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एसिड अटैक के दोषी को 10 साल का कठोर कारावास
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प्रतीकात्मक।
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नैनीताल। अपर जिला सत्र न्यायाधीश द्वितीय राकेश कुमार सिंह की अदालत ने एसिड अटैक मामले में आरोपी को दस साल के कठोर कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 25 जनवरी 2019 को जंगलियागांव (भीमताल) निवासी सतीश चंद्र ने भीमताल थाने में रिपोर्ट लिखाई थी कि गांव के ही चंद्रशेखर ने उसके पिता मोहन राम के मुंह पर तेजाब फेंक दिया था। हमले में मोहन राम की एक आंख की रोशनी चली गई और मुंह झुलस गया। उनका हल्द्वानी में इलाज चल रहा है। पुलिस ने चंद्रशेखर के खिलाफ आईपीसी की धारा 326 समेत कई अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता पूजा साह ने न्यायालय में दस गवाह पेश किए। इस मामले को गंभीर अपराध मानते हुए अपर जिला न्यायधीश द्वितीय राकेश कुमार सिंह की अदालत ने आरोपी को एसिड अटैक के जुर्म में 10 साल के सश्रम कारावास और 10 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर तीन साल का अतिरिक्त कारावास और घर में घुसकर हमला करने के आरोप में दो वर्ष का कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है ।
पत्नी और बेटियों की हत्या का भी है आरोपी
नैनीताल। जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील शर्मा ने बताया कि आरोपी चंद्रशेखर अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था। उसकी पत्नी मोहन राम से बोलती थी इससे गुस्सा होकर उसने 20 जनवरी को अपनी पत्नी विमला देवी और 11-12 साल की दो बेटियों को चट्टान में ले जाकर खाई में फेंक दिया था। तीनों की मौत हो गई थी। यह मामला जिला न्यायाधीश की अदालत में विचाराधीन है ।
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एसिड अटैक मामले में पहली सजा
नैनीताल। जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा के मुताबिक एसिड अटैक मामले में नैनीताल जिला कोर्ट से पहली बार किसी आरोपी को सजा हुई है। न्यायालय ने राज्य के गृह सचिव और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को एसिड पीड़ित व्यक्ति को क्षतिपूर्ति दिलाने के भी निर्देश दिए हैं।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार 25 जनवरी 2019 को जंगलियागांव (भीमताल) निवासी सतीश चंद्र ने भीमताल थाने में रिपोर्ट लिखाई थी कि गांव के ही चंद्रशेखर ने उसके पिता मोहन राम के मुंह पर तेजाब फेंक दिया था। हमले में मोहन राम की एक आंख की रोशनी चली गई और मुंह झुलस गया। उनका हल्द्वानी में इलाज चल रहा है। पुलिस ने चंद्रशेखर के खिलाफ आईपीसी की धारा 326 समेत कई अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता पूजा साह ने न्यायालय में दस गवाह पेश किए। इस मामले को गंभीर अपराध मानते हुए अपर जिला न्यायधीश द्वितीय राकेश कुमार सिंह की अदालत ने आरोपी को एसिड अटैक के जुर्म में 10 साल के सश्रम कारावास और 10 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर तीन साल का अतिरिक्त कारावास और घर में घुसकर हमला करने के आरोप में दो वर्ष का कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है ।
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पत्नी और बेटियों की हत्या का भी है आरोपी
नैनीताल। जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील शर्मा ने बताया कि आरोपी चंद्रशेखर अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था। उसकी पत्नी मोहन राम से बोलती थी इससे गुस्सा होकर उसने 20 जनवरी को अपनी पत्नी विमला देवी और 11-12 साल की दो बेटियों को चट्टान में ले जाकर खाई में फेंक दिया था। तीनों की मौत हो गई थी। यह मामला जिला न्यायाधीश की अदालत में विचाराधीन है ।
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एसिड अटैक मामले में पहली सजा
नैनीताल। जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा के मुताबिक एसिड अटैक मामले में नैनीताल जिला कोर्ट से पहली बार किसी आरोपी को सजा हुई है। न्यायालय ने राज्य के गृह सचिव और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को एसिड पीड़ित व्यक्ति को क्षतिपूर्ति दिलाने के भी निर्देश दिए हैं।