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लाखों खर्चने के बाद नतीजा शून्य, अब पुरानी सड़क को करने लगे ठीक
Updated Fri, 17 Nov 2017 01:50 AM IST
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बेतालघाट। बेतालघाट-ओखलढूंगा मार्ग के चौड़ीकरण के नाम पर लाखों रुपये खर्च करने के बाद विभाग ने अब चौड़ीकरण के बजाए पुरानी सड़क को ही सुधारने का फैसला लिया है।
एक साल से इस सड़क पर जीप, छोटी बसें चल रही थी। इस रूट पर रोडवेज बस चलाने के लिए खौला नामक स्थान पर सड़क का चौड़ीकरण होना था। स्थानीय लोगों ने विभागीय अधिकारियों से उक्त स्थान पर सड़क के नीचे की ओर से दीवार बनाकर सड़क चौड़ी करवाने की मांग की लेकिन विभागीय अधिकारियों ने दीवार बनाने के बजाए खौला में पहाड़ी को काटने का काम शुरू किया जो दो माह से ठप है। इसके लिए कभी जेसीबी की खराबी तो कभी मजदूरों की कमी बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने पोकलेन से पहाड़ को काटने का विरोध भी किया था लेकिन विभागीय अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी। चूंकि पहाड़ को काटने के काम में ज्यादा वक्त लग रहा है, लिहाजा अब विभाग ने पहाड़ काटने का काम बंद कर दिया है। शासन, प्रशासन के दबाव के चलते अब लोनिवि के अधिकारी अब पुरानी सड़क को ठीक कराने में जुट गए हैं। लोगों का कहना है कि इस प्रकरण में विभाग ने पहाड़ी का कटान करने वाले ठेकेदार को लाभ पहुंचाया है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है।
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एक साल से इस सड़क पर जीप, छोटी बसें चल रही थी। इस रूट पर रोडवेज बस चलाने के लिए खौला नामक स्थान पर सड़क का चौड़ीकरण होना था। स्थानीय लोगों ने विभागीय अधिकारियों से उक्त स्थान पर सड़क के नीचे की ओर से दीवार बनाकर सड़क चौड़ी करवाने की मांग की लेकिन विभागीय अधिकारियों ने दीवार बनाने के बजाए खौला में पहाड़ी को काटने का काम शुरू किया जो दो माह से ठप है। इसके लिए कभी जेसीबी की खराबी तो कभी मजदूरों की कमी बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने पोकलेन से पहाड़ को काटने का विरोध भी किया था लेकिन विभागीय अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी। चूंकि पहाड़ को काटने के काम में ज्यादा वक्त लग रहा है, लिहाजा अब विभाग ने पहाड़ काटने का काम बंद कर दिया है। शासन, प्रशासन के दबाव के चलते अब लोनिवि के अधिकारी अब पुरानी सड़क को ठीक कराने में जुट गए हैं। लोगों का कहना है कि इस प्रकरण में विभाग ने पहाड़ी का कटान करने वाले ठेकेदार को लाभ पहुंचाया है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है।
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