{"_id":"618e946ecf7395016736393e","slug":"ban-on-notification-of-making-sirolikalan-a-nagar-panchayat-haldwani-news-hld4443180145","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिरोलीकलां को नगर पंचायत बनाने की अधिसूचना पर रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिरोलीकलां को नगर पंचायत बनाने की अधिसूचना पर रोक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नैनीताल। हाईकोर्ट ने ऊधमसिंह नगर जिले में सिरोलीकलां को नगर पंचायत बनाने की अधिसूचना पर रोक लगा दी है।
हाईकोर्ट ने शहरी विकास सचिव, शहरी विकास निदेशक, जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर और नगरपालिका किच्छा के अधिशासी अधिकारी को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार किच्छा निवासी मोहम्मद इमरान व नईम उल खान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर शहरी विकास विभाग की सिरोलीकलां को नगर पंचायत बनाने की 29 जुलाई की अधिसूचना को चुनौती दी थी।
याचिकाकर्ता का कहना था कि सिरोलीकलां ग्राम पंचायत के चार वार्डों को सरकार ने पहले नगर क्षेत्र घोषित किया। फिर उसे किच्छा पालिका का हिस्सा बनाया। इसके बाद नगर पंचायत घोषित कर ग्राम पंचायत कार्यालय को नगर पंचायत कार्यालय बनाकर एसडीएम को ईओ का चार्ज दे दिया।
याचिकाकर्ता का कहना था कि सरकार किसी भी ग्राम पंचायत को पहले नगर क्षेत्र, फिर नगरपालिका का हिस्सा, इसके बाद नगर पंचायत नहीं बना सकती। यह नगरपालिका अधिनियम का उल्लंघन है। सरकार नगर पंचायत को अपग्रेड कर सकती है लेकिन डाउनग्रेड नहीं कर सकती है। याचिकाकर्ता की ओर से इस अधिसूचना को निरस्त किए जाने की मांग की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने शहरी विकास सचिव, शहरी विकास निदेशक, जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर और नगरपालिका किच्छा के अधिशासी अधिकारी को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार किच्छा निवासी मोहम्मद इमरान व नईम उल खान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर शहरी विकास विभाग की सिरोलीकलां को नगर पंचायत बनाने की 29 जुलाई की अधिसूचना को चुनौती दी थी।
याचिकाकर्ता का कहना था कि सिरोलीकलां ग्राम पंचायत के चार वार्डों को सरकार ने पहले नगर क्षेत्र घोषित किया। फिर उसे किच्छा पालिका का हिस्सा बनाया। इसके बाद नगर पंचायत घोषित कर ग्राम पंचायत कार्यालय को नगर पंचायत कार्यालय बनाकर एसडीएम को ईओ का चार्ज दे दिया।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता का कहना था कि सरकार किसी भी ग्राम पंचायत को पहले नगर क्षेत्र, फिर नगरपालिका का हिस्सा, इसके बाद नगर पंचायत नहीं बना सकती। यह नगरपालिका अधिनियम का उल्लंघन है। सरकार नगर पंचायत को अपग्रेड कर सकती है लेकिन डाउनग्रेड नहीं कर सकती है। याचिकाकर्ता की ओर से इस अधिसूचना को निरस्त किए जाने की मांग की गई थी।
विज्ञापन