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28 बसों के पहिये जाम
ब्यूरो/अमर उजाला,हल्द्वानी
Updated Sun, 10 May 2015 02:03 AM IST
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पर्यटन सीजन की तैयारियों को लेकर लाख दावे किए जाते हैं, पर असल सच्चाई क्या है रोडवेज के हाल को देखकर समझा जा सकता है। रोडवेज के हल्द्वानी, काठगोदाम डिपो से लेकर जेएनयूआरएम की बसों का बेड़ा खराब पड़ा है। यात्री परेशान हैं। अब दावा किया जा रहा है कि खराब बसों को दुरुस्त करने के लिए पार्ट्स आदि आ गए हैं, जल्द बसें सड़क पर दौड़ने लगेंगी।
रोडवेज अधिकारी यूं तो आय कम होने का रोना रोते रहते हैं, पर जब आय अर्जित करने का समय मसलन पर्यटन सीजन आता है, तो उनकी तैयारी ही आड़े आ जाती है। स्थिति यह है कि जेएनयूआरएम जिसको इंटर सिटी से लेकर दूसरे शहरों तक दौड़ाया जा रहा है, उसमें करीब 12 बसों का बेड़ा ‘बीमार’ पड़ा है।
काठगोदाम डिपो के हाल भी कमोबेश ऐसे ही हैं। इस डिपो की 12 बस खराब होकर डिपो में धूल खा रही हैं। बात अगर हल्द्वानी डिपो की करें, तो इसकी स्थिति कुछ बेहतर हैं। इनके बेड़े में करीब चार बसें खराब पड़ी हैं। इसमें से अधिकांश बसों का ब्रेक डाउन होने के कारण पार्ट्स नहीं मिले है। काफी समय से खड़ी इन बसों के बारे में पूछने पर अधिकारी ‘किसने जानकारी’ देने का ही सवाल दाग देते हैं। बहरहाल, अब दावा किया जा रहा है कि पार्ट्स को लेकर सारी दिक्कत दूर हो गई है। आरएम तकनीकी लेखराज के अनुसार जिन कंपनियों का पार्ट्स संबंधी भुगतान लंबित था, उनको भुगतान कर दिया गया है। जल्द पार्ट्स मिल जाएंगे जिसके बाद बसों को ठीक कर लिया जाएगा।
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रोडवेज अधिकारी यूं तो आय कम होने का रोना रोते रहते हैं, पर जब आय अर्जित करने का समय मसलन पर्यटन सीजन आता है, तो उनकी तैयारी ही आड़े आ जाती है। स्थिति यह है कि जेएनयूआरएम जिसको इंटर सिटी से लेकर दूसरे शहरों तक दौड़ाया जा रहा है, उसमें करीब 12 बसों का बेड़ा ‘बीमार’ पड़ा है।
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काठगोदाम डिपो के हाल भी कमोबेश ऐसे ही हैं। इस डिपो की 12 बस खराब होकर डिपो में धूल खा रही हैं। बात अगर हल्द्वानी डिपो की करें, तो इसकी स्थिति कुछ बेहतर हैं। इनके बेड़े में करीब चार बसें खराब पड़ी हैं। इसमें से अधिकांश बसों का ब्रेक डाउन होने के कारण पार्ट्स नहीं मिले है। काफी समय से खड़ी इन बसों के बारे में पूछने पर अधिकारी ‘किसने जानकारी’ देने का ही सवाल दाग देते हैं। बहरहाल, अब दावा किया जा रहा है कि पार्ट्स को लेकर सारी दिक्कत दूर हो गई है। आरएम तकनीकी लेखराज के अनुसार जिन कंपनियों का पार्ट्स संबंधी भुगतान लंबित था, उनको भुगतान कर दिया गया है। जल्द पार्ट्स मिल जाएंगे जिसके बाद बसों को ठीक कर लिया जाएगा।
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