{"_id":"38146","slug":"Nainital-38146-116","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चे का अपहरण कर नहर में फेंका, मौत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चे का अपहरण कर नहर में फेंका, मौत
Nainital
Updated Tue, 21 Aug 2012 12:00 PM IST
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रामनगर। महज 10 हजार रुपये के लेनदेन को लेकर दो मजदूरों ने एक विधवा के आठ वर्षीय बच्चे का अपहरण कर नहर में फेंककर उसकी जान ले ली। घटना के तीसरे दिन सोमवार को बच्चे की लाश शहर से 15 किमी दूर ढेला बैराज के पास मिली। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मक्का मस्जिद के पास मोहल्ला खताड़ी निवासी फरीदा बेगम के पति मोहम्मद अनवर की करीब पांच वर्ष पूर्व मौत हो गई थी। तब से फरीदा प्लाइवुड फैक्ट्री में मजदूरी कर अपने तीन बच्चों का पालन पोषण कर रही थी। फैक्ट्री में काम के दौरान फरीदा की जान-पहचान कंजरपड़ाव भवानीगंज निवासी प्रीतम से हो गई। सात माह पूर्व प्रीतम के भाई सूरज की शादी थी। इसके लिए फरीदा ने जनवरी में प्रीतम को दस हजार रुपये उधार दिए थे लेकिन प्रीतम ने यह रुपये आज तक नहीं लौटाए। अब चार माह से बीमारी के कारण फरीदा ने फैक्ट्री में मजदूरी करना छोड़ दिया था और घरेलू काम कर परिवार को पाल रही थी। इधर, प्रीतम का उसके घर अभी भी आना, जाना होने से मोहल्लेवासियों ने एतराज जताया था। पुलिस को दी तहरीर में फरीदा ने आरोप लगाया है कि 16 अगस्त को सिम कार्ड खरीदने के लिए प्रीतम को उसने अपना वोटर कार्ड दिया था। 17 अगस्त को प्रीतम से वोटर कार्ड वापस लेने के लिए वह अपने पुत्र नदीम (8) के साथ पुलिस फायर स्टेशन के पास आई थी। वहीं से कंजरपड़ाव भवानीगंज निवासी प्रीतम और उसके दोस्त राजू ने नदीम का अपहरण कर लिया। पुलिस ने रविवार को घटना की रिपोर्ट दर्ज कर सोमवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सख्ती से पूछताछ में आरोपियों ने नदीम को बड़ी नहर में फेंकने का अपराध कबूला। दोनों ने बताया कि रुपये मांगने के चक्कर में फरीदा ने उन्हें कई बार भला-बुरा कहा, इससे रंजिश रखते हुए ही उसके बच्चे का अपहरण किया और फिर नहर में फेंक दिया। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर सोमवार को हाथीडंगर के पास ढेला नदी से नदीम का शव बरामद कर लिया। पोस्टमार्टम के बाद शव दफना दिया गया है। इस घटना से लोगों में जबर्दस्त आक्रोश देखने को मिला। पालिकाध्यक्ष हाजी मोहम्मद अकरम, सभासद बाबर खान आदि लोगों के समझाने पर लोग बमुश्किल शांत हुए। शांति व्यवस्था के मद्देनजर सीओ प्रमोद कुमार, एसडीएम जंगपांगी भी मौके पर डटे रहे। एसएसपी डा. सदानंद दाते ने भी मौका मुआयना किया।
इनसेट
28वें रोजे पर ही खोए पति और पुत्र
रामनगर। मोहल्ला खताड़ी निवासी फरीदा बेगम के लिए रमजान का 28वां रोजा दुखदायी रहा है। करीब पांच वर्ष पूर्व मजदूरी करने वाले उसके पति मो. अनवर की मौत रमजान के 28वें रोजे के दिन हुई थी। अब अबोध पुत्र नदीम की मौत भी रमजान के 28वें रोजे के दिन होने से शोकाकुल परिजनों का बुरा हाल है। महज 10 हजार रुपये के लेनदेन का कारण एक मां, बहनों की ईद और उनके परिवार की सभी खुशियां छीन ले गया। नदीम की दोनों बहनें भले ही इसका कारण न समझ पा रही हों लेकिन उनकी मां फरीदा को अपना जीवन अंधकारमय नजर आने लगा है।
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इनसेट
तमन्ना ईदी की, मिली मौत
रामनगर। ईद पर हर बच्चे की तरह नदीम ने भी दिल में मां से ईदी के रूप में नए कपड़े और खिलौने मिलने के सपने संजोए थे। फरीदा बेगम ने बताया कि बच्चों को ईद पर कई सारे उपहार देने के लिए उसने प्रीतम को दिए अपने 10 हजार रुपये मांगे थे। मगर उसे क्या पता था कि अल्लाह को कुछ और ही मंजूर था और इन्हीं रुपये के कारण उसे अपने इकलौते पुत्र को खोना पड़ेगा। पति के गुजरने के बाद अब पुत्र की मौत ने फरीदा को पूरी तरह से तोड़ दिया है।
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मक्का मस्जिद के पास मोहल्ला खताड़ी निवासी फरीदा बेगम के पति मोहम्मद अनवर की करीब पांच वर्ष पूर्व मौत हो गई थी। तब से फरीदा प्लाइवुड फैक्ट्री में मजदूरी कर अपने तीन बच्चों का पालन पोषण कर रही थी। फैक्ट्री में काम के दौरान फरीदा की जान-पहचान कंजरपड़ाव भवानीगंज निवासी प्रीतम से हो गई। सात माह पूर्व प्रीतम के भाई सूरज की शादी थी। इसके लिए फरीदा ने जनवरी में प्रीतम को दस हजार रुपये उधार दिए थे लेकिन प्रीतम ने यह रुपये आज तक नहीं लौटाए। अब चार माह से बीमारी के कारण फरीदा ने फैक्ट्री में मजदूरी करना छोड़ दिया था और घरेलू काम कर परिवार को पाल रही थी। इधर, प्रीतम का उसके घर अभी भी आना, जाना होने से मोहल्लेवासियों ने एतराज जताया था। पुलिस को दी तहरीर में फरीदा ने आरोप लगाया है कि 16 अगस्त को सिम कार्ड खरीदने के लिए प्रीतम को उसने अपना वोटर कार्ड दिया था। 17 अगस्त को प्रीतम से वोटर कार्ड वापस लेने के लिए वह अपने पुत्र नदीम (8) के साथ पुलिस फायर स्टेशन के पास आई थी। वहीं से कंजरपड़ाव भवानीगंज निवासी प्रीतम और उसके दोस्त राजू ने नदीम का अपहरण कर लिया। पुलिस ने रविवार को घटना की रिपोर्ट दर्ज कर सोमवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सख्ती से पूछताछ में आरोपियों ने नदीम को बड़ी नहर में फेंकने का अपराध कबूला। दोनों ने बताया कि रुपये मांगने के चक्कर में फरीदा ने उन्हें कई बार भला-बुरा कहा, इससे रंजिश रखते हुए ही उसके बच्चे का अपहरण किया और फिर नहर में फेंक दिया। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर सोमवार को हाथीडंगर के पास ढेला नदी से नदीम का शव बरामद कर लिया। पोस्टमार्टम के बाद शव दफना दिया गया है। इस घटना से लोगों में जबर्दस्त आक्रोश देखने को मिला। पालिकाध्यक्ष हाजी मोहम्मद अकरम, सभासद बाबर खान आदि लोगों के समझाने पर लोग बमुश्किल शांत हुए। शांति व्यवस्था के मद्देनजर सीओ प्रमोद कुमार, एसडीएम जंगपांगी भी मौके पर डटे रहे। एसएसपी डा. सदानंद दाते ने भी मौका मुआयना किया।
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28वें रोजे पर ही खोए पति और पुत्र
रामनगर। मोहल्ला खताड़ी निवासी फरीदा बेगम के लिए रमजान का 28वां रोजा दुखदायी रहा है। करीब पांच वर्ष पूर्व मजदूरी करने वाले उसके पति मो. अनवर की मौत रमजान के 28वें रोजे के दिन हुई थी। अब अबोध पुत्र नदीम की मौत भी रमजान के 28वें रोजे के दिन होने से शोकाकुल परिजनों का बुरा हाल है। महज 10 हजार रुपये के लेनदेन का कारण एक मां, बहनों की ईद और उनके परिवार की सभी खुशियां छीन ले गया। नदीम की दोनों बहनें भले ही इसका कारण न समझ पा रही हों लेकिन उनकी मां फरीदा को अपना जीवन अंधकारमय नजर आने लगा है।
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रामनगर। ईद पर हर बच्चे की तरह नदीम ने भी दिल में मां से ईदी के रूप में नए कपड़े और खिलौने मिलने के सपने संजोए थे। फरीदा बेगम ने बताया कि बच्चों को ईद पर कई सारे उपहार देने के लिए उसने प्रीतम को दिए अपने 10 हजार रुपये मांगे थे। मगर उसे क्या पता था कि अल्लाह को कुछ और ही मंजूर था और इन्हीं रुपये के कारण उसे अपने इकलौते पुत्र को खोना पड़ेगा। पति के गुजरने के बाद अब पुत्र की मौत ने फरीदा को पूरी तरह से तोड़ दिया है।