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मकान बनाने के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी करने वाला गिरफ्तार
Updated Fri, 11 May 2018 02:12 AM IST
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हल्द्वानी। लोगों के खून पसीने की कमाई डकारने वाला बिल्डर तीन साल बाद बृहस्पतिवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसने ने मकान बनाने के नाम पर 24 से ज्यादा लोगों से करीब 70-80 लाख की धोखाधड़ी की है। कई जिलों में उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव और सीओ सिटी डीसी ढौडियाल ने पुलिस बहुउद्देश्यीय भवन में पत्रकारों को बताया कि पकड़ा गया रमा ठाकुर पुत्र जगन्नाथ ठाकुर दरभंगा (बिहार) का रहने वाला है। उसका रुद्रपुर मेट्रोपोलिस और हल्द्वानी के कमलुवागांजा में रमाकर डेवलपर्स प्रा.लि. के नाम से दफ्तर है। आरोप है कि मकान के निर्माण के लिए उसने दिल्ली के द्वारिका निवासी सूरज सिंह धपोला से 2.90 लाख और पिथौरागढ़ के मुनस्यारी निवासी नरेंद्र सिंह शाही से 4.75 लाख रुपये लिए थे। कई महीने बात भी मकान नहीं बनाया तो रिपोर्ट दर्ज की गई। इसकी जांच डीआईजी की एसआईटी से भी कराई गई। एसआईटी ने भी धोखाधड़ी की पुष्टि की।
यह भी सामने आया कि उसने अल्मोड़ा, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल के 20 से ज्यादा लोगों से मकान निर्माण के नाम पर करीब 70 लाख की धोखाधड़ी की। बृहस्पतिवार को कमलुवागांजा के रमाकर डेवलपर्स के दफ्तर से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार करने वाली टीम में एसओ नंदन सिंह रावत, एसआई संजय जोशी, कांस्टेबल गगनदीप सिंह, अनिल सती, गिरीश प्रसाद शामिल हैं।
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ठाठ से रहता था
रमा ठाकुर ठगी करने के लिए ठाठ दिखाता था। रुद्रपुर में मेट्रोपोलिस में उसने फ्लैट ले रखा था। वह लग्जरी गाड़ी से चलता था। हल्द्वानी में भी उसने आलीशान आफिस बनाया था। यहां करीब 24 कर्मचारी रखे थे।
गुुरुग्राम को बनाया था छिपने का अड्डा
पुलिस के अनुसार जब भी उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया वह गुरुग्राम में किसी अड्डे पर चला जाता था। वहां जब भी छापामारी की गई वह अड्डा बदल देता था। इस बीच वह कागजात ठिकाने लगाने हल्द्वानी आया था लेकिन पुलिस के हाथ लग गया।
ईंट, सीमेंट और रेता वालों का भी है बकाया
पुलिस जांच में आया है कि ऊधमसिंह नगर और नैनीताल में मकान बनाने के नाम पर सीमेंट, ईंट और रेता बजरी वालों का भी लाखों रुपया उधार है। जब वे भुगतान मांगते तो वह चेक दे देता और बाद में चेक बाउंस हो जाते थे।
अल्मोड़ा, यूएसनगर, हल्द्वानी में दर्ज हैं मुकदमे
रमा ठाकुर पर चेक बाउंस के ऊधमसिंह नगर में पांच, हल्द्वानी और अल्मोड़ा में आठ-आठ मुकदमे दर्ज हैं जबकि पंतनगर और ऊधम सिंह नगर में धोखाधड़ी के दो-दो मुकदमे दर्ज हैं।
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पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव और सीओ सिटी डीसी ढौडियाल ने पुलिस बहुउद्देश्यीय भवन में पत्रकारों को बताया कि पकड़ा गया रमा ठाकुर पुत्र जगन्नाथ ठाकुर दरभंगा (बिहार) का रहने वाला है। उसका रुद्रपुर मेट्रोपोलिस और हल्द्वानी के कमलुवागांजा में रमाकर डेवलपर्स प्रा.लि. के नाम से दफ्तर है। आरोप है कि मकान के निर्माण के लिए उसने दिल्ली के द्वारिका निवासी सूरज सिंह धपोला से 2.90 लाख और पिथौरागढ़ के मुनस्यारी निवासी नरेंद्र सिंह शाही से 4.75 लाख रुपये लिए थे। कई महीने बात भी मकान नहीं बनाया तो रिपोर्ट दर्ज की गई। इसकी जांच डीआईजी की एसआईटी से भी कराई गई। एसआईटी ने भी धोखाधड़ी की पुष्टि की।
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यह भी सामने आया कि उसने अल्मोड़ा, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल के 20 से ज्यादा लोगों से मकान निर्माण के नाम पर करीब 70 लाख की धोखाधड़ी की। बृहस्पतिवार को कमलुवागांजा के रमाकर डेवलपर्स के दफ्तर से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार करने वाली टीम में एसओ नंदन सिंह रावत, एसआई संजय जोशी, कांस्टेबल गगनदीप सिंह, अनिल सती, गिरीश प्रसाद शामिल हैं।
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ठाठ से रहता था
रमा ठाकुर ठगी करने के लिए ठाठ दिखाता था। रुद्रपुर में मेट्रोपोलिस में उसने फ्लैट ले रखा था। वह लग्जरी गाड़ी से चलता था। हल्द्वानी में भी उसने आलीशान आफिस बनाया था। यहां करीब 24 कर्मचारी रखे थे।
गुुरुग्राम को बनाया था छिपने का अड्डा
पुलिस के अनुसार जब भी उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया वह गुरुग्राम में किसी अड्डे पर चला जाता था। वहां जब भी छापामारी की गई वह अड्डा बदल देता था। इस बीच वह कागजात ठिकाने लगाने हल्द्वानी आया था लेकिन पुलिस के हाथ लग गया।
ईंट, सीमेंट और रेता वालों का भी है बकाया
पुलिस जांच में आया है कि ऊधमसिंह नगर और नैनीताल में मकान बनाने के नाम पर सीमेंट, ईंट और रेता बजरी वालों का भी लाखों रुपया उधार है। जब वे भुगतान मांगते तो वह चेक दे देता और बाद में चेक बाउंस हो जाते थे।
अल्मोड़ा, यूएसनगर, हल्द्वानी में दर्ज हैं मुकदमे
रमा ठाकुर पर चेक बाउंस के ऊधमसिंह नगर में पांच, हल्द्वानी और अल्मोड़ा में आठ-आठ मुकदमे दर्ज हैं जबकि पंतनगर और ऊधम सिंह नगर में धोखाधड़ी के दो-दो मुकदमे दर्ज हैं।