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लापरवाही: अस् थायी शिक्षक बन गए सेक्टर मजिस्ट्रेट
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हल्द्वानी। लोकसभा निर्वाचन की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पर कितना दबाव है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एमबीपीजी कॉलेज के अस्थायी शिक्षकों को भी सेक्टर मजिस्ट्रेट बना दिया गया। इसको लेकर जिला निर्वाचन कार्यालय पर भी सवालिया निशान लग गया है।
जानकारी के मुताबिक एमबीपीजी कॉलेज के डा. डीसी पंत, डा. गौरव कुमार, डा. टीबी सिंह, डा. एसएन सिंह, डा. संतोष कुमार मिश्रा, डा. विनय कुमार विद्यालंकार, डा. कमरुद्दीन, डा. अशोक कुमार, डा. महेंद्र प्रताप सिंह, डा. अर्जुन सिंह, डा. अमित चंद्रा, डा. एसएस खत्री, डा. संजीव सक्सेना, डा. नीरज तिवारी, डा. भानु प्रताप सिंह, शेखर कुमार, डा. भुवन चंद्र मेलकानी समेत दो दर्जन से अधिक एसोसिएट एवं असिस्टेंट प्रोफेसरों की ड्यूटी निर्वाचन कार्यालय की ओर से लोकसभा चुनाव में ड्यूटी लगाई गई हैं। इनमें से अधिकांश प्रोफेसरों को राजपत्रित अधिकारी होने के नाते सेक्टर मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी दी गई है। सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में निर्वाचन ड्यूटी में लगे प्रोफेसरों को सोमवार को प्रशिक्षण भी दिया गया। इधर, सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाए जाने में निर्वाचन कार्यालय की बड़ी लापरवाही भी सामने आई है। नियमानुसार सेक्टर मजिस्ट्रेट राजपत्रित अधिकारी को ही बनाया जा सकता है लेकिन एमबीपीजी कॉलेज के ऐसे प्राध्यापकों को भी सेक्टर मजिस्ट्रेट बना दिया गया है जो कि स्थायी नहीं हैं, कोई अस्थायी है तो कोई संविदा पर है। इसमें कालेज के अस्थायी एवं संविदा पर कार्यरत डा. अमित चंद्रा (स्ववित्तपोषित बीएड), शेखर कुमार (कंप्यूटर साइंस), गौरव जोशी (कंप्यूटर साइंस) एवं गौरव कुमार (शिक्षाशास्त्र) के नाम भी सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाए जाने की सूची में शामिल बताए गए हैं, इसी तरह अस्थायी प्राध्यापक अर्जुन सिंह (बीएड विभाग) की ड्यूटी फ्लाइंग स्क्वायड में लगाई गई है। इस बारे में नोडल अधिकारी (कार्मिक) एवं सीडीओ विनीत कुमार का कहना है कि किसी भी संविदा या अस्थायी प्राध्यापक की ड्यूटी सेक्टर मजिस्ट्रेट के पद पर नहीं लगाई जा सकती, यदि ऐसा हुआ है तो इसे चेक कराकर दुरुस्त किया जाएगा।
लापरवाही : अस्थायी शिक्षक भी बना दिए गए सेक्टर मजिस्ट्रेट
निर्वाचन कार्यालय ने एमबीपीजी कॉलेज के 20 से अधिक प्राध्यापकों की लगाई है ड्यूटी
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जानकारी के मुताबिक एमबीपीजी कॉलेज के डा. डीसी पंत, डा. गौरव कुमार, डा. टीबी सिंह, डा. एसएन सिंह, डा. संतोष कुमार मिश्रा, डा. विनय कुमार विद्यालंकार, डा. कमरुद्दीन, डा. अशोक कुमार, डा. महेंद्र प्रताप सिंह, डा. अर्जुन सिंह, डा. अमित चंद्रा, डा. एसएस खत्री, डा. संजीव सक्सेना, डा. नीरज तिवारी, डा. भानु प्रताप सिंह, शेखर कुमार, डा. भुवन चंद्र मेलकानी समेत दो दर्जन से अधिक एसोसिएट एवं असिस्टेंट प्रोफेसरों की ड्यूटी निर्वाचन कार्यालय की ओर से लोकसभा चुनाव में ड्यूटी लगाई गई हैं। इनमें से अधिकांश प्रोफेसरों को राजपत्रित अधिकारी होने के नाते सेक्टर मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी दी गई है। सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में निर्वाचन ड्यूटी में लगे प्रोफेसरों को सोमवार को प्रशिक्षण भी दिया गया। इधर, सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाए जाने में निर्वाचन कार्यालय की बड़ी लापरवाही भी सामने आई है। नियमानुसार सेक्टर मजिस्ट्रेट राजपत्रित अधिकारी को ही बनाया जा सकता है लेकिन एमबीपीजी कॉलेज के ऐसे प्राध्यापकों को भी सेक्टर मजिस्ट्रेट बना दिया गया है जो कि स्थायी नहीं हैं, कोई अस्थायी है तो कोई संविदा पर है। इसमें कालेज के अस्थायी एवं संविदा पर कार्यरत डा. अमित चंद्रा (स्ववित्तपोषित बीएड), शेखर कुमार (कंप्यूटर साइंस), गौरव जोशी (कंप्यूटर साइंस) एवं गौरव कुमार (शिक्षाशास्त्र) के नाम भी सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाए जाने की सूची में शामिल बताए गए हैं, इसी तरह अस्थायी प्राध्यापक अर्जुन सिंह (बीएड विभाग) की ड्यूटी फ्लाइंग स्क्वायड में लगाई गई है। इस बारे में नोडल अधिकारी (कार्मिक) एवं सीडीओ विनीत कुमार का कहना है कि किसी भी संविदा या अस्थायी प्राध्यापक की ड्यूटी सेक्टर मजिस्ट्रेट के पद पर नहीं लगाई जा सकती, यदि ऐसा हुआ है तो इसे चेक कराकर दुरुस्त किया जाएगा।
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लापरवाही : अस्थायी शिक्षक भी बना दिए गए सेक्टर मजिस्ट्रेट
निर्वाचन कार्यालय ने एमबीपीजी कॉलेज के 20 से अधिक प्राध्यापकों की लगाई है ड्यूटी