भाजयुमो मंडल अध्यक्षों की ताजपोशी पर ‘राजनीति’
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भाजयुमो की जिला एवं नगर कार्यकारिणी के बाद अब मंडल अध्यक्षों की ताजपोशी से भाजपा नेताओं की गुटबाजी एक फिर सामने आ गई है। भाजयुमो जिलाध्यक्ष मदन मोहन जोशी ने शनिवार को चार मंडल अध्यक्षों की घोषणा की।
मंडल अध्यक्षों की ताजपोशी से नाराज नगर अध्यक्ष ने भाजयुमो जिलाध्यक्ष के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया। नगर अध्यक्ष ने कहा कि मंडल अध्यक्षों की ताजपोशी में उनकी सहमति नहीं ली गई, जो कि भाजपा के संविधान का उल्लंघन है।
भाजयुमो की जिला एवं नगर कार्यकारिणी विस्तार में भी घमासान मचा। जिलाध्यक्ष मदन मोहन जोशी पर आरोप लगा कि एमबीपीजी कॉलेज में जिन लोगों ने एबीवीपी प्रत्याशी विजय जोशी को हरवाने में भूमिका निभाई, उन्हीं को संगठन में मदन मोहन जोशी ने तवज्जो दी।
आरोप मुद्दा बन गया, जिसके बाद जिलाध्यक्ष ने आननफानन में कार्यकारिणी की सूची बदल दी। कार्यकारिणी विस्तार की दोनों ही सूचियां सोशल मीडिया में खूब चर्चाओं में रही।
जिला उपाध्यक्ष नीरज बिष्ट ने तो खुलकर विरोध जताया और ताजपोशी के तत्काल बाद इस्तीफा जारी कर दिया। हालांकि, भाजयुमो नेताओं के झगड़े को डैमेज कंट्रोल कर लिया।
बता दें कि भाजयुमो की जिला और नगर कार्यकारिणी विस्तार विवादों में घिरने के बाद मंडल अध्यक्षों की ताजपोशी भी आपसी गुटबाजी के चलते महीनों से लटकी थी। मंडलों में हर नेता अपने अपने चहेतों की ताजपोशी चाहते थे, लिहाजा इस झगड़े में मंडलों का विस्तार नहीं हो सका था।
शनिवार को जिलाध्यक्ष मदन मोहन जोशी ने चार मंडल अध्यक्षों की घोषणा कर दी। हिमांशु मिश्रा को हल्द्वानी नगर, भगवान सिंह बिष्ट को हल्द्वानी पश्चिमी, डूंगर सिंह मेहरा को कोटाबाग मंडल और दिवेक संबल को रामनगर ग्रामीण मंडल अध्यक्ष का दायित्व सौंप दिया।
मदन मोहन जोशी के मुताबिक ताजपोशी भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं जिला प्रभारी आशीष गुप्ता एवं जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट की सहमति से हुई। घोषणा के तत्काल बंद नगर अध्यक्ष विजय मनराल ने विरोध दर्ज कराते हुए नेताओं की आपसी लड़ाई को जगजाहिर कर दिया।
सात दिसंबर को भाजपा परिवर्तन यात्रा रैली है। ऐसे में पार्टी नेताओं की खींचतान से रैली ही नहीं आने वाले चुनाव में नुकसान झेलना पड़ सकता है।
नगर अध्यक्ष ही मंडल अध्यक्षों के मनोनयन के लिए तीन-तीन नाम प्रस्तावित करता है। नगर अध्यक्ष की तरफ से तीन महीने तक कोई भी नाम प्रस्तावित नहीं किया गया। पार्टी हित को देखते चार मंडलों में अध्यक्षों की घोषणा की गई।
- मदन मोहन जोशी, अध्यक्ष भाजयुमो।
मंडल अध्यक्षों के मनोनयन में मेरी राय नहीं ली गई। भाजपा संविधान के लिहाज से नगर अध्यक्ष की सहमति के बगैर मनोनीत मंडल अध्यक्षों की ताजपोशी स्वत: ही निरस्त समझी जाती है।
- विजय मनराल, नगर अध्यक्ष भाजपा।