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कूडे़ के ढेर में बदल रही है हल्द्वानी
Updated Tue, 05 Jun 2018 02:24 AM IST
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हल्द्वानी। शहर में जगह जगह कूड़े के ढेर और ट्रंचिंग मैदान का आकार बढ़ता ही जा रहा है। पर्यावरण शुद्ध करने को लेकर चिंता जताई जा रही है लेकिन पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले कूड़ा, पॉलीथिन के निस्तारण नहीं हो रहा है।
नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक शहर में रोजाना 8-9 टन कूड़ा निकलता है। इस कूड़े में 80-85 फीसदी से ज्यादा पर्यावरण को 100 साल तक नुकसान पहुंचाने वाली पॉलीथिन होती है। यानी हर रोज 6.5-7 टन पॉलीथिन निकल रही है। इस कूड़े और पॉलीथिन के निस्तारण के लिए कहीं कोई इंतजाम नहीं है। नगर निगम के पास जैविक और अजैविक कूड़ा अलग करने के लिए श्रम और संसाधनों की कमी है हालांकि अभी दो अलग अलग रंग के कूड़ा दान वितरित किए गए है ताकि कूड़ा उठान से ही कूड़ा अलग हो सके। बाद में गाड़ी से ट्रंचिंग मैदान में फेंकने पर कूड़ा फिर मिल जाता है।
नगर निगम समय समय पर पॉलीथिन के खिलाफ अभियान चलाता रहता है। दो सालों में नगर निगम ने 39.85 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है। तकरीबन 25 क्विंटल से ज्यादा की पॉलीथिन जब्त की है और 400 से ज्यादा का चालान किया है। फिर भी चोरी छिपे फड़, खोखे, रेस्टोरेंट में पॉलीथिन बिकती मिल जाती है।
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नगर निगम ने गौला पार में कूड़ा प्रबंधन संयंत्र के लिए वन भूमि हस्तांतरण की फाइल दून में अटकी हुई है। भारत सरकार ने भूमि हस्तांतरण की विधिवत मंजूरी दे दी है लेकिन शर्त की 1,000 पेड़ और उनके 10 साल के रख रखाव का भुगतान नगर निगम करेगा। निगम ने इस बाबत तकरीबन 15 लाख रुपये जमा किए हैं। अब सिर्फ देहरादून से रिपोर्ट लगना बाकी है।
09 टन कूड़ा निकलता है रोजाना, इस कूड़े में करीब सात टन होती है पॉलीथिन
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नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक शहर में रोजाना 8-9 टन कूड़ा निकलता है। इस कूड़े में 80-85 फीसदी से ज्यादा पर्यावरण को 100 साल तक नुकसान पहुंचाने वाली पॉलीथिन होती है। यानी हर रोज 6.5-7 टन पॉलीथिन निकल रही है। इस कूड़े और पॉलीथिन के निस्तारण के लिए कहीं कोई इंतजाम नहीं है। नगर निगम के पास जैविक और अजैविक कूड़ा अलग करने के लिए श्रम और संसाधनों की कमी है हालांकि अभी दो अलग अलग रंग के कूड़ा दान वितरित किए गए है ताकि कूड़ा उठान से ही कूड़ा अलग हो सके। बाद में गाड़ी से ट्रंचिंग मैदान में फेंकने पर कूड़ा फिर मिल जाता है।
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नगर निगम समय समय पर पॉलीथिन के खिलाफ अभियान चलाता रहता है। दो सालों में नगर निगम ने 39.85 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है। तकरीबन 25 क्विंटल से ज्यादा की पॉलीथिन जब्त की है और 400 से ज्यादा का चालान किया है। फिर भी चोरी छिपे फड़, खोखे, रेस्टोरेंट में पॉलीथिन बिकती मिल जाती है।
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नगर निगम ने गौला पार में कूड़ा प्रबंधन संयंत्र के लिए वन भूमि हस्तांतरण की फाइल दून में अटकी हुई है। भारत सरकार ने भूमि हस्तांतरण की विधिवत मंजूरी दे दी है लेकिन शर्त की 1,000 पेड़ और उनके 10 साल के रख रखाव का भुगतान नगर निगम करेगा। निगम ने इस बाबत तकरीबन 15 लाख रुपये जमा किए हैं। अब सिर्फ देहरादून से रिपोर्ट लगना बाकी है।
09 टन कूड़ा निकलता है रोजाना, इस कूड़े में करीब सात टन होती है पॉलीथिन