फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Black Monkey in Munsyari

गोरी घाटी के काले बंदर का इतिहास होगा सार्वजनिक

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jun 2022 12:00 AM IST
विज्ञापन
Black Monkey in Munsyari
कोको रोसे, डीएफओ। - फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। मुनस्यारी क्षेत्र की गोरी घाटी में पाए जाने वाले काले बंदर का इतिहास शीघ्र सार्वजनिक होगा। वन विभाग की टीम क्षेत्र में जाकर काले बंदरों की गतिविधियों पर नजर रख विस्तृत जानकारी जुटाएगी। जानकारी के मुताबिक यहां के अलावा काला बंदर देश के अन्य किसी भी क्षेत्र में नहीं पाया जाता है। हालांकि यह बंदर असम में मिलने वाले मकाऊ बंदर की तरह बताया जाता है लेकिन बिना डीएनए जांच के ऐसी कोई पुष्टि नहीं की जा सकती है। इसी कारण इनका वैज्ञानिक नाम भी नहीं रखा गया है।
विज्ञापन

गोरी घाटी में पाए जाने वाले ये काले बंदर बेहद शांत स्वभाव के होते हैं। इनके बारे में लोग बेहद कम ही जानते हैं। इनका इतिहास जानने के लिए पूर्व में दो-तीन बार अध्ययन किया जा चुका है लेकिन इनके बारे में ज्यादा पता नहीं चल पाया।
विज्ञापन

आईएफएस अधिकारी अभिमन्यु ने बताया कि स्थानीय लोग इसे काला बंदर कहते हैं। इनका रंग हल्का काला, जबकि अधिक काला होता है। उन्होंने बताया कि ये बंदर 10 से 20 के झुंड में ही दिखाई देते हैं, जो अक्सर अस्कोट वन्यजीव अभयारण्य के बरम क्षेत्र में 900 से 1300 मीटर की ऊंचाई पर रहते हैं। कभी कभार ये 2750 मीटर की ऊंचाई वाले कालामुनि के पास भी दिखाई देते हैं। उन्होंने बताया कि हिमालयन मकाऊ अभी एक पहेली की तरह है। पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि यह असम में मिलने वाले बंदरों की उप प्रजाति है। ये बंदर दुनिया के लिए नए भी हो सकते हैं। फिलहाल इन पर अधिक अध्ययन किया जाना बाकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नर का चेहरा अधिक काला
पिथौरागढ़। डीएफओ अभिमन्यु ने बताया कि काले नर बंदर का चेहरा अधिक काला होता है जबकि उसकी आंखों के पास चश्मे जैसा सफेद रंग होता है। मादा बंदर का चेहरा लाल रंग का होता है। ये बंदर खड़ी चट्टानों में रहना पसंद करते हैं, जो च्यूरा के पके फलों को बड़े चाव से खाते हैं। ये बंदर जब चलते हैं तो इनकी पीठ पर कूबड़ दिखाई देता है, जबकि पूंछ कभी नहीं गिरती। कान नुकीले और बाल रहित होते हैं। पलकें सफेद रंग की होती हैं।

काला बंदर सिर्फ गोरी घाटी में पाया जाता है। बंदरों की संख्या और उनके पारिस्थितिकी तंत्र की जानकारी ली जाएगी। इसके लिए एक टीम क्षेत्र में भेजी जाएगी, जो कुछ दिन वहां रहकर काले बंदरों पर अध्ययन करेगी। इसके बाद बंदर की जानकारी साझा की जाएगी। वन्यजीव संस्थान देहरादून से भी इनके अध्ययन के लिए बात की जाएगी। - कोको रोसे, डीएफओ, पिथौरागढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed