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बिना नैक निरीक्षण के कॉलेजों को नहीं मिलेगा अनुदान
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हल्द्वानी। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) उत्तराखंड की नोडल अधिकारी और उच्चशिक्षा उपनिदेशक डॉ. हर्षवंती बिष्ट ने कहा कि राज्य में 102 राजकीय महाविद्यालयों में से सिर्फ 13 को नैक की मान्यता होना शर्मनाक है। इस पर प्राचार्यों को मंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि महाविद्यालय को नैक मान्यता के लिए निरीक्षण कराना अनिवार्य है तभी सरकारी अनुदान मिल सकेगा।
बुधवार को रूसा की ओर से एमबीपीजी कॉलेज के सभागार में नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर के राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों की कार्यशाला में उन्होंने कहा कि मौजूदा संसाधनों को बेहतर कर हमें नैक प्रत्यायन में ए ग्रेडिंग हासिल करने के प्रयास करने चाहिए। कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए उच्चशिक्षा निदेशक डॉ. बीसी मेलकानी ने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता के प्रयास के लिए संसाधनों का अभाव नहीं होने दिया जाएगा। उत्तराखंड नैक कमेटी के संदर्भदाता डॉ. सीडी सूंठा, गढ़वाल विवि के पूर्व कुलपति डॉ. एमएसएम रावत, एमबी की प्राचार्य डॉ. रेखा पांडे ने भी विचार रखे। संचालन डॉ. विनय विद्यालंकार ने किया। डॉ. बीआर पंत ने आभार जताया।
तीन-तीन कालेज दिए गोद
हल्द्वानी। नोडल अधिकारी ने नैक की मान्यता की तैयारी के लिए महाविद्यालयों को तीन से चार कॉलेजों की जिम्मेदारी सौंपी है। रामनगर महाविद्यालय को कोटाबाग, मालधनचौड़, बाजपुर जबकि महिला महाविद्यालय हल्द्वानी को हल्दूचौड़, दोषापानी और पतलोट की जिम्मेदारी दी गई। लोहाघाट को चंपावत, अमोड़ी, टनकपुर और देवीधुरा कालेज की जिम्मेदारी दी गई। इसी तरह रुद्रपुर कालेज को बनबसा, सितारगंज, बेतालघाट दिए गए हैं। एमबीपीजी कॉलेज, काशीपुर और खटीमा कालेज को छह माह के भीतर नैक का निरीक्षण कराना होगा।
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रूसा की कार्यशाला में प्रदेश की नोडल अधिकारी डॉ. हर्षवंती ने किया एलान
102 में से सिर्फ 13 कॉलेजों को नैक की मान्यता को शर्मनाक बताया
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बुधवार को रूसा की ओर से एमबीपीजी कॉलेज के सभागार में नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर के राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों की कार्यशाला में उन्होंने कहा कि मौजूदा संसाधनों को बेहतर कर हमें नैक प्रत्यायन में ए ग्रेडिंग हासिल करने के प्रयास करने चाहिए। कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए उच्चशिक्षा निदेशक डॉ. बीसी मेलकानी ने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता के प्रयास के लिए संसाधनों का अभाव नहीं होने दिया जाएगा। उत्तराखंड नैक कमेटी के संदर्भदाता डॉ. सीडी सूंठा, गढ़वाल विवि के पूर्व कुलपति डॉ. एमएसएम रावत, एमबी की प्राचार्य डॉ. रेखा पांडे ने भी विचार रखे। संचालन डॉ. विनय विद्यालंकार ने किया। डॉ. बीआर पंत ने आभार जताया।
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तीन-तीन कालेज दिए गोद
हल्द्वानी। नोडल अधिकारी ने नैक की मान्यता की तैयारी के लिए महाविद्यालयों को तीन से चार कॉलेजों की जिम्मेदारी सौंपी है। रामनगर महाविद्यालय को कोटाबाग, मालधनचौड़, बाजपुर जबकि महिला महाविद्यालय हल्द्वानी को हल्दूचौड़, दोषापानी और पतलोट की जिम्मेदारी दी गई। लोहाघाट को चंपावत, अमोड़ी, टनकपुर और देवीधुरा कालेज की जिम्मेदारी दी गई। इसी तरह रुद्रपुर कालेज को बनबसा, सितारगंज, बेतालघाट दिए गए हैं। एमबीपीजी कॉलेज, काशीपुर और खटीमा कालेज को छह माह के भीतर नैक का निरीक्षण कराना होगा।
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रूसा की कार्यशाला में प्रदेश की नोडल अधिकारी डॉ. हर्षवंती ने किया एलान
102 में से सिर्फ 13 कॉलेजों को नैक की मान्यता को शर्मनाक बताया