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Uttarakhand: नैनीताल के पर्यावरण पर अमेरिकी विशेषज्ञ तैयार करेंगे पाठ्यक्रम, जानिए ये खास बातें

Wed, 02 Nov 2022 05:25 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल।
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल। Published by: हल्द्वानी ब्यूरो Updated Wed, 02 Nov 2022 05:25 PM IST
सार

न्यूयार्क विवि में हिंदी की प्रोफेसर गेब्रीयेला निक इलियेवा ने बताया कि अमेरिका में हिंदी भाषा का तेजी से प्रचार प्रसार हो रहा है। वहां कई संस्थान और विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जा रही है। बड़ी संख्या में बच्चे हिंदी पढ़ रहे हैं।

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American experts will prepare courses on  environment of Nainital Uttarakhand news in hindi
नैनीताल का खूबसूरत नजारा - फोटो : Pixabay

विस्तार

अमेरिका के शिक्षण संस्थानों में नैनीताल की पारिस्थितिकी और पर्यावरण पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। पाठ्यक्रम निर्माण के लिए मंगलवार से यहां डीएसबी परिसर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग की ओर से चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला शुरू हुई जिसमें अमेरिका के प्रसिद्ध संस्थानों के हिंदी विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।

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हर्मिटेज भवन में कार्यशाला का शुभारंभ विधायक सरिता आर्या, अमेरिका के युवा हिंदी संस्थान के अशोक ओझा, न्यूयार्क विवि की प्रोफेसर गेब्रीयेला निक, पर्यावरणविद प्रो. अजय रावत और प्रो. गिरीश रंजन तिवारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। विधायक सरिता आर्या ने कहा कि यह विशेष बात है कि अमेरिका से लोग यहां आकर हिंदी के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। इससे भारत की संस्कृति और समृद्ध होगी।
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कार्यशाला के मुख्य आयोजक और पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. गिरीश रंजन तिवारी ने कहा कि युवा हिंदी संस्थान अमेरिका की ओर से कैलीफोर्निया विवि, पेंसिलवेनिया विवि, कंसास विवि, वेंडरबिल्ट विवि, सैसली विवि मेडिसन, जर्सी सिटी बोर्ड, फोरसाइथ डिस्ट्रिक्ट काउंटी स्कूल, शैंडलर डिस्ट्रिक्ट स्कूल और हिंदी भाषा अकादमी के सहयोग से कुमाऊं विवि में कार्यक्रम किया जा रहा है।
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यह कुमाऊं विवि और पत्रकारिता विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि है। प्रो. एलएम जोशी ने पर्यावरण से संबंधित बदलावों से जीवनशैली में आने वाले परिवर्तन पर व्याख्यान दिया। संचालन प्रो. ललित तिवारी ने किया। सहायक प्रोफेसर पूनम बिष्ट ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

पर्यावरणीय परिवर्तनों को समझना होगा : प्रो. रावत
मुख्य वक्ता इतिहासकार प्रो. अजय रावत ने प्रतिभागियों को नैनीताल के पर्यावरण, उससे जुड़ी समस्याओं और चुनौतियों के साथ पर्यावरण में बदलाव के कारणों की जानकारी दी। कहा कि बीते तीन दशक में नैनीताल की पारिस्थितिकी में खासे परिवर्तन हुए हैं। ऐसे कार्यक्रमों से विदेशी विशेषज्ञों को भारत की संस्कृति, जीवन शैली और रहन-सहन समझने के अवसर मिलेंगे। उसी के अनुरूप वे अपने देश के लिए बेहतर पाठ्यक्रम तैयार कर सकेंगे।

अमेरिकी सरकार को सौंपेगे पाठ्यक्रम : ओझा
युवा हिंदी संस्थान अमेरिका के अशोक ओझा ने कहा कि हिंदी भाषा व इससे जुड़ी संस्कृति, पर्यावरणीय समस्याओं और बदलाव का अध्ययन कर पाठ्य सामग्री तैयार की जाएगी जिसे अमेरिकी सरकार को सौंपेंगे। साथ ही अमेरिका के विभिन्न शिक्षण संस्थानों को उपलब्ध कराया जाएगा।

अमेरिका में लोकप्रिय हो रही हिंदी : गैब्रीयेला
न्यूयार्क विवि में हिंदी की प्रोफेसर गेब्रीयेला निक इलियेवा ने बताया कि अमेरिका में हिंदी भाषा का तेजी से प्रचार प्रसार हो रहा है। वहां कई संस्थान और विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जा रही है। बड़ी संख्या में बच्चे हिंदी पढ़ रहे हैं। वहां हिंदी को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रम होते हैं।

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दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है यह पाठ्यक्रम
केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने अपने संदेश में कहा कि यहां तैयार होने वाला पाठ्यक्रम न केवल अमेरिका, बल्कि कुमाऊं विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा। यह कुविवि और पत्रकारिता विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि है।

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