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खून के लिए तड़पती रही गर्भवती
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रामनगर (नैनीताल)। अस्पताल में खून न मिलने पर एक गर्भवती की हालत बिगड़ गई। चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया था, लेकिन डेढ़ घंटे तक तक महिला को 108 नहीं मिली, बाद में परिजन उसे काशीपुर लेकर गए।
कोटद्वार रोड निवासी जहूर अहमद भिकियासैंण अल्मोड़ा में काम करता है। उसकी पत्नी रुखसाना गर्भवती है। डॉ. अर्चना कौशिक ने बताया कि उसका स्थानीय अस्पताल से इलाज चल रहा था। शुक्रवार को महिला प्रसव के लिए अस्पताल पहुंची। उसके हिमोग्लोबिन की जांच की गई तो यह सात अंक था जबकि सामान्य स्थिति 14 है। इससे महिला की हालत बिगड़ने लगी। अस्पताल में बने ब्लड स्टोरेज में उन्हें बी निगेटिव ग्रुप का खून नहीं मिल सका। इस पर डॉक्टरों ने महिला को हायर सेंटर रेफर कर दिया। उसके परिजन करीब डेढ़ घंटे तक खून या एंबुलेंस की तलाश करते रहे। इस कारण हुई काफी देरी के बाद परिजन उसे काशीपुर ले जा सके।
खून के लिए तड़पती रही गर्भवती
डेढ़ घंटे बाद काशीपुर ले गए परिजन
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कोटद्वार रोड निवासी जहूर अहमद भिकियासैंण अल्मोड़ा में काम करता है। उसकी पत्नी रुखसाना गर्भवती है। डॉ. अर्चना कौशिक ने बताया कि उसका स्थानीय अस्पताल से इलाज चल रहा था। शुक्रवार को महिला प्रसव के लिए अस्पताल पहुंची। उसके हिमोग्लोबिन की जांच की गई तो यह सात अंक था जबकि सामान्य स्थिति 14 है। इससे महिला की हालत बिगड़ने लगी। अस्पताल में बने ब्लड स्टोरेज में उन्हें बी निगेटिव ग्रुप का खून नहीं मिल सका। इस पर डॉक्टरों ने महिला को हायर सेंटर रेफर कर दिया। उसके परिजन करीब डेढ़ घंटे तक खून या एंबुलेंस की तलाश करते रहे। इस कारण हुई काफी देरी के बाद परिजन उसे काशीपुर ले जा सके।
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खून के लिए तड़पती रही गर्भवती
डेढ़ घंटे बाद काशीपुर ले गए परिजन