{"_id":"5a56727b4f1c1b0b198b4678","slug":"41515614843-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंदोलन की धमकी से हल्द्वानी से देहरादून तक अटकी रहीं सांसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंदोलन की धमकी से हल्द्वानी से देहरादून तक अटकी रहीं सांसें
Updated Thu, 11 Jan 2018 01:49 AM IST
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हल्द्वानी। प्रकाश पांडे के घर वालों की मांग से प्रशासन तो परेशान था ही, देहरादून से भी शासन की नजरें हल्द्वानी की ओर ही टिकी थीं। अफसरों से पल-पल की जानकारी ली जा रही थीं। खुफिया अधिकारियों ने चेताया था कि प्रकाश पांडे की मौत को लेकर बवाल हो सकता है। इसी कारण एसएसपी ने उच्चाधिकारियों को जानकारी देने के बाद अतिरिक्त फोर्स मंगाया था।
ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे की मौत के बाद मंगलवार से ही जिलाधिकारी और एसएसपी से लगातार देहरादून के वरिष्ठ अधिकारी और सत्ता पक्ष के नेताओं के संपर्क में थे। एडीजी कानून व्यवस्था से लेकर डीजीपी तक डीआईजी, एसएसपी और एसपी से पूछताछ कर रहे थे। जिला प्रशासन को अंदेशा था कि कांग्रेस के समर्थन से शहर में बवाल हो सकता है लेकिन बुधवार को कांग्रेस का रुख देखने के बाद पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली। ट्रांसपोर्टर प्रकाश के परिवार के गम में शरीक होने के लिए बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता आए थे। भीड़ के बीच कुछ लोग शव सड़क पर रखने और चक्काजाम के लिए दबाव बना रहे थे। डीएम और एसएसपी शांति पूर्वक समस्या का समाधान चाहते थे। सत्ता पक्ष के नेता भी परेशान थे कि कहीं मंत्री को लेकर फिर समस्या न खड़ी हो जाए क्योंकि मंत्री के सामने एक व्यवसायी ने जहर खाया था। देहरादून से भी उच्चाधिकारी बवाल को टालने के लिए दबाव बनाए हुए थे। इधर मुख्यमंत्री कार्यालय खुफिया एजेंसियों से जानकारी ले रहा था।
काम आई बंद कमरे की मंत्रणा
प्रकाश पांडे के परिजनों की मांगों पर डीएम और एसएसपी को लग रहा था कि यदि समाधान नहीं निकला तो हंगामा हो सकता है। इसके बाद दोनों अधिकारी नौ बजकर 40 मिनट पर पड़ोसी जगदीश चंद्र लोहनी के घर पहुंचे। वहां नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश और मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला को भी बुलाया गया। चारों ने 75 मिनट तक मंत्रणा की। डीएम ने मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव से घटना से अवगत कराया।
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बाजार में तैनात रही पुलिस
किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बाजार में पुलिस तैनात रही। पुलिस फोर्स को ट्रांसपोर्ट नगर, मंगलपड़ाव, रेलवे बाजार, पटेल चौक में तैनात किया गया था। शवयात्रा के लिए पनचक्की रोड पर पुलिस ने भारी वाहनों को रोक दिया था। इस कारण वाहनों की कतारें लग गई थी।
शव यात्रा में शामिल हुए डीएम और एसएसपी
परिवार के लोग शव को लेकर सड़क पर आए तो प्रशासन ने रानीबाग जाने के लिए ट्रक मुहैया कराया। शव यात्रा में जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी, एसएसपी जन्मेजय खंडूरी के अलावा, भाजपा, कांग्रेस के अलावा उक्रांद के नेता मौजूद थे। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सड़क की एक लेन को खाली करा दिया था।
भाई और बेटे ने दी मुखाग्नि
ट्रांसपोर्टर प्रकाश का अंतिम संस्कार रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर हुआ। उनके भाई ललित पांडे और बेटे मोहित ने मुखाग्नि दी। बेटे के चेहरे को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें डबडबा गई।
टाइम लाइन
मंगलवार रात
2: 35 प्रकाश पांडे का शव देहरादून की पुलिस लेकर आई
2:50 सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय और एडीएम वित्त और राजस्व बीएल फिरमाल भी पहुंचे
बुधवार
7:00 सुबह एडीएम सिटी हरबीर सिंह और सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल पहुंचे
7:15 परिजनों ने पत्नी को नौकरी और आर्थिक सहायता देने की मांग उठायी। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी
8:30 आंदोलन की बात की जानकारी मिलने पर डीएम एसएसपी और मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला पहुंचे
8:40 नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश अपने बेटे सुमित हृदयेश के साथ पहुंची
8:45 अधिकारियों ने परिजनों की मांग को सुना। काफी देर तक उच्चाधिकारियों को सूचना देते रहे
9:40 प्रकाश पांडे के पड़ोसी के मकान में डीएम एसएसपी, नेता प्रतिपक्ष और मेयर आपसी विचार विमर्श करने गए
10:15 प्रकाश के बहनोई उमेश मेलकानी और अन्य रिश्तेदारों ने शव सड़क पर रखकर आंदोलन की चेतावनी दी
10:18 मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला ने समस्या के समाधान के लिए आधे घंटे का समय मांगा
10:55 नेता प्रतिपक्ष कमरे से बाहर निकली। मांगे पूरी होने के बारे में जानकारी दी
11:00 जिलाधिकारी ने परिजनों के बीच जाकर सहायता की घोषणा की
11:56 प्रकाश पांडे की शवयात्रा घर से निकली
12:25 शव चित्रशिला घाट पर ट्रक से पहुंचा
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ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे की मौत के बाद मंगलवार से ही जिलाधिकारी और एसएसपी से लगातार देहरादून के वरिष्ठ अधिकारी और सत्ता पक्ष के नेताओं के संपर्क में थे। एडीजी कानून व्यवस्था से लेकर डीजीपी तक डीआईजी, एसएसपी और एसपी से पूछताछ कर रहे थे। जिला प्रशासन को अंदेशा था कि कांग्रेस के समर्थन से शहर में बवाल हो सकता है लेकिन बुधवार को कांग्रेस का रुख देखने के बाद पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली। ट्रांसपोर्टर प्रकाश के परिवार के गम में शरीक होने के लिए बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता आए थे। भीड़ के बीच कुछ लोग शव सड़क पर रखने और चक्काजाम के लिए दबाव बना रहे थे। डीएम और एसएसपी शांति पूर्वक समस्या का समाधान चाहते थे। सत्ता पक्ष के नेता भी परेशान थे कि कहीं मंत्री को लेकर फिर समस्या न खड़ी हो जाए क्योंकि मंत्री के सामने एक व्यवसायी ने जहर खाया था। देहरादून से भी उच्चाधिकारी बवाल को टालने के लिए दबाव बनाए हुए थे। इधर मुख्यमंत्री कार्यालय खुफिया एजेंसियों से जानकारी ले रहा था।
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काम आई बंद कमरे की मंत्रणा
प्रकाश पांडे के परिजनों की मांगों पर डीएम और एसएसपी को लग रहा था कि यदि समाधान नहीं निकला तो हंगामा हो सकता है। इसके बाद दोनों अधिकारी नौ बजकर 40 मिनट पर पड़ोसी जगदीश चंद्र लोहनी के घर पहुंचे। वहां नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश और मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला को भी बुलाया गया। चारों ने 75 मिनट तक मंत्रणा की। डीएम ने मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव से घटना से अवगत कराया।
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बाजार में तैनात रही पुलिस
किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बाजार में पुलिस तैनात रही। पुलिस फोर्स को ट्रांसपोर्ट नगर, मंगलपड़ाव, रेलवे बाजार, पटेल चौक में तैनात किया गया था। शवयात्रा के लिए पनचक्की रोड पर पुलिस ने भारी वाहनों को रोक दिया था। इस कारण वाहनों की कतारें लग गई थी।
शव यात्रा में शामिल हुए डीएम और एसएसपी
परिवार के लोग शव को लेकर सड़क पर आए तो प्रशासन ने रानीबाग जाने के लिए ट्रक मुहैया कराया। शव यात्रा में जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी, एसएसपी जन्मेजय खंडूरी के अलावा, भाजपा, कांग्रेस के अलावा उक्रांद के नेता मौजूद थे। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सड़क की एक लेन को खाली करा दिया था।
भाई और बेटे ने दी मुखाग्नि
ट्रांसपोर्टर प्रकाश का अंतिम संस्कार रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर हुआ। उनके भाई ललित पांडे और बेटे मोहित ने मुखाग्नि दी। बेटे के चेहरे को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें डबडबा गई।
टाइम लाइन
मंगलवार रात
2: 35 प्रकाश पांडे का शव देहरादून की पुलिस लेकर आई
2:50 सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय और एडीएम वित्त और राजस्व बीएल फिरमाल भी पहुंचे
बुधवार
7:00 सुबह एडीएम सिटी हरबीर सिंह और सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल पहुंचे
7:15 परिजनों ने पत्नी को नौकरी और आर्थिक सहायता देने की मांग उठायी। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी
8:30 आंदोलन की बात की जानकारी मिलने पर डीएम एसएसपी और मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला पहुंचे
8:40 नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश अपने बेटे सुमित हृदयेश के साथ पहुंची
8:45 अधिकारियों ने परिजनों की मांग को सुना। काफी देर तक उच्चाधिकारियों को सूचना देते रहे
9:40 प्रकाश पांडे के पड़ोसी के मकान में डीएम एसएसपी, नेता प्रतिपक्ष और मेयर आपसी विचार विमर्श करने गए
10:15 प्रकाश के बहनोई उमेश मेलकानी और अन्य रिश्तेदारों ने शव सड़क पर रखकर आंदोलन की चेतावनी दी
10:18 मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला ने समस्या के समाधान के लिए आधे घंटे का समय मांगा
10:55 नेता प्रतिपक्ष कमरे से बाहर निकली। मांगे पूरी होने के बारे में जानकारी दी
11:00 जिलाधिकारी ने परिजनों के बीच जाकर सहायता की घोषणा की
11:56 प्रकाश पांडे की शवयात्रा घर से निकली
12:25 शव चित्रशिला घाट पर ट्रक से पहुंचा