{"_id":"5b675d6c4f1c1b05468b61cb","slug":"201533500780-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसटीएच में होगा आंखों का प्रत्यारोपण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसटीएच में होगा आंखों का प्रत्यारोपण
Updated Mon, 06 Aug 2018 01:56 AM IST
विज्ञापन
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में नेत्र प्रत्यारोपण (कार्निया ट्रांसप्लांट) हो सकेगा। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार आई बैंक खोलने के साथ नेत्र प्रत्यारोपण की भी तैयारी की जा रही है। नेत्र प्रत्यारोपण के लिए राज्य सरकार से लाइसेंस की जरूरत होती है, जिसके लिए आवेदन कर दिया गया है।
सुशीला तिवारी अस्पताल में आई बैंक की स्थापना की काम चल रहा है। आई बैंक स्थापित होने के बाद नेत्रदान को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही नेत्रों (कार्निया) को दूसरे अस्पतालों को भी नेत्र प्रत्यारोपण के लिए दिया जा सकेगा। आईबैंक की स्थापना के साथ-साथ अस्पताल प्रबंधन नेत्र प्रत्यारोपण की भी तैयारी कर रहा है। मंशा है कि रोगियों में नेत्र प्रत्यारोपण के लिए भी दिल्ली समेत दूसरी जगहों पर न जाना पड़े। अस्पताल में ही नेत्र प्रत्यारोपण हो जाए। नेत्र रोग विभाग ने आईबैंक के साथ-सा आई ट्रांसप्लांट के लिए राज्य सरकार में लाइसेंस के लिए आवेदन भी कर दिया है। नेत्र रोग विभाग के अधिकारियों के नेत्र प्रत्यारोपण की सर्जरी के लिए आवश्यक सुविधा जुटाने का भी काम चल रहा है।
पहला अस्पताल होगा
हल्द्वानी। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. जीएस तितियाल के अनुसार राज्य में पहला सरकारी आईबैंक होगा, जो कि सुशीला तिवारी अस्पताल में खुलेगा।
आईबैंक स्थापित करने का काम अंतिम चरण में है। बस एक मशीन (स्पेकुलर माइक्रोस्कोप) की और जरूरत है, जिसकी व्यवस्था की जा रही है। जल्द आईबैंक काम करने लगेगा। आईबैंक के साथ-साथ आई ट्रांसप्लांट की भी सुविधा विकसित करने की योजना है। आई बैंक और आई ट्रांसप्लांट की सुविधा होने से कई लोगों को देखने की क्षमता विकसित हो सकेगी।
विज्ञापन
-डॉ. गोविंद सिंह तितियाल, नेत्र रोग विभागाध्यक्ष, सुशीला तिवारी अस्पताल
विज्ञापन
सुशीला तिवारी अस्पताल में आई बैंक की स्थापना की काम चल रहा है। आई बैंक स्थापित होने के बाद नेत्रदान को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही नेत्रों (कार्निया) को दूसरे अस्पतालों को भी नेत्र प्रत्यारोपण के लिए दिया जा सकेगा। आईबैंक की स्थापना के साथ-साथ अस्पताल प्रबंधन नेत्र प्रत्यारोपण की भी तैयारी कर रहा है। मंशा है कि रोगियों में नेत्र प्रत्यारोपण के लिए भी दिल्ली समेत दूसरी जगहों पर न जाना पड़े। अस्पताल में ही नेत्र प्रत्यारोपण हो जाए। नेत्र रोग विभाग ने आईबैंक के साथ-सा आई ट्रांसप्लांट के लिए राज्य सरकार में लाइसेंस के लिए आवेदन भी कर दिया है। नेत्र रोग विभाग के अधिकारियों के नेत्र प्रत्यारोपण की सर्जरी के लिए आवश्यक सुविधा जुटाने का भी काम चल रहा है।
विज्ञापन
पहला अस्पताल होगा
हल्द्वानी। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. जीएस तितियाल के अनुसार राज्य में पहला सरकारी आईबैंक होगा, जो कि सुशीला तिवारी अस्पताल में खुलेगा।
आईबैंक स्थापित करने का काम अंतिम चरण में है। बस एक मशीन (स्पेकुलर माइक्रोस्कोप) की और जरूरत है, जिसकी व्यवस्था की जा रही है। जल्द आईबैंक काम करने लगेगा। आईबैंक के साथ-साथ आई ट्रांसप्लांट की भी सुविधा विकसित करने की योजना है। आई बैंक और आई ट्रांसप्लांट की सुविधा होने से कई लोगों को देखने की क्षमता विकसित हो सकेगी।
विज्ञापन
-डॉ. गोविंद सिंह तितियाल, नेत्र रोग विभागाध्यक्ष, सुशीला तिवारी अस्पताल