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पुलिस ने बांबे अस्पताल से तलब किए रिकार्ड
Nainital
Updated Tue, 18 Nov 2014 05:31 AM IST
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नैनीताल। शेरवुड कालेज के छात्र और काठमांडू (नेपाल) निवासी शान प्रजापति की सेप्टीसीमिया से हुई मौत के मामले में सोमवार को पुलिस ने बांबे अस्पताल से छात्र को दिए गए इलाज के सारे रिकार्ड तलब कर लिए। ये रिकार्ड पुलिस को मिल चुके हैं। पुलिस का कहना है कि रिकार्ड का अध्ययन करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी नोएडा से शान प्रजापति के परिजनों की ओर से दर्ज की गई एफआईआर ट्रांसफर नहीं हुई है और न ही शान के परिजन ही नैनीताल पहुंचे हैं।
12 नवंबर की रात शेरवुड में 9वीं के छात्र शान प्रजापति की तबियत अचानक बिगड़ गई थी। कालेज में ही प्राथमिक इलाज के बाद 13 नवंबर को उसे बांबे हास्पिटल हल्द्वानी ले जाया गया। वहां से उसे नोएडा स्थित अपोलो अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। परिजनों की कालेज प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही बरते जाने की तहरीर पर नोएडा के सेक्टर-20 थाने में आईपीसी की धारा 304ए के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। तल्लीताल थानाध्यक्ष एसके पांडे ने बताया कि बांबे अस्पताल के एमडी डा. शैलेंद्र मिश्रा ने छात्र के इलाज से संबंधित रिकार्ड दे दिए हैं। एएसपी श्वेता चौबे ने बताया कि अभी नोएडा से एफआईआर ट्रांसफर नहीं की गई है। एफआईआर मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
नैनीताल। शेरवुड कालेज में काठमांडू निवासी छात्र शान प्रजापति की मौत के बाद अमर उजाला संवाददाता ने कुछ पब्लिक स्कूलों में स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। नगर के नामी और प्रतिष्ठित पब्लिक स्कूलों में निजी डिस्पेंसरी, ट्रेंड स्टाफ नर्स, जनरल मेडिसिन, जनरल वार्ड आइसोलेशन वार्ड तो हैं लेकिन इन पर स्वास्थ्य महकमे का कोई नियंत्रण नहीं है।
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शेरवुड प्रबंधन ने बताया कि बच्चे की तबियत खराब होने पर उसे मात्र एक दिन के लिए डस्पेंसरी में भर्ती किया जाता है। परिजनों को सूचना देने के साथ ही उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। स्कूल में 20 बेड का वार्ड है। स्टाफ नर्स बच्चों की देखरेख करती है। प्रधानाचार्य के अनुपस्थित होने के कारण उन्होंने डिस्पेंसरी दिखाने में असमर्थता जता दी।
सेंट जोजेफ पब्लिक स्कूल में 12 बेड का जनरल वार्ड और चार बेड का आइसोलेशन वार्ड है। आइसोलेशन वार्ड में चिकनपाक्स, वायरल आदि संक्रमण फैलाने वाले रोगी रखे जाते हैं। यहां वार्ड साफ सुथरे थे। प्रधानाचार्य डा. पीटर इमेनुअल ने बताया कि डिस्पेंसरी में ट्रेंड स्टाफ नर्स डॉली मुखर्जी हैं। 24 घंटे इमरजेंसी सेवा है। डिस्पेंसरी के पास ही स्टाफ नर्स का आवास है। जनरल मेडिसिन नर्स देती है, अन्य दवाएं डाक्टर की सलाह पर दी जाती हैं। बच्चे के बीमार पड़ने पर तत्काल परिजनों को सूचना देने के साथ ही उनकी राय ली जाती है। परिजनों की राय के अनुसार की इलाज किया जाता है। परिजन स्वयं इलाज कराना चाहें तो बच्चे को उनके सुपुर्द कर देते हैं। स्कूल प्रबंधन पर बच्चों की जिम्मेदारी होने से उनका पूरा ख्याल रखा जाता है। सप्ताह में सोमवार और बृहस्पतिवार को स्कूल प्रबंधन की ओर से रखे गए डाक्टर रूटीन चेकअप के लिए आते हैं।
नगर में जो भी नामी पब्लिक स्कूल हैं, उनके द्वारा अपने स्कूलों के विद्यार्थियों के इलाज की व्यवस्था स्वयं की जाती है। अगर किसी तरह की शिकायत मिली तो हम अपने स्तर पर जांच कराएंगे।
- डा. एलएम उप्रेती, मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल।
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12 नवंबर की रात शेरवुड में 9वीं के छात्र शान प्रजापति की तबियत अचानक बिगड़ गई थी। कालेज में ही प्राथमिक इलाज के बाद 13 नवंबर को उसे बांबे हास्पिटल हल्द्वानी ले जाया गया। वहां से उसे नोएडा स्थित अपोलो अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। परिजनों की कालेज प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही बरते जाने की तहरीर पर नोएडा के सेक्टर-20 थाने में आईपीसी की धारा 304ए के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। तल्लीताल थानाध्यक्ष एसके पांडे ने बताया कि बांबे अस्पताल के एमडी डा. शैलेंद्र मिश्रा ने छात्र के इलाज से संबंधित रिकार्ड दे दिए हैं। एएसपी श्वेता चौबे ने बताया कि अभी नोएडा से एफआईआर ट्रांसफर नहीं की गई है। एफआईआर मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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नैनीताल। शेरवुड कालेज में काठमांडू निवासी छात्र शान प्रजापति की मौत के बाद अमर उजाला संवाददाता ने कुछ पब्लिक स्कूलों में स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। नगर के नामी और प्रतिष्ठित पब्लिक स्कूलों में निजी डिस्पेंसरी, ट्रेंड स्टाफ नर्स, जनरल मेडिसिन, जनरल वार्ड आइसोलेशन वार्ड तो हैं लेकिन इन पर स्वास्थ्य महकमे का कोई नियंत्रण नहीं है।
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शेरवुड प्रबंधन ने बताया कि बच्चे की तबियत खराब होने पर उसे मात्र एक दिन के लिए डस्पेंसरी में भर्ती किया जाता है। परिजनों को सूचना देने के साथ ही उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। स्कूल में 20 बेड का वार्ड है। स्टाफ नर्स बच्चों की देखरेख करती है। प्रधानाचार्य के अनुपस्थित होने के कारण उन्होंने डिस्पेंसरी दिखाने में असमर्थता जता दी।
सेंट जोजेफ पब्लिक स्कूल में 12 बेड का जनरल वार्ड और चार बेड का आइसोलेशन वार्ड है। आइसोलेशन वार्ड में चिकनपाक्स, वायरल आदि संक्रमण फैलाने वाले रोगी रखे जाते हैं। यहां वार्ड साफ सुथरे थे। प्रधानाचार्य डा. पीटर इमेनुअल ने बताया कि डिस्पेंसरी में ट्रेंड स्टाफ नर्स डॉली मुखर्जी हैं। 24 घंटे इमरजेंसी सेवा है। डिस्पेंसरी के पास ही स्टाफ नर्स का आवास है। जनरल मेडिसिन नर्स देती है, अन्य दवाएं डाक्टर की सलाह पर दी जाती हैं। बच्चे के बीमार पड़ने पर तत्काल परिजनों को सूचना देने के साथ ही उनकी राय ली जाती है। परिजनों की राय के अनुसार की इलाज किया जाता है। परिजन स्वयं इलाज कराना चाहें तो बच्चे को उनके सुपुर्द कर देते हैं। स्कूल प्रबंधन पर बच्चों की जिम्मेदारी होने से उनका पूरा ख्याल रखा जाता है। सप्ताह में सोमवार और बृहस्पतिवार को स्कूल प्रबंधन की ओर से रखे गए डाक्टर रूटीन चेकअप के लिए आते हैं।
नगर में जो भी नामी पब्लिक स्कूल हैं, उनके द्वारा अपने स्कूलों के विद्यार्थियों के इलाज की व्यवस्था स्वयं की जाती है। अगर किसी तरह की शिकायत मिली तो हम अपने स्तर पर जांच कराएंगे।
- डा. एलएम उप्रेती, मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल।