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महाविद्यालयों में फिर शुरू होगी ऑनलाइन पढ़ाई
Updated Sun, 03 Dec 2017 02:12 AM IST
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हल्द्वानी। प्रदेश के महाविद्यालयों में विद्यार्थी अब विभिन्न उच्चशिक्षण संस्थानों के प्रोफेसरों के वीडियो लेक्चर अपने कॉलेज में सुन उससे पढ़ाई कर सकेंगे। उच्चशिक्षा विभाग सभी कॉलेजों को एजुकेशनल सैटेलाइट (एडूसैट) से जोड़ने की तैयारी कर रहा है।
उच्चशिक्षा विभाग के मुताबिक इसरो द्वारा एजुकेशनल सैटेलाइट का मुख्य कार्यालय देहरादून में स्थापित है। इसमें स्टूडियो भी है जिसमें समय-समय पर आईआईटी समेत विभिन्न उच्चशिक्षण संस्थानों के प्रोफेसरों को आमंत्रित कर उनके वीडियो लेक्चर तैयार किए जाएंगे। ये वीडियो लेक्चर विज्ञान वर्ग के छात्रों के साथ ही वाणिज्य और कला वर्ग के छात्रों के लिएभी होंगे। किस तारीख में किस विषय का वीडियो लेक्चर प्रसारित होगा, इसका मासिक कार्यक्रम तैयार कर महाविद्यालयों को भेजा जाएगा। महाविद्यालयों को एडूसैट से जोड़ने पूरा सिस्टम यानी कि छतरी आदि उपकरण लगाए जाएंगे जिन पर देहरादून स्टूडियो से प्रसारित वीडियो लेक्चर प्रसारित होगा। इसी तरह स्टूडियो से कभी-कभी विषय विशेषज्ञ प्रोफेसरों के लेक्चर सीधे प्रसारित किए जाएंगे। विद्यार्थी अपना सवाल भी पूछ सकेगा। महाविद्यालयों में अलग से एडूसैट क्लासरूम बनाया जाएगा।
चार साल से ठप पड़ी थी यह योजना
वर्ष 2010 में तत्कालीन भाजपा सरकार के समय एडूसैट योजना शुरू हुई थी। उस समय प्रदेश के करीब 28 महाविद्यालयों को इससे जोड़ा गया था। उपकरण भी लगाए गए थे। दो-तीन साल तो एडूसैट कक्षाएं सहीं चलीं लेकिन वर्ष 2013 में इसके संचालन का जिम्मा उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय को सौंप दिया। उसके बाद इस पर अधिक काम नहीं हुआ और योजना ठप हो गई। प्रभारी एडूसैट और सहायक निदेशक उच्चशिक्षा डॉ. रचना नौटियाल के अनुसार अब शासन से एडूसैट संचालन की जिम्मेदारी उच्चशिक्षा विभाग को मिलने पर इसे पटरी पर लाने की कोशिश की जा रही है। चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के सभी डिग्री कॉलेजों को जोड़ा जाएगा।
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छह डिग्री कॉलेजों में चालू है सिस्टम
प्रदेश के बेरीनाग, डाकपत्थर, गोपेश्वर, डोईवाला, ऋषिकेश, रुद्रपुर डिग्री कालेजों में एडूसैट सिस्टम चालू स्थिति में है। एमबीपीजी कालेज हल्द्वानी समेत बाकी डिग्री कालेजों में एडुसेट सिस्टम खराब पड़े हैं। जबकि महिला महाविद्यालय से तो उपकरण तक गायब हो चुके हैं।
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उच्चशिक्षा विभाग के मुताबिक इसरो द्वारा एजुकेशनल सैटेलाइट का मुख्य कार्यालय देहरादून में स्थापित है। इसमें स्टूडियो भी है जिसमें समय-समय पर आईआईटी समेत विभिन्न उच्चशिक्षण संस्थानों के प्रोफेसरों को आमंत्रित कर उनके वीडियो लेक्चर तैयार किए जाएंगे। ये वीडियो लेक्चर विज्ञान वर्ग के छात्रों के साथ ही वाणिज्य और कला वर्ग के छात्रों के लिएभी होंगे। किस तारीख में किस विषय का वीडियो लेक्चर प्रसारित होगा, इसका मासिक कार्यक्रम तैयार कर महाविद्यालयों को भेजा जाएगा। महाविद्यालयों को एडूसैट से जोड़ने पूरा सिस्टम यानी कि छतरी आदि उपकरण लगाए जाएंगे जिन पर देहरादून स्टूडियो से प्रसारित वीडियो लेक्चर प्रसारित होगा। इसी तरह स्टूडियो से कभी-कभी विषय विशेषज्ञ प्रोफेसरों के लेक्चर सीधे प्रसारित किए जाएंगे। विद्यार्थी अपना सवाल भी पूछ सकेगा। महाविद्यालयों में अलग से एडूसैट क्लासरूम बनाया जाएगा।
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चार साल से ठप पड़ी थी यह योजना
वर्ष 2010 में तत्कालीन भाजपा सरकार के समय एडूसैट योजना शुरू हुई थी। उस समय प्रदेश के करीब 28 महाविद्यालयों को इससे जोड़ा गया था। उपकरण भी लगाए गए थे। दो-तीन साल तो एडूसैट कक्षाएं सहीं चलीं लेकिन वर्ष 2013 में इसके संचालन का जिम्मा उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय को सौंप दिया। उसके बाद इस पर अधिक काम नहीं हुआ और योजना ठप हो गई। प्रभारी एडूसैट और सहायक निदेशक उच्चशिक्षा डॉ. रचना नौटियाल के अनुसार अब शासन से एडूसैट संचालन की जिम्मेदारी उच्चशिक्षा विभाग को मिलने पर इसे पटरी पर लाने की कोशिश की जा रही है। चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के सभी डिग्री कॉलेजों को जोड़ा जाएगा।
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छह डिग्री कॉलेजों में चालू है सिस्टम
प्रदेश के बेरीनाग, डाकपत्थर, गोपेश्वर, डोईवाला, ऋषिकेश, रुद्रपुर डिग्री कालेजों में एडूसैट सिस्टम चालू स्थिति में है। एमबीपीजी कालेज हल्द्वानी समेत बाकी डिग्री कालेजों में एडुसेट सिस्टम खराब पड़े हैं। जबकि महिला महाविद्यालय से तो उपकरण तक गायब हो चुके हैं।