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न मिल आवंटित हुई न लगे गन्ना सेंटर
Updated Sun, 09 Dec 2018 11:40 PM IST
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खटीमा। क्षेत्र के गन्ने की बेकद्री से चिंतित गन्ना काश्तकारों को अपना भविष्य अंधकार मय प्रतीत होने लगा है। उत्तर प्रदेश में चीनी मिलों को पिराई करते हुए लगभग एक महीने हो चुका है लेकिन क्षेत्र में गन्ना तौल केंद्र तक नहीं खुल पा रहे हैं। किसानों की मानें तो अभी तक शासन स्तर पर यह भी तय नहीं हो सका है कि किच्छा, बहेड़ी एवं बाजपुर चीनी मिलों के क्षेत्र में कितने सेंटर खुलेंगे।
प्रदेेश के सर्वाधिक गन्ना उत्पादन वाले क्षेत्र के किसानों को इस बार गन्ने की फसल समेटने में मारामारी का सामना करना पड़ रहा है। गन्ना सप्लाई के लिए अभी तक गन्ना सेंटर नहीं खोले गए हैं। सितारगंज चीनी मिल खोलने की किसानों की मांग अनसुनी की जा रही है।
खटीमा-मझोला सहकारी गन्ना विकास समिति अध्यक्ष बलविंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि शासन स्तर पर किसानों के हित में ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है। किसान समय पर गन्ना सप्लाई नहीं होने की स्थिति में गेहूं की फसल से भी वंचित रहता है। समिति डायरेक्टर मनमोहन सिंह सोहल ने बताया कि चीनी मिलों को अभी तक सेंटर आवंटित नहीं होने से किसान अपने गन्ने के साथ ही गेहूं की फसल को लेकर चिंतित हैं।
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प्रदेेश के सर्वाधिक गन्ना उत्पादन वाले क्षेत्र के किसानों को इस बार गन्ने की फसल समेटने में मारामारी का सामना करना पड़ रहा है। गन्ना सप्लाई के लिए अभी तक गन्ना सेंटर नहीं खोले गए हैं। सितारगंज चीनी मिल खोलने की किसानों की मांग अनसुनी की जा रही है।
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खटीमा-मझोला सहकारी गन्ना विकास समिति अध्यक्ष बलविंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि शासन स्तर पर किसानों के हित में ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है। किसान समय पर गन्ना सप्लाई नहीं होने की स्थिति में गेहूं की फसल से भी वंचित रहता है। समिति डायरेक्टर मनमोहन सिंह सोहल ने बताया कि चीनी मिलों को अभी तक सेंटर आवंटित नहीं होने से किसान अपने गन्ने के साथ ही गेहूं की फसल को लेकर चिंतित हैं।
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