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बायो मेडिकल वेस्ट मिला तो मुकदमा, गाड़ी भी जब्त होगी
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी।
Updated Mon, 14 Aug 2017 02:17 AM IST
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बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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बायो मेडिकल वेस्ट पकड़े जाने पर अब संस्था और अस्पताल पर मुकदमा दर्ज होगा। जिस संस्था की गाड़ी में बायो मेडिकल वेस्ट पकड़ा जाएगा, उसकी गाड़ियां भी जब्त होगी। यह निर्णय मुख्य नगर आयुक्त की ओर से बुलाई गई बैठक में निर्णय लिया गया है।
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अमर उजाला में बायो मेडिकल वेस्ट को लेकर शनिवार को खबर प्रकाशित हुई थी। इसके बाद नींद से जागे मुख्य नगर आयुक्त ने आनन-फानन में रविवार को बैठक बुलाई। बैठक में आईएमए के पदाधिकारी के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष सुमित्रा प्रसाद और नगर निगम के अधिकारी के साथ इंदिरा नगर जन विकास समिति के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
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बैठक में इंदिरा नगर जन विकास समिति के लोगों ने भी ट्रंचिंग ग्राउंड में बायो मेडिकल वेस्ट डालने का आरोप लगाया। मुख्य नगर आयुक्त हरवीर सिंह ने आईएमए के पदाधिकारियों के सामने ट्रंचिंग ग्राउंड में बायो मेडिकल वेस्ट डालने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में बायो मेडिकल वेस्ट ट्रंचिंग ग्राउंड में न डाला जाए।
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मेडिकल वेस्ट डालने पर अस्पताल और संस्था की गाड़ी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ गाड़ी जब्त की जाएगी। उन्होंने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तुहीन कुमार से यह भी कहा कि निजी अस्पतालों के बायो मेडिकल वेस्ट को निस्तारित करने वाली कंपनी ग्लोबल से कंपनी को बायो मेडिकल वेस्ट देने वाले अस्पतालों की सूची मांगने का निर्देश दिया।
बैठक में उपनगर आयुक्त नीरज जोशी, आईएमए हल्द्वानी के अध्यक्ष डॉ. अनिल अग्रवाल, सचिव डॉ. राहुल सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तुहीन कुमार मौजूद रहे।
झोलाछाप डॉक्टर पर कार्रवाई के निर्देश
मुख्य नगर आयुक्त हरवीर सिंह ने सीएमओ को पत्र जारी किया है। पत्र में सीएमओ से शहर में झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। मुख्य नगर आयुक्त ने कहा कि निगम के झोलाछाप डाक्टर चोरी छिपे ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़ा डाल रहे हैं।
निगम की गाड़ी में मिला बायोमेडिकल वेस्ट तो चालक पर होगी कार्रवाई
बायोमेडिकल वेस्ट अगर निगम की गाड़ी में मिलता है तो चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर बायोमेडिकल वेस्ट ट्रंचिंग ग्राउंड में डालने पर अगर किसी सफाई कर्मचारी की संलिप्तता पाई गई तो उसे सीधे संस्पेंड किया जाएगा।
आइएमए की नींद भी टूटी
जैविक कचरे पर आखिरकार रविवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) की नींद भी टूटी। प्रशासन के सख्त रवैये के बाद आइएमए ने अपने सदस्यों को ग्लोबल कंपनी को जैविक कचरा देने और कंपनी में अपना पंजीकरण कराने को कहा है।
आइएमए के हल्द्वानी अध्यक्ष डॉ. अनिल अग्रवाल की ओर से अपने सदस्यों को पत्र जारी किया गया। अध्यक्ष की ओर से जारी इस पत्र में कहा गया कि सदस्य बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण करने वाली कंपनी में अस्पताल के कचरे के निस्तारण के लिए पंजीकरण करा लें।
कुछ सदस्य पंजीकरण करा भी चुके हैं। अध्यक्ष के मुताबिक पंजीकरण न होने पर अगर प्रशासन की ओर से कार्यवाही होती है तो आइएमए ऐसे सदस्य की कोई मदद नहीं करेगी। इसके साथ ही सदस्यों से यह भी कहा गया है ग्लोबल कंपनी को जैविक कचरा देना भी सुनिश्चित करें।
ये सवाल तो अब भी अनुतरित हैं
- शहर में कितना बायो मेडिकल वेस्ट आ हो रहा है? अधिकारी अभी तक इस मामले में ग्लोबल कंपनी से जानकारी लेने की ही बात करते रहे हैं। रविवार को खुद नगर आयुक्त ने स्वास्थ्य अधिकारी को ग्लोबल कंपनी से यह जानकारी मांगने का निर्देश दिया। साफ है कि जैविक कचड़े को निस्तारित करने के मामले में अभी तक पूरी तरह से आंखें मूंद कर रखी गईं।
- जैविक और अजैविक कचरे के छांटने की अभी शहर में कोई व्यवस्था नहीं है। इस वजह से भी अस्पतालों का कचरा सीधे ट्रंचिंंग ग्राउंड तक पहुंच जा रहा है। इससे इतर शहर में सूखा और गीला कचरा अलग-अलग करने की भी कोई व्यवस्था नहीं है। यह अभी तक साफ नहीं है कि कूड़े की छंटाई की यह व्यवस्था शहर में कब बन पाएगी।
- वर्तमान में शहर का कूड़ा जिस जगह डंप किया जा रहा है, वह गौला नदी से कुछ ही दूरी पर है। डंपिंग यार्ड का भी विस्तार हो रहा है। ऐसे ही हालात रहे तो यह कचरा नदी तक पहुंच जाएगा। गौला मेें जैविक कचरा पहुंचने पर इसका खासा खतरनाक परिणाम भी देखने को मिल सकता है। नगर निगम के ट्रंचिंग ग्राउंड का प्रस्ताव वन भूमि के कारण अटका हुआ है। यह समस्या कभी सुलझेगी भी या नही। इसका जवाब अभी नहीं मिल पाया है।