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जमरानी बांध की भूमि हस्तांरण की प्रक्रिया बढ़ी
Updated Sun, 03 Dec 2017 01:46 AM IST
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हल्द्वानी। जमरानी बांध को लेकर कागजों में ही सही लेकिन फाइल हिलती दिख रही है। केंद्रीय वन्य एवं पर्यावरण मंत्रालय से जमीन हस्तांतरण को लेकर वन विभाग के अधिकारियों ने भी जमरानी का जायजा लिया था। माना जा रहा है कि शहर के कई नेता जमरानी बांध को लेकर जद्दोजेहद में जुटे हुए हैं।
जमरानी बांध आज से चार दशक पूर्व प्रस्तावित हुआ था। तब से लेकर आज तक हर चुनाव में सभी राजनीतिक दलों ने इसको मुद्दा बनाया लेकिन यह मुद्दा ही रह गया। इधर उप्र, उत्तराखंड व केंद्र सरकार में भाजपा की सरकार होने के बाद जमरानी बांध बनने की उम्मीद जागी है। जमरानी को लेकर कागजी कार्रवाई भी तेज हो गई है। सूत्रों की माने तो जमरानी बांध के लिए दोगुनी भूमि देने के लिए खोजबीन शुरू हो गई है। वहीं वन भूमि हस्तांतरण को लेकर पिछले माह हल्द्वानी में आए प्रमुख वन्य जीव प्रतिपालक दिग्विजय सिंह खाती ने भी इसका दौरा किया था। इधर तब से सिर्फ कागजों में ही फाइल दौड़ रही है। जिसके बाद उम्मीद जगी है कि यदि केंद्रीय वन्य एवं पर्यावरण मंत्रालय से भूमि हस्तांतरण को हरी झंडी मिलती है तो चार दशकों से लटका मामला बढ़ सकता है।
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जमरानी बांध आज से चार दशक पूर्व प्रस्तावित हुआ था। तब से लेकर आज तक हर चुनाव में सभी राजनीतिक दलों ने इसको मुद्दा बनाया लेकिन यह मुद्दा ही रह गया। इधर उप्र, उत्तराखंड व केंद्र सरकार में भाजपा की सरकार होने के बाद जमरानी बांध बनने की उम्मीद जागी है। जमरानी को लेकर कागजी कार्रवाई भी तेज हो गई है। सूत्रों की माने तो जमरानी बांध के लिए दोगुनी भूमि देने के लिए खोजबीन शुरू हो गई है। वहीं वन भूमि हस्तांतरण को लेकर पिछले माह हल्द्वानी में आए प्रमुख वन्य जीव प्रतिपालक दिग्विजय सिंह खाती ने भी इसका दौरा किया था। इधर तब से सिर्फ कागजों में ही फाइल दौड़ रही है। जिसके बाद उम्मीद जगी है कि यदि केंद्रीय वन्य एवं पर्यावरण मंत्रालय से भूमि हस्तांतरण को हरी झंडी मिलती है तो चार दशकों से लटका मामला बढ़ सकता है।
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