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आठ राज्यों में 75 लाख के कारोबारी ले सकेंगे समाधान योजना का लाभ
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जीएसटी
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हल्द्वानी। वस्तु एवं सेवा कर में पंजीकृत देश के आठ पर्वतीय राज्यों के व्यापारी 75 लाख रुपये तक के कारोबार पर समाधान योजना का लाभ ले सकते हैं। देश के दूसरे राज्यों के व्यापारियों के लिए यह सीमा 1.5 करोड़ रुपये कर दी गई है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। यह स्कीम एक अप्रैल से लागू हो जाएगी।
जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के लिए समाधान योजना शुरू किया था। पहले एक करोड़ रुपये तक कारोबार करने वाले व्यापारी ही समाधान स्कीम का लाभ ले सकते थे। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम व त्रिपुरा के व्यापारियों के लिए सालाना 75 लाख रुपये के कारोबार पर समाधान स्कीम लागू की है। इसके तहत उत्पादन, सेवा क्षेत्र और ट्रेडिंग से जुडे़ व्यापारी बिक्री का एक प्रतिशत और होटल कारोबारी पांच प्रतिशत जमा कर समाधान ले सकते हैं। कि राज्य में 1.57 लाख व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं। इनमें से 25 प्रतिशत व्यापारी समाधान योजना का लाभ लेते हैं।
राज्य के व्यापारियों के लिए 75 लाख हुई समाधान की सीमा
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने जारी किया आदेश, एक अप्रैल से लागू होगी स्कीम
इन्हें नहीं मिलेगा समाधान का लाभ
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने कई सामानों से जुडे़ व्यापारियों को समाधान स्कीम से बाहर किया है। आइसक्रीम और खाने योग्य बर्फ, चाकलेट, चाकलेट केक, पान मसाला, तंबाकू उत्पाद से जुडे़ कारोबारियों को समाधान योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
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राज्य के व्यापारियों के लिए समाधान स्कीम की सीमा 75 लाख कर दी गई है। व्यापारी एक प्रतिशत वार्षिक कर देकर योजना का लाभ ले सकते हैं।
विनय प्रकाश ओझा, सहायक आयुक्त राज्यकर, हल्द्वानी संभाग
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जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के लिए समाधान योजना शुरू किया था। पहले एक करोड़ रुपये तक कारोबार करने वाले व्यापारी ही समाधान स्कीम का लाभ ले सकते थे। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम व त्रिपुरा के व्यापारियों के लिए सालाना 75 लाख रुपये के कारोबार पर समाधान स्कीम लागू की है। इसके तहत उत्पादन, सेवा क्षेत्र और ट्रेडिंग से जुडे़ व्यापारी बिक्री का एक प्रतिशत और होटल कारोबारी पांच प्रतिशत जमा कर समाधान ले सकते हैं। कि राज्य में 1.57 लाख व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं। इनमें से 25 प्रतिशत व्यापारी समाधान योजना का लाभ लेते हैं।
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राज्य के व्यापारियों के लिए 75 लाख हुई समाधान की सीमा
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने जारी किया आदेश, एक अप्रैल से लागू होगी स्कीम
इन्हें नहीं मिलेगा समाधान का लाभ
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने कई सामानों से जुडे़ व्यापारियों को समाधान स्कीम से बाहर किया है। आइसक्रीम और खाने योग्य बर्फ, चाकलेट, चाकलेट केक, पान मसाला, तंबाकू उत्पाद से जुडे़ कारोबारियों को समाधान योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
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राज्य के व्यापारियों के लिए समाधान स्कीम की सीमा 75 लाख कर दी गई है। व्यापारी एक प्रतिशत वार्षिक कर देकर योजना का लाभ ले सकते हैं।
विनय प्रकाश ओझा, सहायक आयुक्त राज्यकर, हल्द्वानी संभाग