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कुमाऊं के 10 लाख परिवारों को मिलेगा फायदा
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kisan samman nidhi
- फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। जीएसटी काउंसिल के फैसलों से मध्य वर्ग के लाखों लोगों को फायदा मिलेगा। घर खरीदने पर अब कम कर देना होगा। कुमाऊं के शहरों में पहले के मुकाबले सस्ते मकान मिलेंगे।
जीएसटी काउंसिल की रविवार को हुई 33वीं बैठक में रियल एस्टेट सेक्टर को लेकर दो फैसले किए गए। बैठक में सस्ते मकानों पर जीएसटी एक प्रतिशत और नॉन एफोर्डेबल मकानों पर पांच प्रतिशत दरें तय की गई हैं। नया नियम एक अप्रैल से लागू हो जाएगा। सस्ते मकानों की खरीद पर जीएसटी कम होने से कुमाऊं के हल्द्वानी, रुद्रपुर, काशीपुर, बाजपुर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रानीखेत, द्वाराहाट समेत शहरों में मकान सस्ते हो जाएंगे। इससे कुमाऊं के करीब 10 लाख परिवारों को फायदा पहुंचेगा। जीएसटी काउंसिल की बैठक में तय किया गया कि ऐसे आवासीय भवन जो मेट्रो सिटी में हों, जिनका कवर्ड एरिया 60 वर्ग मीटर हो और ऐसे आवासीय भवन जो मेट्रो सिटी से बाहर हों और जिसका कवर्ड एरिया 90 वर्ग मीटर हों वे सभी भवन एफोर्डेबल घरों की श्रेणी में आएंगे। यह शर्त भी रखी गई है कि इस प्रकार के आवासीय भवनों का मूल्य 40 लाख रुपये से अधिक न हो।
कुमाऊं के 10 लाख परिवारों को मिलेगा फायदा
सस्ते मकानों पर एक प्रतिशत हुई जीएसटी
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जीएसटी काउंसिल की रविवार को हुई 33वीं बैठक में रियल एस्टेट सेक्टर को लेकर दो फैसले किए गए। बैठक में सस्ते मकानों पर जीएसटी एक प्रतिशत और नॉन एफोर्डेबल मकानों पर पांच प्रतिशत दरें तय की गई हैं। नया नियम एक अप्रैल से लागू हो जाएगा। सस्ते मकानों की खरीद पर जीएसटी कम होने से कुमाऊं के हल्द्वानी, रुद्रपुर, काशीपुर, बाजपुर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रानीखेत, द्वाराहाट समेत शहरों में मकान सस्ते हो जाएंगे। इससे कुमाऊं के करीब 10 लाख परिवारों को फायदा पहुंचेगा। जीएसटी काउंसिल की बैठक में तय किया गया कि ऐसे आवासीय भवन जो मेट्रो सिटी में हों, जिनका कवर्ड एरिया 60 वर्ग मीटर हो और ऐसे आवासीय भवन जो मेट्रो सिटी से बाहर हों और जिसका कवर्ड एरिया 90 वर्ग मीटर हों वे सभी भवन एफोर्डेबल घरों की श्रेणी में आएंगे। यह शर्त भी रखी गई है कि इस प्रकार के आवासीय भवनों का मूल्य 40 लाख रुपये से अधिक न हो।
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कुमाऊं के 10 लाख परिवारों को मिलेगा फायदा
सस्ते मकानों पर एक प्रतिशत हुई जीएसटी