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अब हर हफ्ते पशु क्लीनिकों पर होगी छापेमारी
Updated Thu, 07 Sep 2017 02:32 AM IST
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हल्द्वानी। पशु चिकित्सालयों में तैनात पशु डॉक्टरों निजी प्रैक्टिस को विभाग ने गंभीरता से लिया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने निजी प्रैक्टिस कर रहे तीनों पशु चिकित्सकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। एक टीम का गठन किया है जो हर हफ्ते जिले की अलग-अलग पशु क्लीनिकों में छापामारी करेगी।
रामपुर रोड पर अग्रवाल पैट केयर क्लीनिक, ऊंचापुल में एलाइस हास्पिटल फॉर एनिमल और शीशमहल में पैट लाइफ केयर प्वाइंट में सरकारी पशु चिकित्सालयों में तैनात पशु चिकित्सक निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं। इस खबर को अमर उजाला ने बुधवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इन पशु चिकित्सकों के खिलाफ यह भी शिकायत है कि उनकी तैनाती हल्द्वानी से बाहर की है और ये सभी अपने नियुक्ति क्षेत्र के आठ किलोमीटर के दायरे से बाहर रहते हुए प्रेक्टिस कर रहे हैं। नियम यह कहता है कि नियुक्ति क्षेत्र छोड़ने से पहले उच्च अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी। मुख्य चिकित्साधिकारी का कहना था कि उनसे किसी ने कोई अनुमति नहीं ली है। बुधवार को खबर को संज्ञान लेते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पीएस भंडारी ने तीनों पशु चिकित्सक दिनेश चंद्र तिवारी, अनुज अग्रवाल, हिमांशु धर्मसक्तू को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि इनकी जांच भी की जा रही है। इसके अलावा एक टीम का गठन किया है जो हर हफ्ते जिले की पशु क्लीनिकों पर छापामारी कर पशु चिकित्सक की हाजिरी, निजी प्रैक्टिस की शिकायतें आदि की जांच करेगी।
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रामपुर रोड पर अग्रवाल पैट केयर क्लीनिक, ऊंचापुल में एलाइस हास्पिटल फॉर एनिमल और शीशमहल में पैट लाइफ केयर प्वाइंट में सरकारी पशु चिकित्सालयों में तैनात पशु चिकित्सक निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं। इस खबर को अमर उजाला ने बुधवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इन पशु चिकित्सकों के खिलाफ यह भी शिकायत है कि उनकी तैनाती हल्द्वानी से बाहर की है और ये सभी अपने नियुक्ति क्षेत्र के आठ किलोमीटर के दायरे से बाहर रहते हुए प्रेक्टिस कर रहे हैं। नियम यह कहता है कि नियुक्ति क्षेत्र छोड़ने से पहले उच्च अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी। मुख्य चिकित्साधिकारी का कहना था कि उनसे किसी ने कोई अनुमति नहीं ली है। बुधवार को खबर को संज्ञान लेते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पीएस भंडारी ने तीनों पशु चिकित्सक दिनेश चंद्र तिवारी, अनुज अग्रवाल, हिमांशु धर्मसक्तू को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि इनकी जांच भी की जा रही है। इसके अलावा एक टीम का गठन किया है जो हर हफ्ते जिले की पशु क्लीनिकों पर छापामारी कर पशु चिकित्सक की हाजिरी, निजी प्रैक्टिस की शिकायतें आदि की जांच करेगी।
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