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विकास की रफ्तार को सरकारी विभागों की ‘लंगड़ी’

Sun, 03 Dec 2017 02:11 AM IST
Updated Sun, 03 Dec 2017 02:11 AM IST
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विकास की रफ्तार को सरकारी विभागों की  ‘लंगड़ी’
prakash pant
नैनीताल। सरकार के तेज रफ्तार विकास के दावे पर सरकारी विभाग ही अड़ंगा लगाते दिख रहे हैं। हाल यह है कि आठ महीनों में कई विभाग योजना मद में आवंटित बजट का सिर्फ बीस फीसदी ही खर्च कर पाए हैं। अब बाकी के चार महीने में विभागों को करीब 80 प्रतिशत धनराशि खर्च करनी होगी। इससे घबराई सरकार ने अब विभागाध्यक्षों को भी चेतावनी जारी की है।
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नैनीताल में शनिवार को मीडिया से मुखातिब वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में 42300 करोड़ का बजट प्रावधान कर विकास कार्यों के लिए 20357 करोड़ रुपये अवमुक्त कर दिए हैं। आठ माह बीतने के बाद भी विकास कार्यों में 8247 करोड़ ही खर्च हो सके हैं इसलिए सरकार ने अब विभागों को विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विभागाध्यक्षों को चेतावनी दे दी गई है कि यदि दिसंबर अंत तक अवमुक्त बजट खर्च नहीं हुआ तो फिर सरकार शेष धनराशि चरणबद्ध ढंग से जारी करेगी।
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वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा है कि प्रदेश को 44 हजार करोड़ के कर्ज से उबारना बड़ी चुनौती है। सरकार ने इस साल विभिन्न करों और आर्थिक संसाधनों से 15 हजार करोड़ आय का लक्ष्य रखा है। वित्तीय वर्ष के पहले छमाही तक साढ़े नौ हजार करोड़ की आय प्राप्त की जा चुकी है। उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकार पर राज्य को गंभीर आर्थिक असंतुलन की ओर धकेलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हरीश रावत सरकार ने अवस्थापना मद का बजट भी वेतन भत्तों और अपने शाही व्यय में खर्च कर दिया। वर्ष 2002-03 में राज्य का कर्ज छह हजार करोड़ था जो 2006-07 में 13 हजार करोड़, 2011-12 में 22600 करोड़ हुआ था। पिछली सरकार में यह कर्ज दोगुना होकर 44 हजार करोड़ हो गया। वित्त मंत्री के मुताबिक वर्तमान में राज्य सरकार इस कर्ज को कम करने के प्रयास कर रही है और नए आर्थिक संसाधन जुटाने के साथ-साथ मितव्ययता बरती जा रही है।
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मदिरा से हरदा ब्रांड का एकाधिकार खत्म किया

एक सवाल के जवाब में वित्त मंत्री ने कहा सरकार प्रदेश में शराब को हतोत्साहित कर रही है। प्रदेश की 526 दुकानों में 17 दुकानें कम कर 509 कर दी गई हैं। मदिरा से एक ब्रांड जो पिछली सरकार में हरदा ब्रांड था का एकाधिकार समाप्त कर 43 ब्रांडों को परिचालित किया गया है जिससे आबकारी राजस्व बढ़ा है। इसके अलावा अवैध शराब की तस्करी रोककर 53 हजार लीटर शराब जब्त की है।


गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का प्रस्ताव आएगा तो विचार होगा

पंत ने कहा कि सात दिसंबर से शुरू होने जा रहे विधानसभा सत्र की तैयारी पूरी कर ली गई हैं। इस सत्र में अनुपूरक बजट पेश होगा। साथ ही आठ अन्य विधेयक पेश होने हैं। उन्होंने कहा कि इस सत्र में यदि गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का प्रस्ताव पेश होगा तो उस पर विधानसभा विचार करेगी। इस मौके पर पूर्व दर्जा मंत्री शांति मेहरा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गोपाल सिंह रावत, नगर अध्यक्ष मनोज जोशी, दया किशन पोखरिया, बालम मेहरा, भूपेंद्र सिंह बिष्ट, हरीश राणा, राजेंद्र मेहरा, प्रेम सिंह मेहरा आदि थे।
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