फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   After returning to their state, smiles on the faces, 262 students from Kota reached Haldwani by 10 buses.

अपने प्रदेश लौटे तो चेहरों पर बिखरी मुस्कान, कोटा से 262 छात्र-छात्राएं 10 बसों से पहुंचे हल्द्वानी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 20 Apr 2020 11:33 PM IST
विज्ञापन
After returning to their state, smiles on the faces, 262 students from Kota reached Haldwani by 10 buses.
हल्द्वानी रामपुर रोड पर विंटेज गार्डन में राजस्थान कोटा से पहुंचे छात्र- छात्राएं। अमर उजाल?
हल्द्वानी। कोटा (राजस्थान) में पढ़ने वाले कुमाऊं मंडल के 262 छात्र-छात्राएं सोमवार को अपने प्रदेश पहुंचे। उन्हें यूपी रोडवेज की 10 बसें उन्हें हल्द्वानी लेकर आईं। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ऊधमसिंह के विद्यार्थियों को उनके घरों को भेज दिया गया जबकि अन्य जिलों के बच्चों को हल्द्वानी में क्वारंटीन किया गया है। उन्हें मंगलवार को भेजा जाएगा।
विज्ञापन

सोमवार को रामपुर रोड स्थित विंटेज ग्रीन गार्डन में शाम छह बजे ये विद्यार्थी पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग की 28 सदस्यों की टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। यहां प्रशासन की ओर से उनके भोजन का भी इंतजाम किया गया। ऊधमसिंह नगर के 142 बच्चों के स्वास्थ्य की जांच के बाद भेज दिया गया।
विज्ञापन

नैनीताल के विद्यार्थियों को एक संस्थान में क्वारंटीन किया गया है जबकि पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर और चंपावत के बच्चों को एक बरातघर में रखा गया है। इस मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, आरटीओ राजीव मेहरा, एआरटीओ गुरदेव सिंह, एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

कहां के कितने बच्चे
ऊधमसिंह नगर 142
नैनीताल 52
पिथौरागढ़ 32
अल्मोड़ा 14
बागेश्वर 03
चंपावत 19
किसी को खाने की परेशानी किसी को कोरोना से डर
रामनगर निवासी अमन ने बताया कि वह कोटा में मेडिकल की कोचिंग कर रहा है। लॉकडाउन के बाद उसे वहां खाने की दिक्कत हो गई। बाहर कहीं खाना नहीं मिल रहा था। कोटाबाग के राहुल और भीमताल के रोहित ने कहा कि पीने का पानी तक नहीं मिल रहा था। इंजीनियरिंग की कोचिंग कर रहे रुद्रपुर के अनिकेत ने कहा कि कोरोना के बढ़ रहे मामलों के बीच उनके माता-पिता चाहते थे कि वह घर आ जाए। पिथौरागढ़ की कनक और खटीमा के विजय कुमार भी घर आने की वजह कोरोना से बचाव को बता रहे हैं। यहां पहुंचते ही सबके चेहरों पर खुशी थी।
कई खामियां रहीं इंतजाम में
उत्तर प्रदेश से आई बसों में सोशल डिस्टेंसिंग का प्रयोग था लेकिन यात्रियों को बसों से उतारते समय यह देखने को नहीं मिला। मौके पर एक डस्टबिन का भी इंतजाम नहीं किया गया। लोगों ने खाना खाकर वहीं पर कूड़े का ढेर लगा दिया। प्रशासन लोगों के लिए सेनेटाइजर का भी इंतजाम नहीं कर पाया।

स्वास्थ्य विभाग ने की जांच
स्वास्थ्य विभाग की टीम का नेतृत्व कर रहे डॉ. बृजेश बिष्ट ने हर तरह की जानकारी ली। उनसे यह भी पूछा गया कि वे किस-किस के संपर्क में आए हैं।
कोरोना संक्रमित के चलते रही अफवाह
सोमवार को जब कोटा से बसों का बेड़ा आ रहा था तब यह अफवाह उड़ी कि इनमें एक लड़की में कथित तौर पर कोरोना के लक्षण पाए गए हैं। इससे लोगों में डर का माहौल रहा। बाद में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हुई कि कोई भी कोरोना मरीज नहीं लाया जा रहा है तब लोगों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed