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पति, सास, जेठ और जेठानी को दस-दस साल कैद
Updated Thu, 07 Sep 2017 02:32 AM IST
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नैनीताल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमकुम रानी की अदालत से बुधवार को दहेज हत्या के आरोपी पति, सास, जेठ व जेठानी को 10-10 वर्ष के कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
न्यायालय को बताया गया कि ग्राम अमोड़ा पट्टी अमगढ़ी रामनगर निवासी कमला देवी ने अमगढ़ी स्थित राजस्व चौकी में मामला दर्ज कराते हुए कहा था कि फरवरी 2011 में उसने अपनी पुत्री नीरू का विवाह अमगढ़ी रामनगर निवासी लालू नाथ के साथ किया। विवाह के बाद से ही पति समेत सास चनुली देवी, जेठ कुंदन और जेठानी इंदू देवी ने उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया। उत्पीड़न से परेशान होकर नीरू कई बार मायके चली गई लेकिन मायके वालों ने उसे समझाकर फिर ससुराल भेज दिया। राजस्व पुलिस को बताया गया कि अगस्त 2014 में उन्हें अपनी बेटी नीरू की मौत की सूचना मिली।
वादी के अनुसार ससुरालियों का कहना था कि नीरू ने आत्महत्या की है। लेकिन मायके वालों का आरोप था कि ससुरालियों ने उसकी जहर देकर हत्या की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण शरीर में जहर होना पाया गया। न्यायालय में चली कार्रवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 10 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश कुमकुम रानी ने चारो आरोपियों को दहेज हत्या का दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष के कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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न्यायालय को बताया गया कि ग्राम अमोड़ा पट्टी अमगढ़ी रामनगर निवासी कमला देवी ने अमगढ़ी स्थित राजस्व चौकी में मामला दर्ज कराते हुए कहा था कि फरवरी 2011 में उसने अपनी पुत्री नीरू का विवाह अमगढ़ी रामनगर निवासी लालू नाथ के साथ किया। विवाह के बाद से ही पति समेत सास चनुली देवी, जेठ कुंदन और जेठानी इंदू देवी ने उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया। उत्पीड़न से परेशान होकर नीरू कई बार मायके चली गई लेकिन मायके वालों ने उसे समझाकर फिर ससुराल भेज दिया। राजस्व पुलिस को बताया गया कि अगस्त 2014 में उन्हें अपनी बेटी नीरू की मौत की सूचना मिली।
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वादी के अनुसार ससुरालियों का कहना था कि नीरू ने आत्महत्या की है। लेकिन मायके वालों का आरोप था कि ससुरालियों ने उसकी जहर देकर हत्या की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण शरीर में जहर होना पाया गया। न्यायालय में चली कार्रवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 10 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश कुमकुम रानी ने चारो आरोपियों को दहेज हत्या का दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष के कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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