साथ ही आयोजन का समापन हुआ। कार्यक्रम में मंदिर समिति के पदाधिकारीगण बड़ी संख्या में शामिल हुए।
प्राचीन श्रीराम मंदिर में लगाया छप्पन भोग का प्रसाद
प्राचीन श्रीराम मंदिर में जन्माष्टमी पर्व धूम धाम से मनाई गई। सुबह मंगला आरती हुई और शाम को विवेक शर्मा, शुभम तिलकधारी, दिव्या शर्मा, अमन सांवरिया आदि ने सुंदर भजन कीर्तनों की प्रस्तुति दी। बाबरा आर्ट की ओर से भगवान कृष्ण की लीलाओं पर आधारित मनोहारी झांकी प्रस्तुत की। मध्य रात्रि आतिशबाजी, ढोल और घंटों की मंगल ध्वनि के बीच ठाकुर जी की महाआरती हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं को पंचामृत एवं छप्पन भोग का प्रसाद वितरित किया गया।
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रात के 11 बजकर 59 मिनट... घड़ी की सुइयां जैसे ही 12 के करीब पहुंचीं, मंदिरों में श्रद्धालुओं की निगाहें घड़ी पर टिक गईं। हर तरफ बेसब्री थी और वातावरण में ‘हरे कृष्ण’ की गूंज थी। जैसे ही घड़ी ने मध्यरात्रि के 12 बजाए, घंटे-घड़ियाल एक साथ बज उठे। ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। कहीं शंखनाद हुआ तो कहीं आरती की लौ जगमगा उठी। फूलों की वर्षा के बीच लड्डू गोपाल का जन्म हुआ और श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे। इस तरह आधी रात पूरा माहाैल कृष्णमय हो गया।
शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों, भजन-कीर्तन और संकीर्तन से पूरा शहर कृष्णमय नजर आया। घरों में भी कान्हा के जन्मोत्सव की तैयारियां की गईं। श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर, बेरी पड़ाव स्थित महालक्ष्मी मंदिर, लटूरिया आश्रम, पीपलेश्वर महादेव, श्री आंवलेश्वर और डालाकोटी कंपाउंड स्थित मंदिर समेत शहर के अन्य मंदिरों में भी देर रात तक जन्माष्टमी के कार्यक्रम चलते रहे। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। कई स्थानों पर झांकियां, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। आधी रात जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ, मंदिरों में घंटे-घड़ियाल गूंज उठे और श्रद्धालुओं ने नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारे लगाए। इसके बाद आरती और प्रसाद वितरण किया गया।
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इस्कॉन मंदिर में हरिनाम संकीर्तन की गूंज
इस्कॉन मंदिर में सुबह मंगल आरती के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। दिनभर हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए। हरिनाम संकीर्तन और हरे कृष्ण महामंत्र के जाप से मंदिर परिसर भक्तिमय बना रहा। रात्रि 12 बजे श्रीकृष्ण जन्म के अवसर पर महाअभिषेक किया गया। भगवान को 108 प्रकार के भोग अर्पित किए गए और इसके बाद विशेष आरती हुई। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। मंदिर परिसर में गिफ्ट शॉप, तुलादान और पुस्तक स्टॉल भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम में मंदिर संरक्षक निताई प्रेम दास, महाविष्णु दास, रत्ननिधि दास, पंच पांडव दास, दीपक पपोला सहित अनेक सेवक और श्रद्धालु मौजूद रहे।
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लटुरिया आश्रम : मयूर नृत्य ने बांधा समां
जन्माष्टमी पर लटुरिया आश्रम स्थित राधा कृष्ण मंदिर में भव्य सजावट की गई। फूलों और बिजली की झालरों से आश्रम परिसर जगमग रहा। सुबह से ही दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। शाम को सात बजे से श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी आदि संगीतमय भजन कीर्तन हुए। शाम को मयूर नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। रात 12 बजने के साथ ही मंदिर में जयकारे लगे और कृष्ण जन्म, अभिषेक के साथ बधाई गीत गाए गए। आरती और प्रसाद वितरण के साथ ही आयोजन का समापन हुआ। कार्यक्रम में मंदिर समिति के पदाधिकारीगण बड़ी संख्या में शामिल हुए।
प्राचीन श्रीराम मंदिर में लगाया छप्पन भोग का प्रसाद
प्राचीन श्रीराम मंदिर में जन्माष्टमी पर्व धूम धाम से मनाई गई। सुबह मंगला आरती हुई और शाम को विवेक शर्मा, शुभम तिलकधारी, दिव्या शर्मा, अमन सांवरिया आदि ने सुंदर भजन कीर्तनों की प्रस्तुति दी। बाबरा आर्ट की ओर से भगवान कृष्ण की लीलाओं पर आधारित मनोहारी झांकी प्रस्तुत की। मध्य रात्रि आतिशबाजी, ढोल और घंटों की मंगल ध्वनि के बीच ठाकुर जी की महाआरती हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं को पंचामृत एवं छप्पन भोग का प्रसाद वितरित किया गया।