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किरकिरी हुई तब खुली नींद
Nainital
Updated Sun, 21 Apr 2013 05:30 AM IST
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हल्द्वानी। गांधी ग्राम स्थित काजी-हाउस में बेजुबान पशुओं के साथ जानवर जैसा बर्ताव करने वाला नगर निगम आखिरकार अपनी किरकिरी होने के बाद जागा। शनिवार को निगम की टीम ने काजी-हाउस का निरीक्षण सुधार का भरोसा दिया है। टीम ने बीमार जानवरों के तत्काल इलाज की व्यवस्था की। वहीं समाजसेवी गुरविंदर चड्डा और हेमंत गोनिया ने एसपी सिटी से शिकायत की है कि निगम के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया जाए।
शुक्रवार को इन दोनों समाजसेवियों ने काजी-हाउस पहुंचकर वहां की जानवरों की नरकभरी जिंदगी को उठाया था। जानवर गंदगी में बीमार पड़े थे। खाने का चारा और पानी नहीं दिया जा रहा था। इलाज की कोई सुविधा नहीं थी। जब यह मुद्दा मीडिया में प्रकाशित हुआ तो अपनी फजीहत होने के बाद नगर निगम के अधिकारियों की नींद खुली और काजी-हाउस की तरफ रुख किया गया। नगर निगम के मुख्य नगर अधिकारी बीएस चलाल ने बताया कि काजी-हाउस की मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। करीब सात लाख की लागत से इसे पूरा ठीक किया जाएगा। बजट के अभाव में काम रुका पड़ा है। जहां तक चारे का सवाल है तो पुराना रेट चल रहा है। इसे रिवाइज किया जाएगा। काजी-हाउस के पेंडिंग बिल के 26 हजार रुपये शनिवार को ही रिलीज किए गए।
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शुक्रवार को इन दोनों समाजसेवियों ने काजी-हाउस पहुंचकर वहां की जानवरों की नरकभरी जिंदगी को उठाया था। जानवर गंदगी में बीमार पड़े थे। खाने का चारा और पानी नहीं दिया जा रहा था। इलाज की कोई सुविधा नहीं थी। जब यह मुद्दा मीडिया में प्रकाशित हुआ तो अपनी फजीहत होने के बाद नगर निगम के अधिकारियों की नींद खुली और काजी-हाउस की तरफ रुख किया गया। नगर निगम के मुख्य नगर अधिकारी बीएस चलाल ने बताया कि काजी-हाउस की मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। करीब सात लाख की लागत से इसे पूरा ठीक किया जाएगा। बजट के अभाव में काम रुका पड़ा है। जहां तक चारे का सवाल है तो पुराना रेट चल रहा है। इसे रिवाइज किया जाएगा। काजी-हाउस के पेंडिंग बिल के 26 हजार रुपये शनिवार को ही रिलीज किए गए।
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