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खत्म हो जाएगा एकाधिकार
Updated Wed, 25 Apr 2018 02:23 AM IST
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हल्द्वानी। खरीदारी करने से पहले और बजट खर्च करने से पहले शासन की अनुमति लेने के निर्णय से मेडिकल कॉलेज में खलबली मची हुई है। जेम पोर्टल पर 50 हजार से अधिक वस्तुओं की सूची है, इस पर खरीदारी भी हो सकती है।
सुशीला तिवारी अस्पताल में तीन लाख से अधिक की खरीद पर टेंडर करना पड़ता है। इसके चलते रेजीडेंट, किट, दवाएं, सर्जिकल उपकरण आदि की खरीद टुकड़ों की जाती है। खास बात यह है कि टेंडर तो राष्ट्रीय स्तर पर निकाला जाता है मगर उसमें स्थानीय व्यक्ति को प्राथमिकता देने की शर्त रखी जाती है। साथ ही टर्नओवर इतना अधिक रखा जाता है कि स्थानीय स्तर पर एक या दो लोग उसमें आते हैं। ऐसे में टेंडर प्रक्रिया में ज्यादा लोगों के न आने या टर्नओवर की शर्त न पूरी करने के चलते किसी एक को ही टेंडर पकड़ा दिया जाता है। टेंडर की राशि से कम राशि का छोटा-छोटा आर्डर देकर भी मनचाहे व्यक्ति को लाभ पहुंचा दिया जाता है। नए आदेश के तहत अब एक वर्ष की पूरी कार्ययोजना और जरूरत की वस्तुओं की सूची एक ही बार में उपलब्ध करानी होगी। चिकित्सा-शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष स्याना ने कहा कि बार-बार की प्रक्रिया बचाने को ऐसा आदेश दिया गया है। जेम पोर्टल को लेकर 21 अप्रैल को सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य और अन्य कर्मियों की ट्रेनिंग कराई गई है। डॉ. स्याना ने माना कि इससे प्रक्रिया पारदर्शी होगी।
जेम पोर्टल से होगी खरीदारी, 50 हजार से अधिक वस्तुओं की सूची है पोर्टल पर
मनमाने तरीके से नहीं पहुंचाया जा सकेगा अपनों को लाभ, पोर्टल के लिए कराई गई ट्रेनिंग
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सुशीला तिवारी अस्पताल में तीन लाख से अधिक की खरीद पर टेंडर करना पड़ता है। इसके चलते रेजीडेंट, किट, दवाएं, सर्जिकल उपकरण आदि की खरीद टुकड़ों की जाती है। खास बात यह है कि टेंडर तो राष्ट्रीय स्तर पर निकाला जाता है मगर उसमें स्थानीय व्यक्ति को प्राथमिकता देने की शर्त रखी जाती है। साथ ही टर्नओवर इतना अधिक रखा जाता है कि स्थानीय स्तर पर एक या दो लोग उसमें आते हैं। ऐसे में टेंडर प्रक्रिया में ज्यादा लोगों के न आने या टर्नओवर की शर्त न पूरी करने के चलते किसी एक को ही टेंडर पकड़ा दिया जाता है। टेंडर की राशि से कम राशि का छोटा-छोटा आर्डर देकर भी मनचाहे व्यक्ति को लाभ पहुंचा दिया जाता है। नए आदेश के तहत अब एक वर्ष की पूरी कार्ययोजना और जरूरत की वस्तुओं की सूची एक ही बार में उपलब्ध करानी होगी। चिकित्सा-शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष स्याना ने कहा कि बार-बार की प्रक्रिया बचाने को ऐसा आदेश दिया गया है। जेम पोर्टल को लेकर 21 अप्रैल को सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य और अन्य कर्मियों की ट्रेनिंग कराई गई है। डॉ. स्याना ने माना कि इससे प्रक्रिया पारदर्शी होगी।
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जेम पोर्टल से होगी खरीदारी, 50 हजार से अधिक वस्तुओं की सूची है पोर्टल पर
मनमाने तरीके से नहीं पहुंचाया जा सकेगा अपनों को लाभ, पोर्टल के लिए कराई गई ट्रेनिंग